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देर से होता है ज्यादा टीवी देखने वाले बच्चों का विकास

मॉट्रियल विश्वविद्यालय, सैंटी-जस्टीन अनुसंधान केंद्र और मिशिगन विश्वविद्यालय के बाल रोग विशेषज्ञों ने एक शोध के दौरान यह पाया कि बाल्यावस्था में टेलीविजन से चिपके रहने वाले बच्चे कमजोर आदतों का शिकार होते हैं। इन आदतों में मुख्य रूप से पढ़ाई में कमजोर रहना और स्वास्थ्य पर इसका विपरित असर पड़ना शामिल है।
शोध में हिस्सा लेने वाले मॉट्रिंयल विश्वविद्यालय के मनौविज्ञान के प्रोफेसर लिंडा एस. पगानी कहती हैं कि टेलीविजन से चिपके रहने वाले दो से चार वर्ष तक के बच्चों का विकास देरी से होता है।
इस शोध में 1,314 बच्चों को शामिल किया गया। बच्चों के माता-पिता से पूछा गया था कि 29 महीने से 53 महीने के बीच के बच्चे कितना टेलीविजन देखते हैं। इस दौरान बच्चों के शैक्षणिक, मनोवैज्ञानिक और स्वास्थ्य आदतों का मूल्यांकन करने के लिए कहा गया। पगानी ने कहा, "दिमाग के विकसित होने और अच्छी आदतों के लिए बाल्यावस्था एक उपयुक्त समय होता है। इस दौरान अधिक मात्रा में टेलीविजन देखने से भविष्य के लिए गलत आदतें पड़ती हैं।"



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