Latest Updates
-
Simple Jeera Style Aloo Sabzi Recipe: कम मसालों में बनाएं चटपटी और स्वादिष्ट सब्जी -
Eid Mubarak Wishes For Friends: बकरीद पर दोस्तों को भेजें ये मैसेज, खास अंदाज में कहें ईद मुबारक -
Bihar Original Method Litti Chokha Recipe: घर पर पाएं पारंपरिक सोंधा स्वाद -
Eid Mubarak Wishes For Husband: चांद रात की रौनक...लाइफ पार्टनर को भेजें ईद-उल-अजहा की रोमांटिक मुबारकबाद -
Bakrid 2026: ईद उल अजहा या बकरीद पर कुर्बानी के क्या हैं नियम? जानें किन जानवरों की कुर्बानी जायज -
UP Village Style Aloo Matar Recipe: घर पर पाएं गांव के स्वाद वाली लाजवाब सब्जी -
क्या सिरदर्द की दवा से पेट का दर्द भी ठीक हो सकता है? पहले जान लें ये दवाएं हमारे शरीर में कैसे काम करती हैं -
बकरीद के मौके पर वायरल हुई 'डोनाल्ड ट्रम्प' भैंस, ब्राउन हेयर और 700 किलो है वजन, देखें वीडियो -
Bihar Style Sattu Paratha Recipe: घर पर बनाएं बिहार का मशहूर और चटपटा नाश्ता -
Padmini Ekadashi Vrat Katha: पद्मिनी एकादशी के दिन जरूर पढ़ें ये व्रत कथा, संतान प्राप्ति का मिलेगा आशीर्वाद
क्या आप सेरोगेसी के बारे में जानते हैं ये बातें
सेरोगेसी के बारे में हम सभी ने सुना ही होगा। इन दिनों सेरोगेसी का चलन जोरों पर है। इसमें एक महिला, दूसरी महिला या पुरूष के लिए अपनी कोख में संतान को रखती है और बच्चे का जन्म होने के बाद उसे उस अधिका
सेरोगेसी के बारे में हम सभी ने सुना ही होगा। इन दिनों सेरोगेसी का चलन जोरों पर है। इसमें एक महिला, दूसरी महिला या पुरूष के लिए अपनी कोख में संतान को रखती है और बच्चे का जन्म होने के बाद उसे उस अधिकारी महिला या पुरूष को दे देती है।
सेरोगसी एक विकल्प है जो कुछ भिन्न परिस्थितियों में की जाती है। सेरोगेसी प्रमुख रूप से दो प्रकार की होती है जिन्हें ट्रेडीशनल सेरोगेसी और गर्भकालीन सेरोगेसी के नाम से जाना जाता है। आइए एक नज़र डालते हैं, सेरोगेसी के बारे में दी गई संक्षिप्त जानकारी पर:

पारंपरिक सेरोगेसी:
इस प्रकार की सेरोगेसी में महिला अपने अंडों को दान किए गए स्पर्म या उक्त पिता के स्पर्म से निषेचित किए जाते हैं और इससे जो संतान होती है उसे 9 महीने कोख में रखने के बाद उस दम्पत्ति को दे दिया जाता है।

गर्भकालीन सेरोगेसी:
यह तकनीक दिनों बहुतप्रचलित है इसे आईवीएफ के नाम से भी जाना जाता है। इस विधि में, अंडों को जैविक मां के शरीर और जैविक पिता के शरीर से स्पर्म लेकर उन्हें निषेचित करवाकर महिला के गर्भाशय में इंजेक्ट कर दिया जाता है। इस प्रकार, महिला के शरीर में भ्रूण पहुँच जाता है और वह बच्चे को जन्म देती है।

कैसे ढूंढे सेरोगेट मदर
सेरोगेट मदर्स के लिए कई बातों का ध्यान रखा जाता है। उनके मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर सबसे ज्यादा ध्यान दिया जाता है। सेरोगेट मदर कोई भी हो सकती है। या तो आप उसे ढूंढ लें या फिर हॉस्पीटल व सेरोगेसी सेंटर्स से सम्पर्क कर सकते हैं। भारत में अभी सेरोगेट मदर्स को ढूंढना आसान नहीं है। आप इन तरीकों से सेरोगेट मदर को ढूंढ सकते हैं:

नजदीकी दोस्त/रिश्तेदार -
अगर आप बाहरी लोगों को अपनी बांझपन की बात नहीं बताना चाहते हैं तो आप अपने परिवार या नजदीकी मित्रों से इसे लेकर बात कर सकते हैं और किसी परिचित महिला से मदद ले सकते हैं।

अपने क्लीनिक पर जाएं-
आप जहां से बांझपन का इलाज करवाते आएं हैं आप वहां सम्पर्क करें या किसी आईवीएफ सेंटर पर जाकर बात कर सकते हैं।

मीडिया से पता करना -
प्रिंट मीडिया या इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पर आने वाले एड को देखें और वहां पर दी जानकारी के हिसाब से उन लोगों से सम्पर्क कर सकते हैं। मैगजीन, टीवी या लोकल चैनल पर भी इस बारे में जानकारी ले सकते हैं।

मीडिया से पता करना -
प्रिंट मीडिया या इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पर आने वाले एड को देखें और वहां पर दी जानकारी के हिसाब से उन लोगों से सम्पर्क कर सकते हैं। मैगजीन, टीवी या लोकल चैनल पर भी इस बारे में जानकारी ले सकते हैं।

सोशल मीडिया
आप सोशल मीडिया जैसे - फेसबुक, ट्वीटर आदि की मदद से सेरोगेट मदर्स को सर्च कर सकते हैं। आप चाहें तो एक पोस्ट भी डाल सकते हैं।

सहकर्मी -
अगर आपका ऑफिस कूल है और सोशल वर्क में शामिल रहता है तो आप वहां भी किसी से मदद मांग सकते हैं।



Click it and Unblock the Notifications