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डर पर काबू पाने में बच्चे की कैसे सहायता करें
छोटे बच्चों का मन और दिल दोनों ही बहुत कोमल होता है। उन्हें अपनी ही दुनिया में रहने का मन करता है। छोटे बच्चें अभी भी उस दुनिया को खोज रहे हैं जिसमें वे रहते हैं। उनकी कल्पना विकसित हो रही है और परिणामस्वरूप जो कुछ भी वे असल जि़दगी में देखते/सुनते हैं, वह डरावनी मानसिक छवियों का रूप ले सकता है। इसलिए अंधेरे से डरने पर किसी अंधेरे कमरे में राक्षस की कल्पना की जा सकती है।
यदि आपका बच्चा भी अंधेरे से डारता है या फिर किसी अडोसी-पड़ोसी से भी डरता है तो, आपका अपने बच्चे से बात करना, यकीनन उसे अधिक सहज महसूस कराएगा। बच्चे को अपना डर आपसे बाँटने दीजिए। उससे विस्तारपूर्वक पूछें कि वह किस चीज़ से डरता है और क्यों? उसे अपनी भावनाएँ पूरी तरह बताने दें।
जब वह अपना डर आपसे बाँटे ,तो आप अपनत्व जताएं। उसे बताएं कि आप भी बचपन में कई चीज़ों से डरते थे। जब कोई बच्चा किसी भूत तथा राक्षस या फिर किसी बुरी चीज़ से डरता हो तो आप ऐसा कर सकते हैं-

उनके डर को समझे
छोटे बच्चें अभी भी उस दुनिया को खोज रहे हैं जिसमें वे रहते हैं। उनकी कल्पना विकसित हो रही है और परिणामस्वरूप जो कुछ भी वे असल जि़दगी में देखते/सुनते हैं, वह डरावनी मानसिक छवियों का रूप ले सकता है। इसलिए अंधेरे से डरने पर किसी अंधेरे कमरे में राक्षस की कल्पना की जा सकती है। विभिन्न उम्र के बच्चें, अलग-अलग तीव्रता और अलग-अलग चीज़ों से डरते हैं। इसलिए, डर पर काबू पाने का कोई भी एक सबसे अच्छा तरीका नहीं है।

अपने बच्चे से बात करें
आपका अपने बच्चे से बात करना, यकीनन उसे अधिक सहज महसूस कराएगा। बच्चे को अपना डर आपसे बाँटने दीजिए। उससे विस्तारपूर्वक पूछें कि वह किस चीज़ से डरता है और क्यों? उसे अपनी भावनाएँ पूरी तरह बताने दें। जब वह अपना डर आपसे बाँटे ,तो आप अपनत्व जताएं। उसे बताएं कि आप भी बचपन में कई चीज़ों से डरते थे। यह सहानुभूति यकीनन आपके और बच्चे के बीच लगाव को मज़बूत करेगी क्योंकि बच्चे को यह विश्वास हो जाएगा कि आप उसका ध्यान रखते हैं और उसकी भावनाओं की कद्र करते हैं।

उचित संदेश देंः
"बच्चों की तरह मत करो", "डरो मत", "देखो, तुम्हारा दोस्त नहीं डरता", आदि बातें कहकर अपने बच्चे को गलत संदेश न दें। ऐसा करने से बच्चा यह मानने लगेगा कि डरना गलत है और वह आपको अपने डर के बारे में बताना छोड़ देगा। अपने बच्चे को बताए कि डरने की कोई बात नहीं है। साथ ही उसे समझाए कि अपने डर के बारे में बताना और सहायता लेना ठीक है।

उनके डर को नज़रअंदाज़ न करें
यदि आपका बच्चा किसी रिश्तेदार, अभीक्षक या पड़ोसी से डरता है तो उसे उनके साथ रहने को विवश करें। बजाय इसके, इस बारे में अपने बच्चे से बात करें और उससे पूछें कि उसे डर क्यों लगता है। फिर भी यदि आपको लगता है कि वह इंसान आपके बच्चे को कोई हानि नहीं पहुँचा सकता, तो अपने बच्चे के शक को दूर करने की कोशिश करें।

अपने बच्चे के डर का मज़ाक न उड़ाए
बच्चे के डर का मज़ाक उड़ाने से उसका डर कम नहीं होगा; बल्कि उसका घबराहट बढ़ जाएगी और उसके आत्म सम्मान में भी कमी आएगी। इससे समस्या बढ़ सकती है जैसे कि बच्चे के मन में भय (डर की विकसित अवस्था) का हो जाना। बच्चा अपना डर केवल आपके प्यार और देखभाल से ही दूर कर सकता है। आपकी उपेक्षा बच्चे के मन में केवल नकारात्मक सोच को विकसित करेगी।

बच्चे को वह कार्य करने के लिए विवश न करें जिससे वह डरता होः
बच्चों को विवश करने से उनके डर की स्थिति बदतर हो जाती है। कल्पना कीजिए कि आप कैसे रिएक्ट करेंगें यदि आपको कोई डरावनी चीज़ हाथ में पकड़ने को मजबूर किया जाए या फिर बंजी जंपिंग करनी पड़े जिससे आप डरते हैं। अपने बच्चे को सामंजस्य बनाने के लिए और अपने डर को ख़त्म करने का मौका दें। उसे अपना यथासंभव प्यार और देखभाल दें।

बहादुर बनने के लिए प्रेरणास्रोत बनेंः
आपका बच्चा हमेशा आपके पदचिह्नों पर चलेगा। यदि आप किसी चीज़ से डरते हैं तो आपका बच्चा भी संभावित रूप से ऐसा ही करेगा। आपका बच्चा मानता है कि यदि कोई वस्तु या व्यक्ति आपके लिए सुरक्षित है, तो वह उसके लिए भी सुरक्षित है। साथ ही, हर समय डरकर अपने बच्चे को न डराएं क्योंकि उससे बच्चा स्वयं को नुकसान पहुँचा जा सकता है। बजाय इसके, उसके सहयोग के लिए उसके साथ जाए और आराम से समझाए कि क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए।

बच्चों को डरावने चरित्रों से दूर रखें
एक छोटा बच्चा वास्तविकता और कल्पना में अंतर नहीं कर सकता। बच्चें उन काल्पनिक चरित्रों से डरते हैं जिन्हें वे टी.वी. पर देखते हैं। डरावने टी.वी. शो को बंद कर दें। साथ ही, अपने बच्चे को वास्तविकता और कल्पना के बीच का अंतर समझाएं। उन्हें सरल तरीके से बताए कि मूवीज़ और कार्टून कैसे बनते हैं।

घर या कमरे के उस हिस्से में बच्चे के साथ जाए जिससे बच्चा डरता है
सभी दरवाज़ें खोल दें, बेड के नीचे देखें-रोशनी करके दिखाएं कि वहाँ कुछ नहीं है। अगर आपका बच्चा किसी आवाज़ या परछाई से डरता है तो उसे बताए कि वे आवाज़ें वास्तव में किस वजह से हो रही हैं।

बच्चे को बताएं कि आप हमेशा उसके साथ रहेगे
इस बात का ध्यान रखें कि आपका बच्चा यह जान ले कि उसे सब प्यार करते हैं और उसकी सुरक्षा के लिए आप हमेशा उसके साथ होंगें।



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