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क्या आपका बच्चा हिंसा के लक्षण दिखा रहा है?
बच्चे जैसे-जैसे बड़े होते जाते हैं उनमें हिंसा के भाव उतनी ही जल्दी दिखाई पड़ने लगते हैं। इसलिये अगर आप एक चौकन्ने मां-बाप हैं तो आप उनके इस भाव के लक्षणों को आसानी से पहचान सकते हैं। कुछ बच्चे तो शुरु से ही गुस्सैल होते हैं और कुछ मीडिया या टीवी पर दिखाए जाने वाले लड़ाई के सीन को देख कर गुस्सैल बन जाते हैं। लेकिन वो बच्चे, जिनका स्वाभाव ही हिंसात्मक है, उन्हें सम्भालना जरा मुश्किल होता है। इसलिये आज हम आपको बताएंगे कि इस तरह के बच्चों को के लक्षणों को कैसे पहचाना जाए और उन्हें किस तरह से डील किया जाए।

क्या देखना चाहिये बच्चों में-
1. छोटी-छोटी आदतों से आप यह पता लगा सकती हैं कि आपका बच्चा गुस्सैल है। अगर बच्चा स्कूल से लौटते वक्त अपना स्कूल बैग और जूतों को तेजी से इधर-उधर फेंक देता है, तो समझ ले कि उसका नेचर वोलाटाइल किस्म का है और अब उस पर ध्यन देने की आवश्यकता है।
2. आप या परिवार का कोई भी सदस्य जिस तरह का व्यावहार करता है, बच्चे उसे तुरंत सीख लेते हैं। इसलिये अपने बच्चे के सामने न कभी लड़ाई-झगड़ा करें और न ही कभी खुस्सैल रवैया रखें।
3. कुछ बच्चों का झुकाव विनाश की ओर होना भी हिंसा का प्रतीक दिखाता है। इससे बच्चों को बहुत आनंद आता है, जिसमें वे अपने सस्ते या महंगे खिलौनों को तोड़ देते हैं। लेकिन इस बात को पेरेंट्स समझ नहीं पाते और उन्हें लगता है कि यह तो हर बच्चे की आदत ही होती है। लेकिन यह बिल्कुल भी अच्छी आदत नहीं होती और इसके लिये बच्चे को जरुर सजा मिलनी चाहिये।
4. ऐसे बच्चे नखरे बहुत करते हैं। रोना-धोना, चिल्लाना और कभी-कभी तो पेरेंट्स को मारना भी इनके बिहेवियर में शामिल हो जाता है। लेकिन अगर आपने इसपर रोक न लगाई तो यह आगे चल कर उनकी आदत में शामिल हो जाएगा। अगर आज यह आपको किसी खिलौने को पाने के लिये प्यार से मार रहा है तो आगे चल कर यह खाना अच्छा न बनने पर अपनी बीवी पर भी हाथ उठा सकता है। इसलिये होशियार रहिये।
5. आपका बच्चा क्यों गुस्सा है और वह ऐसी हिंसा क्यों दिखा रहा है, इसके पीछे छुपे हुए कारण को पहचानिये। उसकी समस्या सुनिये और जो उचित लगे वही कीजिये। इसके अलावा आपके बच्चे का व्यावहार दूसरे बच्चों के साथ कैसा है, इस पर भी जरुर ध्यान दीजिये। क्योंकि दूसरे बच्चों के सामने वह अपने असली रूप में होते हैं।



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