Latest Updates
-
संडे स्पेशल डिनर के लिए परफेक्ट है पनीर कॉर्न पुलाव, स्वाद ऐसा कि सब मांगेंगे दोबारा -
सूरज की तपिश से काला पड़ गया है चेहरा? इन 3 देसी नुस्खों से हटाएं जिद्दी सन टैन -
क्या बारिश से हुए नुकसान पर सरकार और इंश्योरेंस कंपनी से मिलता है मुआवजा? हां, तो जानें कैसे करें क्लेम? -
छोटी हाइट वाली लड़कियों पर सबसे ज्यादा जंचते हैं ये आउटफिट, दिखती हैं सुपर स्टाइलिश और लंबी -
बरसात में इन 5 लोगों को गलती से भी नहीं खाना चाहिए दही, वरना बिगड़ सकती है सेहत -
Ravi Pradosh Vrat Katha: इस कथा के बिना अधूरा है रवि प्रदोष व्रत, जानें पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और शिव आरती -
World Paper Bag Day 2026: कब और क्यों हुई पेपर बैग दिवस की शुरुआत? जानें इसका दिलचस्प इतिहास -
गलती से भी पास-पास न रखें मनी प्लांट और तुलसी का पौधा, वरना कंगाली के साथ आ जाएंगी ये 3 बड़ी मुसीबतें -
इस एक श्राप की वजह से अविवाहित कपल्स नहीं कर सकते जगन्नाथ मंदिर में दर्शन, आप भी जान लें रहस्य -
Varalakshmi Vrat के दिन लगेगा साल का आखिरी चंद्र ग्रहण, जानें क्या करें, क्या न करें और सूतक के नियम
गर्भावस्था के दौरान कौन से अंग होते हैं सबसे ज्यादा दर्द
गर्भावस्था के दौरान महिला के शरीर में कई प्रकार के बदलाव होने शुरु हो जाते हैं। कुछ तो हल्के फुलके होते हैं और कुछ ज्यादा गहरे। शरीर के अंग प्रसव के लिये तैयार होने लगते हैं और उनमें बड़ा बदलाव भी देखने को मिलता है। जहां एक ओर महिला इस बात से उत्साहित दिखती है कि अब वह कुछ ही दिनों में एक नई जान को जन्म देगी वहीं दूसरी ओर यह सब एक बड़ा सा दर्द लिये हुए आता है।
गर्भवती महिलाओं से भूल कर भी न करें ये बातें
इस लेख में आज हम आपको बताएंगे कि महिला जब गर्भावस्था के दौर से गुजरती है, तब उसके शरीर के कौन कौन से अंगों में दर्द होता है।

गर्भावस्था के दौरान कौन से अंग होते हैं सबसे ज्यादा दर्द
पीठः इस दौरान पीठ दर्द होना आम बात है। यह इसलिये होता है क्योंमिक पेट के अंदर भार होता है, जिससे वह ज्यादा आगे की ओर झुकने लगता है और पीठ मुडने लगती है। कभी कभी तो घुटने ढीले होने और मासपेशियों के कमजोर हो जाने की वजह से भी पीठ दर्द शुरु हो जाता है।
पांवः प्रेगनेंसी में मां का वजन और ज्यादा बढ जाता है जिससे पांव पर भार अधिक पडने लगता है। साथ ही हड़डियां और घुटने बढे हुए वजन को सह नहीं पाती, इसलिये पैरों का दर्द और ज्यादा बढ़ जाता है।
ब्रेस्टः इस दौरान ब्रेस्ट कडे हो जाते हैं और कुछ ही दिनों में शरीर कोलोस्ट्रम नामक द्रव भी बनाने लगता है, जो कि ब्रेस्ट का साइज बढा देता है। इसी कारण से ब्रेस्ट में दर्द होना शुरु हो जाता है।
पेट दर्द और एसिडिटीः जैसे जैसे शिशु बढ़ने लगता है, वैसे वैसे वह पेट के अंदर के अंगों को ऊपर की ओर ढकेलने लगता है, जिससे पेट में एसिडिटी बनना शुरु हो जाती है। इस समय मां को सीने में जलन और गले में खट्टी डकार आना बहुत ही आम बात होती है।



Click it and Unblock the Notifications