Latest Updates
-
UP Village Style Besan Cheela Recipe: घर पर बनाएं गांव जैसा पौष्टिक और स्वादिष्ट नाश्ता -
Hindi Journalism Day 2026 Wishes: हिंदी पत्रकारिता दिवस के मौके पर सभी पत्रकार दोस्तों को ये शुभकामना संदेश -
Aaj Ka Rashifal 30 May 2026: शनिवार को इन राशियों की चमकेगी किस्मत, शनिदेव की कृपा से होगा धन लाभ -
Restaurant Style Kadai Sabzi Recipe: घर पर बनाएं होटल जैसी चटपटी और मसालेदार सब्जी -
Blue Moon 2026: 31 मई को आसमान में दिखेगा दुर्लभ 'ब्लू मून'; जानिए इसकी खासियत, कहां और कैसे देखें -
Hindi Journalism Day: 30 मई को ही क्यों मनाया जाता है हिंदी पत्रकारिता दिवस? जानें इस दिन का इतिहास और महत्व -
Kumaoni Sweet Bal Mithai Recipe: घर पर बनाएं उत्तराखंड की पारंपरिक और स्वादिष्ट मिठाई -
महिलाओं के लिए वरदान से कम नहीं है हलीम के बीज, अनियमित पीरियड्स समेत इन 5 समस्याओं को कर सकते हैं दूर -
गर्मियों में पसीने से होने वाली 5 कॉमन स्किन प्रॉब्लम्स, एक्सपर्ट से जानें इन समस्याओं से बचने के घरेलू उपाय -
World Digestive Health Day: क्यों मनाया जाता है विश्व पाचन स्वास्थ्य दिवस? जानें इस दिन का महत्व और इतिहास
अपने बच्चो को कैसे बनाएं आत्मविश्वासी
कई बार दुनिया की प्रतिस्पर्धा, आगे बढ़ने की होड़ और उचित माहौल न मिल पाने की वजह से बच्चों में विश्वास की कमी आ जाती है और वह चिंतित महसूस करते हैं। साथ ही पैरेंटस भी अपने बच्चों को शिक्षा के क्षेत्र में अव्वल देखना चाहते है लेकिन इन सबके बीच वह यह भूल जाते है कि सफल होने के लिए बच्चों का आत्मविश्वासी होना बेहद आवश्यक है।
पैरेंटस को यह ध्यान रखना होगा कि सक्सेस होने के लिए बच्चे का खुद पर भरोसा होना जरूरी है। चलिये देखते हैं कि बच्चों में आत्मविश्वास कैसे बढाया जाए।

आत्मविश्वासी बनाने के तरीके
1. किसी भी व्यक्ति का आत्मविश्वास उसके शरीर की छवि यानि बॉडी इमेज, निर्णय लेने की क्षमता और समाज के लिए किए जाने वाले योगदान से झलकता है। किसी भी गलत बात या अन्य मुद्दे पर शर्माना या टालना न सिखाएं बल्कि सही तरीके से सम्मानजनक अपने बात कहना भी बच्चो को सिखाना चाहिए।
2. बच्चे के सामने पॉजिटिव तरीके से अपनी बात कहें। अगर आपका बच्चा, तारीफ के काबिल कोई काम करता है तो उसके सामने प्रंशसा करने से परहेज न करें। अच्छे काम करने पर उससे यह न कहे कि तुम स्मार्ट होते जा रहे हो बल्कि कहें कि मुझे तुम पर गर्व है।
3. अपने बच्चे के हर प्रयास में गर्व दिखाएं। स्कूल से घर पर दिए जाने वाले काम जैसे - प्रोजक्ट वर्क या एसाइनमेंट की वैल्यू समझें और उसे वह काम करने के लिए प्रोत्साहित करें। मित्रों और परिवार के सामने उसके अच्छे कामों और पॉजिटिव प्वाइंट की तारीफ करें।
4. अपने बच्चे ही हर बात को खुले दिमाग से सुनें। उसकी छोटी और अवास्तविक चिंताओं को उसकी मूर्खता न समझें। बच्चो की बात सुनकर ही आप उनकी चिंता को दूर कर सकते हैं।
5. बच्चे की चिंता को शांत करने के लिए असली मुद्दों का उदाहरण दें जो उनके दोस्तों, परिवारजनों या बॉडी इमेज से जुड़ा हो क्यूंकि बच्चों को प्रैक्टिकल बातें जल्दी समझ में आती हैं। बच्चे का ब्रेन स्ट्रामिंग सेशन करवाएं जिसमें उस प्रॉब्लम के ज्यादा से ज्यादा हल निकलवाएं, इससे उसे टेंशन फ्री होना आएगा। यदि बच्चा ग्लोबल मुद्दों जैसे युद्ध या अकाल आदि को लेकर परेशान है तो उसके साथ बैठकर इन टॉपिक के बारे में पढ़े कि कैसे यह मुद्दे उसकी लाइफ पर प्रभाव डालेगे और कैसे नहीं।
6. अपने बच्चे के लिए आप एक स्ट्रांग लीड़र का रोल प्ले करें क्यूंकि उसकी दुनिया आपके आसपास ही बसी है। बच्चें को उसकी चिंताओं से मुक्त करें। उसके सामने साहसी बनें और अपनी चिंताओं व भय से ड़रते हुए न दिखें।



Click it and Unblock the Notifications