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कैसे जानें कि आप प्रेग्नेंट हैं?
जब एक औरत के शरीर में कुछ नए रिएक्शन होने लगते है, और वह हाल के दिनों में ही अपने शरीर में उल्लेखनीय परिवर्तन महसूस कर रही हो तो वह शायद जानने की कोशिश करेगी कि वह प्रेग्नेंट है या नहीं। यह लक्षण काफी अलग होते है, कभी यह मामूली महसूस होते है और कभी-कभी काफी गंभीर हो जाते है।
आमतौर पर ऐसे लक्षण होने पर महिलाएं अपने गायनोलॉजिस्ट से अपाइंटमेंट लेकर मिलती है और कन्फर्म करती है कि वह गर्भवती हैं या ये सभी लक्षण किसी अन्य बीमारी जैसे - पथरी, फ्लू या मेनोपॉज के कारण हैं।

प्रेगनेंट होने के लक्षण -
पीरियडस का समय पर न होना
पीरियडस का न होना, प्रेग्नेंट होने का सबसे सामान्य लक्षण है। एक औरत का चक्र लगभग 28 दिन लम्बा होता है और इस दौरान एंडोमेट्रियल लाइनिंग में परिवर्तन के कारण लगभग 5 दिन के मासिक के बाद यह प्रक्रिया दुबारा शुरू हो जाती है। यह प्रोसेस, शरीर में उस दौरान नहीं होता है जब औरत गर्भवती होती है। कभी-कभी वूमेन के शरीर के हिसाब से भी उनके पीरियडस समय से एक-दो हफ्ता देर से होते हैं, ऐसे में यह जरूरी नहीं कि आप प्रेग्नेट है बल्कि हो सकता है कि आपका मासिक एक अवधि से ज्यादा देर में हो रहा हो। एक सप्ताह बाद यदि आपको मिस पीरियडस होते हैं तो यह प्रेग्नेंसी का वास्तविक संकेत है। गर्भावस्था के अलावा, देर से मिस्ड पीरियडस का होना भोजन में परिवर्तन या वजन व चिंता में बढ़ोत्तरी होने के कारण भी हो सकता है।
मार्निग सिकनेस या सुबह-सुबह कमजोरी लगना
जब कभी स्त्री, गर्भवती होती है तो उसे सुबह - सुबह कमजोरी लगती है जिसे नॉउसी/मतली या उल्टी आना भी कहते है। प्रेग्नेंट होने के लगभग दो सप्ताह बाद ही यह लक्षण शुरू हो जाते हैं जो गर्भावस्था के आगे के 14 हफ्तों के लिए रहते हैं। प्रेग्नेंट लेडी को मतली आने का सबसे प्रमुख कारण उसकी सूंघने की पॉवर का बढ़ना होता है। कई ड़ॉक्टर्स बताते हैं कि प्रेग्नेंट
वूमन की सूंघने की शक्ति काफी बढ़ जाती है और उसे तुरन्त ही सिगरेट, परफ्यूम और बन रहें भोजन की महक लग जाती है। साथ ही उल्टी आने का कारण यह होता है कि गर्भवती स्त्री का एस्ट्रोजन लेवल काफी तेजी से बढ़ता है जो पेट और उसमें पड़े हुए भोजन में उथल-पुथल मचा देता है। इस अवस्था में महिलाओं में खाने को लेकर रूचि बदल जाती है, कुछ स्त्रियों को फ्राइड चिकेन या कॉफी जैसे खाद्य पदार्थ अच्छे लगने लगते है और कुछ को इन प्रकार के भोजन में कोई दिलचस्पी या स्वाद नहीं रह जाता है। खाने की पसंद में बदलाव, शुरूआत गर्भावस्था के शुरूआती तीन महीने में ही होते है।
स्तनों का कोमल होना
एक नई प्रेग्नेंट वूमन के शरीर में कई हारमोन्स और उनके स्तर में परिवर्तन आता है जिसके चलते उन्हे ब्रेस्ट में हल्की सी झुनझुनी महसूस होती है। सुबह मतली या उल्टी आने और खाने में पसंद बदलने के अलावा, यह एक अच्छा लक्षण होता है जिससे जाना जा सकता है कि आप प्रेग्नेंट हैं या नहीं। जैसे - जैसे शरीर में बच्चे का विकास होगा, वैसे - वैसे स्त्री के ब्रेस्ट में भी बदलाव होगा। हो सकता है कि ब्रेस्ट काफी भारी हो जाएं या देखने में काफी बड़े लगे और छूने पर सेंसटिव लगें। प्रेग्नेंसी के दौरान निपल्स भी काफी कोमल हो जाते है जो कपड़े बदलने या सीने में दबाब पड़ने पर काफी असुविधाजनक होते हैं और दर्द भी करते हैं। प्रेग्नेंट स्त्री इस दौरान नोटिस कर सकती हैं कि उनके निपल्स का पहले से डार्क और बड़े भी हो गए हैं।



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