Latest Updates
-
Sawan 2026: सावन में शिवलिंग की पूजा के दौरान भूलकर भी न करें ये 7 गलतियां, नाराज हो सकते हैं भगवान शिव -
गुरु पूर्णिमा के अवसर पर करिश्मा तन्ना के घर गूंजी किलकारी, इस शुभ दिन जन्मे बच्चों के लिए चुनें ये खास नाम -
30 जुलाई या 2 अगस्त, फ्रेंडशिप डे कब है? जानें International Friendship Day और Friendship Day में फर्क -
Happy Sawan 2026 Wishes: ...इन संदेशों के जरिए अपने प्रियजनों को दें सावन की शुभकामनाएं -
कांवड़ यात्रा की शुरुआत कैसे हुई? जानिए कौन था पहला कांवड़िया, जिसने सबसे पहले चढ़ाया था शिवलिंग पर जल -
कलौंजी के तेल से बनाएं बालों को लंबा और घना, जानें इसे घर पर बनाने का तरीका -
देव आनंद के बेटे सुनील आनंद का हार्ट अटैक से निधन, जिस अस्पताल में पिता ने ली थी अंतिम सांस वहीं तोड़ा दम -
Guru Purnima 2026 Speech: गुरु पूर्णिमा पर दें ये सरल और दमदार भाषण, तालियों से गूंज उठेगा पूरा हॉल -
Guru Purnima 2026 Wishes: गुरु से ही ज्ञान...गुरु पूर्णिमा पर अपने गुरुजनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
World Nature Conservation Day 2026: क्यों मनाते हैं विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस? जानें इसका इतिहास और महत्व
दस्त या कब्ज होने पर आप भी बच्चें को देती है ग्राइप वाटर, ये है फायदे और नुकसान
छोटे बच्चे बोलकर अपनी परेशानी नहीं बता सकते हैं, इसलिए मां को सिर्फ उनकी हरकतों व इशारों के आधार पर ही उनकी समस्या को समझना होता है। यह देखने में आता है कि छोटे बच्चों को पेट दर्द, कोलिक या कब्ज आदि की शिकायत रहती है, जिसके कारण वे लगातार रोते रहते हैं।
इस स्थिति में अधिकतर पैरेंट्स अपने बेबी को ग्राइप वाटर देते हैं। इससे बेबी को कुछ ही देर में राहत मिल जाती है। लेकिन कई बार इससे बेबी को नुकसान भी हो सकता है। इसलिए, आपको यह जानना चाहिए कि ग्राइप वॉटर आपके बच्चे के लिए सही है या नहीं।

आमतौर पर, लोग यह मानते हैं कि ग्राइप वॉटर का सेवन करना बेबी के लिए काफी अच्छा है। हालांकि, मार्केट में कई तरह के अलग-अलग ग्राइप वॉटर मिलते हैं और इसलिए सही ग्राइप वॉटर का चयन करना और उसे निर्धारित मात्रा में ही बच्चे को दिया जाना चाहिए। तो चलिए आज इस लेख में हम आपको बता रहे हैं कि ग्राइप वॉटर का सेवन करना बेबी के लिए कितना सही है-
ग्राइप वॉटर क्या है?
ग्राइप वॉटर के फायदे व नुकसान के बारे में जानने से पहले आपको यह जानना चाहिए कि वास्तव में ग्राइप वॉटर क्या है। यह मार्केट में मिलने वाला एक लिक्विड है और इसे खरीदने व बच्चे को पिलाने के लिए डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन की जरूरत नहीं होती है। अमूमन इस बनाते समय सौंफ, मुलेठी, इलायची, कैमोमाइल, अदरक, पानी और ग्लिसरीन आदि का इस्तेमाल किया जाता है। जब बेबी इसका सेवन करता है तो इससे उसे पाचन से जुड़ी समस्याओं से आराम मिलता है। हालांकि, कई बार ग्राइप वॉटर बनाते समय उसमें अल्कोहल व बहुत अधिक शुगर भी इस्तेमाल किया जाता है, जिससे बेबी को काफी नुकसान हो सकता है।

ग्राइप वॉटर के फायदे
ग्राइप वॉटर को लंबे समय से बेबी को दिया जाता रहा है। इससे बेबी को कई तरह के फायदे मिल सकते हैं। सबसे पहले तो यह बच्चे को लगातार होने वाले पेट दर्द, गैस, अपच, कब्ज, कोलिक आदि समस्याओं को राहत दिलाता है। इसके अलावा, जब बच्चे के दांत निकलते हैं तो वह बहुत अधिक चिड़चिड़ा हो जाता है। ऐसे में अगर उसे ग्राइप वॉटर दिया जाता है तो इससे बच्चा शांत हो जाता है। हालांकि, इसे सीमित मात्रा में ही दिया जाना चाहिए।
ग्राइप वॉटर के नुकसान
आजकल मार्केट में कई ब्रांड के ग्राइप वॉटर मिलते हैं। जहां कुछ ग्राइप वॉटर में नेचुरल चीजों का ही इस्तेमाल किया जाता है, वहीं कुछ ब्रांड के ग्राइप वॉटर में अल्कोहल, शुगर, ग्लूटेन आदि को मिक्स किया जाता है, जिससे बच्चे को काफी नुकसान हो सकता है। कुछ बेबीज को ग्राइप वॉटर का सेवन करने के बाद एलर्जी, खुजली, उल्टी, सांस लेने में समस्या व सूजन आदि का सामना करना पड़ता है। इस स्थिति में बच्चे को तुरंत ग्राइप वॉटर देना बंद कर देना चाहिए।

ग्राइप वॉटर दें या नहीं
अब सवाल यह उठता है कि छोटे बच्चों को ग्राइप वॉटर देना चाहिए या नहीं। यूं तो छह महीने तक बच्चे को मां के दूध के अलावा अन्य कुछ भी ना देने की सिफारिश की जाती है। यहां तक कि छह महीनों तक बच्चे को पानी देने की भी आवश्यकता नहीं होती है। लेकिन अगर आप फिर भी बच्चे को ग्राइप वॉटर देना चाहती हैं तो यह जरूरी है कि आप अपने बेबी के डॉक्टर से इस बारे में बात करें। उनकी सलाह पर ही बच्चे को ग्राइप वॉटर दें। साथ ही, ग्राइप वॉटर को हमेशा निर्धारित मात्रा में ही दें। इसके अलावा, ग्राइप वॉटर को खरीदने से पहले उसके लेबल को अवश्य चेक कर लें। अगर किसी ग्राइप वॉटर में अल्कोहल या शुगर आदि का इस्तेमाल किया हो तो उसे भूल से भी ना खरीदें।



Click it and Unblock the Notifications