Latest Updates
-
इस कथा के बिना अधूरा है योगिनी एकादशी व्रत, मिलता है 88 हजार ब्राह्मणों को भोजन कराने जितना पुण्य -
Yogini Ekadashi 2026 Wishes: 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय', इन भक्तिमय संदेशों से अपनों को दें शुभकामनाएं -
बारिश का पानी स्किन के लिए अच्छा या खराब, जानें मानसून में इसके फायदे और नुकसान -
AC कोच बना 'हनीमून सुइट', फूलों-गुब्बारों से सजाया ट्रेन का डिब्बा, वायरल हुआ वीडियो, जानें रेवले के नियम -
Kiara Advani ने यश संग 'तबाही' में दिए दिए इंटीमेट सीन, जानें कैसे शूट किए जाते हैं बोल्ड सीन? -
एक्टर राजेश शर्मा को जहरीले कीड़े ने काटा, हालत नाजुक, जानें मानसून में क्यों बढ़ता है सांप कीड़ों का खतरा -
Yogini Ekadashi 2026: कब रखा जाएगा योगिनी एकादशी का व्रत? इस दिन भूलकर भी न करें ये 5 काम -
Varalakshmi Vrat 2026: सावन के आखिरी शुक्रवार को करें ये 5 उपाय, मां लक्ष्मी बरसाएंगी धन-दौलत -
पंजाब की पहली महिला ड्राइवर और पायलट थीं शेफ विकास खन्ना की मां बिंदु खन्ना, राजीव गांधी के साथ ली थी ट्रेनिंग -
बारिश के मौसम में भूलकर भी फ्रिज में न रखें ये 5 फल, सेहत को हो सकता है नुकसान
क्या आपको भी लगता है आप प्रेगनेंट है, जबकि आप है नहीं! जाइए एक बार डॉक्टर से चैक करवाइए...
जो महिलाएं गर्भधारण करने की बारे में प्लानिंग कर रही है कई बार उनके साथ होता है कि उन्हें इस बात का अहसास होने लगता है कि आप गर्भवती हैं जबकि वास्तव में आप होती नहीं हैं। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि आपको गर्भवती होने जैसे अनुभव ही होते हैं और इसके लक्षण एक जैसे होते हैं। लेकिन इसमें घबराने वाली कोई बात नहीं। इसका बाद में प्रेग्नेंसी पर कोई असर नहीं पड़ता।
आइए हम आपको बताते हैं कि गर्भवती न होने पर भी आपको इसका एहसास आखिर आपको क्यों होता है। इसे हम गर्भावस्था भ्रम कहते है।

गर्भावस्था भ्रम के कारण
गर्भावस्था भ्रम को, चिकित्सकीय भाषा में" प्सयूटोएसिस" भी कहते है, यह एक तरह का मनोरोग होता है। इस समस्या का सही कारण अभी तक समझ में नही आ रहा है, पर डॉक्टरों को संदेह है कि जब शरीर मानता है कि वह गर्भवती है तो उससे संबंधित लक्षण दिखने शुरू हो जाते है। या फिर जब एक स्त्री के अन्दर गर्भवती होने की तीव्र इच्छा होती है, तो उसे गर्भावस्था के वास्तविक लक्षण जैसे बढ़े हुए स्तन, बड़ा हुआ पेट, जी मिचलाना और यहॉ तक की उसको भ्रूण के हिलने की भावना भी होने लगती है। केवल महिला के मस्तिष्क में इस तरह की भावना दबाव डालने लगती है की वह गर्भवती है। इस का परिणाम यह होता है कि हार्मोन के उत्पादन में एस्ट्रोजन और प्रोलैक्टिन भी शरीर में विघमान होते है। इसका परिणाम यह होता है कि कुछ और अधिक उज्ज्वल गर्भावस्था के लक्षण विकसित होने लगते है।

गर्भावस्था भ्रम के लक्षण
प्सयूटोएसिस के साथ महिलाओं को और जो वास्तव में गर्भवती हैं, के कई लक्षण एक से ही होते है जैसे-
- माहवारी की रुकावट
- पेट में सूजन
- बढ़े हुए स्तर
- भ्रूण में मूवमेंट
- मतली और उल्टी
- बढ़ा हुआ वजन यह लक्षण बस कुछ ही हफ्तों के लिए या नौ महीनों के लिए भी हो सकते हैं। गर्भावस्था भ्रम के साथ गर्भवती का बहुत छोटा प्रतिशत चिकित्सक के कार्यालय या अस्पताल में प्रसव पीड़ा जैसा अनुभव होने पर जाती है


गर्भावस्था भ्रम के लिए टेस्ट
यह निर्धारित करने के लिए कि क्या सही में एक स्त्री गर्भावस्था भ्रम का सामना कर रही है, डॉक्टर आमतौर उसके लक्षणों का मूल्यांकन करता है। साथ ही वह एक पैल्विक टेस्ट और पेट का अल्ट्रासाउंड करता है जैसे कि वह सामान्य गर्भावस्था के दौरान परीक्षण करते है।
अगर यह गर्भावस्था के भ्रम का मामला होता है तो इसमें अल्ट्रासाउंड के दौरान कोई बच्चा दिखाई नही देता, और न ही किसी की दिल की धड़कन सुनाई देती है। कभी-कभी एक बढ़े हुए गर्भाशय और नरम गर्भाशय ग्रीवा के रूप में डॉक्टर को कुछ शारीरिक परिवर्तन दिखाई देते है जो कि गर्भावस्था के दौरान होते है। इन मामलों में गर्भावस्था के लिए किया गया मूत्र परीक्षण हमेशा नकारात्मक होता है।

गर्भावस्था भ्रम का इलाज
कई महीनों की अवधि तक जब कोई स्त्री यह मानने लगती है कि वह गर्भवती है और विशेष रूप से, यह जानने के बाद की वह गर्भवती नही है तो इस बात से वो बहुत दुखी हो सकती है। डॉक्टरों को चाहिए कि यह बात उसको बहुत आराम से बताए इस समय इस दौर से गुजर रही महिला को परिवार के सर्पोट की बेहद जरुरत होती है।



Click it and Unblock the Notifications