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जानिये “फैमिली प्लानिंग सर्जरी” से जुड़ी कुछ जरुरी बातें
क्या आप ऐसी महिला हैं जिनकी हिस्टरेक्टमी जिसे आम तौर पर “फैमिली प्लानिंग सर्जेरी” कहा जाता है, हुई है? इसके द्वारा अनचाही गर्भावस्था को रोका जा सकता है।
यदि हाँ, तो आपको हिस्टरेक्टमी से संबंधित तथ्यों के बारे में अवश्य जानना चाहिए। समय बदल गया है अत: अधिकाँश लोग कम बच्चे ही चाहते हैं और जब वे संतुष्ट हो जाते हैं तो वे अनचाही गर्भावस्था को रोकने के लिए विभिन्न विधियों का सहारा लेते हैं।
चाहे आर्थिक कारण हो या बड़े परिवार के लिए समय नहीं दे सकना कोई भी कारण हो लोग स्थाई गर्भनिरोधकों को अपनाते हैं ताकि वे बिना किसी परेशानी के संभोग कर सकें। हिस्टरेक्टमी को फैमिली प्लानिंग सर्जरी भी कहा जाता है। यह अनचाही गर्भावस्था को रोकने का स्थाई हल हिया जिसमें महिला के गर्भाशय या गर्भाशय के कुछ भागों को सर्जरी के द्वारा निकाल दिया जाता है।
अनेक वयस्क महिलायें जिनके बच्चे हो चुके हैं तथा वे और अधिक बच्चे नहीं चाहती, ऐसी महिलाओं ने हिस्टरेक्टमी को अपनाया है। अत: यहाँ हिस्टरेक्टमी से संबंधित महत्वपूर्ण तथ्य बताए जा रहे हैं जिनके बारे में आपको अवश्य जानना चाहिए। आइए देखें:

तथ्य #1
कई बार हिस्टरेक्टमी का उपयोग गर्भाशय की गांठों और गर्भाशय के बढ़ जाने आदि समस्याओं के लिए किया जाता है केवल गर्भावस्था को रोकने के लिए नहीं।

तथ्य #2
यदि महिला गर्भाशय के कैंसर (यूट्रस कैंसर), गर्भाशय की ग्रीवा (सर्विक्स कैंसर) का कैंसर या डिम्ब ग्रंथि (ओवेरियन कैंसर) के कैंसर से पीड़ित है तो भी हिस्टरेक्टमी की जा सकती है।

तथ्य #3
अनेक लोग ऐसा मानते हैं कि केवल कैंसर से ग्रसित महिलायें ही फैमिली प्लानिंग सर्जरी करवाती हैं; हालाँकि हिस्टरेक्टमी के बारे में सच बात यह है कि एक स्वस्थ महिला भी गर्भावस्था से बचने के लिए हिस्टरेक्टमी करवा सकती है।

तथ्य #4
कुछ लोग ऐसा सोचते हैं कि केवल बुज़ुर्ग महिलाओं को ही हिस्टरेक्टमी करवानी चाहिए; हालाँकि एक वयस्क महिला जो अब बच्चे नहीं चाहती वह भी किसी भी उम्र में हिस्टरेक्टमी करवा सकती है।

तथ्य#5
हिस्टरेक्टमी के बारे में एक तथ्य यह भी है कि यह सर्जरी तब भी की जाती है जब आप एंडोमीट्रीओसिस से ग्रसित हों।

तथ्य #6
हिस्टरेक्टमी में गर्भाशय का केवल ऊपरी हिस्सा निकाला जाता है, सर्विक्स अपने स्थान पर ही रहता है।

तथ्य #7
कुल हिस्टरेक्टमी में यूट्रस (गर्भाशय) और सर्विक्स पूरी तरह निकाल दिए जाते हैं।

तथ्य #8
रेडिकल हिस्टरेक्टमी में यूट्रस, सर्विक्स तथा वजाइना का ऊपरी भाग निकाला जाता है।

तथ्य #9
रेडिकल हिस्टरेक्टमी केवल तभी की जाती है जब महिला किसी जानलेवा बीमारी जैसे कैंसर आदि से पीड़ित हो।

तथ्य #10
हिस्टरेक्टमी वजाइनल सर्जरी, पेट की सर्जरी या लेप्रोस्कोपिक सर्जरी के द्वारा की जाती है।

तथ्य #11
अनेक लोग ऐसा सोचते हैं कि हिस्टरेक्टमी के तुरंत बाद मेनोपॉज़ आ जाता है, हालाँकि ऐसा तभी होता है जब ओवरीज़ भी निकाली गयी हों।

तथ्य #12
हिस्टरेक्टमी के बारे में महिलायें ऐसा सोचती हैं कि इस सर्जरी के बाद वे कभी संभोग नहीं कर पाएंगी। हालाँकि यह पूरी तरह गलत हैं।



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