Latest Updates
-
पार्टी में जल्दी बिगड़ जाता है मेकअप? केकी और पैची लुक से बचने के लिए अपनाएं ये 5 टिप्स -
दशहरा के बाद दिल्ली की हवा हुई जहरीली, 200 के पार पहुंचा AQI, प्रदूषण से बचाव के लिए फॉलो करें ये टिप्स -
कुल्लू दशहरा में नहीं जलता रावण का पुतला, देवलोक से आते हैं देवी-देवता, जानिए क्या है सदियों पुरानी परंपरा -
Papankusha Ekadashi 2026: कब है पापांकुशा एकादशी? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि -
Navratri Ke Baad Jau Ka Kya Kare: नवरात्रि समाप्त होने के बाद उगे हुए जौ का क्या करें? जानें सही नियम और उपाय -
दीपिका पादुकोण-रणवीर सिंह ने किया दूसरी बेटी के नाम का खुलासा, दशहरे पर दिखाई पहली झलक -
Shardiya Navratri 2026 Day 8: नवरात्रि के आठवें दिन करें मां महागौरी की पूजा, जानें विधि, मंत्र, भोग और आरती -
Durga Ashtami 2026 Wishes: महागौरी की कृपा...इन संदेशों के साथ अपनों को दें दुर्गा अष्टमी की शुभकामनाएं -
सिर्फ गांठ ही नहीं, ये 5 संकेत भी हो सकते हैं ब्रेस्ट कैंसर का लक्षण, साधारण समझकर इग्नोर करने की न करें भूल -
Maha Navami 2026: 19 या 20 अक्तूबर, महानवमी कब है? जानें तिथि, हवन और कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त
क्या गर्भावस्था के दौरान एंटीबायोटिक्स लेना सुरक्षित है?
क्या आप जानते हैं कि गर्भावस्था के दौरान एंटीबायोटिक्स लेना सुरक्षित है अथवा नहीं? तो जानने के लिए पढ़ें!
क्या आप गर्भवती हैं और अपनी गर्भावस्था को लेकर चिंतित हैं? क्या आप सोचती हैं कि गर्भावस्था के दौरान एंटीबायोटिक्स लेना सुरक्षित है अथवा नहीं? यदि हाँ, तो चिंता न करें क्योंकि आपकी मदद के लिए हम हैं।
गर्भावस्था महिलाओं के जीवन का सबसे संवेदनशील चरण होता है विशेष रूप से तब जब महिला और बच्चे की सेहत की बात आती है।
अपने अन्दर बढ़ने वाले बच्चे के पोषण के लिए गर्भवती महिला के शरीर को स्वयं को तैयार करना पड़ता है और उसके बाद बच्चे के जन्म के लिए शरीर को तैयार होना पड़ता है जो कोई सरल काम नहीं है।

गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को कई अनैच्छिक लक्षणों से भी गुज़रना पड़ता है जैसे मॉर्निंग सिकनेस, पेट फूलना, कब्ज़, पीठ दर्द, वज़न बढ़ना, पानी जमा होने के कारण शरीर के कुछ भागों में सूजन आदि। शारीरिक लक्षणों के अलावा कई गर्भवती महिलाओं को मूड स्विंग्स, चिडचिडापन, तनाव आदि।
ये सब हार्मोन्स में परिवर्तन होने के कारण होता है। जैसा कि हम सब जानते हैं कि एंटीबायोटिक्स बहुत स्ट्रांग दवाईयां होती हैं जिनका उपयोग डॉक्टर की सलाह पर तब किया जाता है जब शरीर में बीमारी पैदा करने वाले सूक्ष्मजीवों के संक्रमणों (माइक्रोबियल इन्फेक्शन) से लड़ने की आवश्यकता होती है। तो आइये देखें कि गर्भावस्था के दौरान एंटीबायोटिक्स लेना सुरक्षित है अथवा नहीं।

एंटीबायोटिक्स क्या हैं?
एंटीबायोटिक्स ऐसी दवाईयां है जिनका उपयोग इंफेक्शन और बैक्टीरिया, वायरस और अन्य माइक्रोब्स (सूक्ष्म जीव) के कारण होने वाली बीमारियों के उपचार में किया जाता है जैसे वायरल फ्लू, यीस्ट इंफेक्शन, बैक्टीरियल इंफेक्शन आदि।

एंटीबायोटिक्स आपके शरीर के अन्दर जाकर बीमारी पैदा करने वाले माइक्रोब्स को या तो मारते हैं या उनकी वृद्धि को रोकते हैं और इस प्रकार बीमारियों का उपचार करते हैं। सामान्यत: एंटीबायोटिक्स कुछ निश्चित दिनों के लिए ही लिए जाते हैं। इसे बीच में कभी भी नहीं छोड़ना चाहिए नहीं तो इसका प्रभाव कम हो जाता है। एंटीबायोटिक्स में स्ट्रांग केमिकल्स होते हैं जिनके कुछ दुष्परिणाम भी होते हैं।

गर्भावस्था के दौरान एंटीबायोटिक्स
हमारी तरह ही गर्भवती महिलायें भी बीमारियों से बची नहीं रह सकती। उन्हें कभी भी वायरल फ्लू, यीस्ट इंफेक्शन या बैक्टीरिया के होने वाली बीमारियाँ हो सकती हैं और यदि इंफेक्शन बहुत अधिक हो तो एंटीबायोटिक्स की आवश्यकता भी होती है।
तो क्या गर्भवती महिलाओं के लिए एंटीबायोटिक्स का सेवन करना सुरक्षित हैं? खैर एक अध्ययन से पता चला है कि कुछ एंटीबायोटिक्स के सेवन के कारण बच्चे को जन्म के बाद अस्थमा की शिकायत हो सकती है।
तो यह बात बहुत महत्वपूर्ण है कि यदि एंटीबायोटिक्स लेने की आवश्यकता पड़े तो पहले अपने डॉक्टर से बात करें और इस बात का ध्यान रखें कि यदि इन्हें लेने की आवश्यकता पड़े तो आप इन्हें कम मात्रा में लें। ऐसा विश्वास है कि गर्भावस्था के तीसरे ट्राईमिस्टर के बाद एंटीबायोटिक्स लेना सुरक्षित होता है परन्तु डॉक्टर की सलाह पर ही।



Click it and Unblock the Notifications
