Latest Updates
-
Diwali 2026: कब करें लक्ष्मी पूजन? श्री देवकीनंदन ठाकुर जी ने बताया शुभ मुहूर्त और समृद्धि का उपाय -
Happy Diwali 2026: परिवार और दोस्तों को संस्कृत में भेजें ये मंगलमय संदेश -
दिवाली पर घी, सरसों या तिल के तेल का दीपक जलाना है शुभ? आचार्य वसंत विजय महाराज से जानें सही नियम -
दिवाली के दिन अगर पीरियड हो जाए तो कैसे करें पूजा? जानें मां लक्ष्मी और गणेश पूजन की धार्मिक मान्यताएं -
Choti Diwali 2026: पति-पत्नी के लिए प्यार भरे शुभकामना संदेश और रोमांटिक विशेज -
नरक चतुर्दशी 2026: जब श्रीकृष्ण ने नरकासुर का वध कर 16,000 राजकुमारियों को दिलाई मुक्ति, जानें पौराणिक कथा -
रूप चौदस 2026: बहू और बेटी को भेजें ये खूबसूरत शुभकामना संदेश, रिश्तों में घोलें प्यार और अपनापन -
Narak Chaturdashi 2026: बाल और नाखून काटना क्यों है अशुभ? निरोगी रहने के लिए कर लें ये उपाय -
धनतेरस पर धनिया खरीदने के बाद करें यह एक उपाय, घर में बनी रहेगी बरकत -
धनतेरस पर 13 दीपक क्यों जलाए जाते हैं? प्रदोष काल में पढ़ें यमदीपदान की कथा
पेरेंटिंग का नया खतरनाक ट्रेंड है शेरेंटिंग
हेलिकॉप्टर पेरेंटिंग, टाइगर पेरेंटिंग से लेकर ऑथोरिटेरियन पेरेंटिंग तक हर तरह की पेरेंटिंग के अपने फायदे-नुकसान हैं। अब एक नई पेरेंटिंग भी लोकप्रिय हो रही है जिसका नाम है 'शेरेंटिंग’। शोधकर्ताओं के मुताबिक जब माता-पिता अपने बच्चे से जुड़ी हर चीज को सोशल मीडिया पर शेयर करने लगें तो उसे शेरेंटिंग (Sharenting) कहते हैं। बच्चों की उपलब्धि से लेकर उनकी तस्वीरें तक सोशल मीडिया पर डालना ना केवल उनकी निजता का हनन करता है बल्कि उनकी सुरक्षा को भी खतरे के घेरे में ले आता है।

एक रिसर्च में शोधकर्ताओं ने मां बनने और सोशल मीडिया पोस्ट के बीच संबंध पाया। हालांकि, कई बार सोशल मीडिया पोस्ट से वो बातें तक पता चल जाती हैं जिनकी जरूरत नहीं होती। जैसे कि बच्चे की लोकेशन, उसकी जन्म तिथि, स्कूल, प्राइवेट क्लास आदि। इस रिसर्च को यूनिवर्सिटी ऑफ एक्रॉन और यूनिवर्सिटी ऑफ टेनेसिए के एलेक्सा के.फॉक्स और मारिआ ग्रब्स होय द्वारा किया गया था। इस रिसर्च के परिणाम पब्लिक पॉलिसी एंड मार्केटिंग के जर्नल में प्रकाशित हो चुके हैं।
इस रिसर्च में हिस्सा लेने वाली महिलाएं डिलीवरी के बाद अपने शरीर को लेकर, मां बनने की जिम्मेदारियों, बच्चे की देखभाल की जरूरतों और डिलीवरी के बाद होने वाली समस्याओं एवं चिंता को लेकर परेशान थीं। शोधकर्ताओं ने स्टडी में लिखा कि, "सोशल मीडिया पर अपना अनुभव और निजी जानकारी शेयर करके महिलाएं सोशल सपोर्ट या चिंता, तनाव या डिप्रेशन से राहत पाने का रास्ता ढूंढती हैं।"
इन लोगों को बच्चे की ऑनलाइन प्राइवेसी और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर बच्चों से जुड़ी बातों को शेयर करने के संबंध में मार्गदर्शन की जरूरत है। शोधकर्ताओं ने कहा कि “आजकल के माता पिता अपनी जिंदगी को भी सोशल मीडिया पर शेयर करते हैं, उन्हें इसके संभावित नुकसान के बारे में पता ना हो।”



Click it and Unblock the Notifications
