दीपिका पादुकोण ने शेयर की सेकंड प्रेगनेंसी की गुड न्यूज, 40 की उम्र में मां बनना है सेफ

Deepika Padukone Second Pregnancy: बॉलीवुड की 'मस्तानी' दीपिका पादुकोण और रणवीर सिंह एक बार फिर से मम्मी-पापा बनने वाले हैं। इस खबर को सुनते ही उनके फैंस खुशी से झूम उठे हैं। खुद दीपिका ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर बेटी दुआ के हाथों में प्रेग्नेंसी किट दे ये कंफर्म कर दिया है कि जल्द ही दुआ का भाई या बहन आने वाला है। जैसे ही यह खबर सोशल मीडिया पर आई, बधाई देने वालों का तांता लग गया। हालांकि, सेलिब्रिटीज के लिए लेट प्रेग्नेंसी (Late Pregnancy) अब एक ट्रेंड बन चुका है, लेकिन आम महिलाओं के मन में आज भी यह सवाल उठता है कि क्या 40 की उम्र में कंसीव करना सुरक्षित है? यदि आप भी दीपिका पादुकोण की तरह अपनी लेट प्रेग्नेंसी प्लान कर रही हैं, तो यह लेख आपके लिए है। आइए जानते हैं बढ़ती उम्र में सुरक्षित मातृत्व के लिए किन बातों का ध्यान रखना अनिवार्य है।

फिर मां बनने वाली हैं दीपिका

रणवीर सिंह के लिए साल 2026 बहुत अच्छा साबित हुआ है, अभी धुरंधर की कामयाबी का जश्न खत्म नहीं हुआ और उन्होंने फैंस को बता दिया है कि वो एक बार फिर पापा बनने वाले हैं। दीपिका ने खुद अपने इंस्टा पोस्ट पर ये खुशखबरी लोगों के साथ शेयर की है। अभी दीपिका और रणवीर की पहली बेटी यानी दुआ सिर्फ डेढ़ साल की है और जल्द ही नन्ही राजकुमारी के साथ खेलने वाला एक और नन्हा मेहमान आने वाला है।

40 के बाद सुरक्षित प्रेग्नेंसी के लिए रखें इन 5 बातों का ध्यान

1. प्री-कंसेप्शन चेकअप है अनिवार्य

कंसीव करने से पहले ही अपने डॉक्टर से मिलें। ब्लड टेस्ट, थायराइड और जरूरी विटामिन्स की जांच करवाएं ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि आपका शरीर प्रेग्नेंसी के लिए तैयार है।

2. जेनेटिक स्क्रीनिंग और नियमित अल्ट्रासाउंड

बढ़ती उम्र में भ्रूण में क्रोमोसोमल असामान्यताएं होने का जोखिम थोड़ा अधिक होता है। इसलिए, समय-समय पर जेनेटिक स्क्रीनिंग और एडवांस्ड अल्ट्रासाउंड करवाते रहें ताकि बच्चे के विकास पर पैनी नजर रखी जा सके।

3. आहार और फोलिक एसिड का सेवन

गर्भावस्था के दौरान पोषक तत्वों की कमी न हो, इसके लिए संतुलित आहार लें। डॉक्टर की सलाह पर फोलिक एसिड, आयरन और कैल्शियम सप्लीमेंट्स समय पर लें, जो बच्चे के मानसिक और शारीरिक विकास के लिए महत्वपूर्ण हैं।

4. वजन और ब्लड प्रेशर पर नियंत्रण

40 की उम्र में मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है, जिससे वजन तेजी से बढ़ सकता है। अत्यधिक वजन बढ़ना प्री-एक्लेमप्सिया (हाई बीपी) का कारण बन सकता है। रोजाना हल्की सैर और योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करें।

5. मानसिक स्वास्थ्य और पर्याप्त आराम

लेट प्रेग्नेंसी में शारीरिक थकान जल्दी महसूस होती है। ऐसे में तनाव से दूर रहें और कम से कम 8 घंटे की नींद लें। दीपिका पादुकोण की तरह खुद को सकारात्मक रखें और योग का सहारा लें।

FAQs
क्या 40 की उम्र में सुरक्षित रूप से माँ बनना संभव है?

हाँ, मेडिकल साइंस और उन्नत तकनीकों (जैसे IVF या जेनेटिक स्क्रीनिंग) की मदद से 40 की उम्र में भी स्वस्थ बच्चे को जन्म देना संभव है। हालांकि, इस उम्र में नियमित चेकअप और डॉक्टर की सलाह बहुत जरूरी होती है।

40 के बाद माँ बनने वाली महिलाओं को कौन से टेस्ट कराने चाहिए?

उन्हें जेनेटिक स्क्रीनिंग, थायराइड टेस्ट, ब्लड शुगर मॉनिटरिंग और एडवांस्ड अल्ट्रासाउंड समय-समय पर कराने चाहिए।

BoldSky Lifestyle

Story first published: Sunday, April 19, 2026, 12:33 [IST]
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