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रंग बिरंगे फ्रूट जूस और दही के रंगों में छुपा है जानलेवा खतरा
एक पालक के रूप में मैं इस बात का ध्यान रखती/रखता हूँ कि जब तक मेरा बच्चा एक साल का नहीं हो जाता मैं उसे ज़्यादा नमक या शक्कर नहीं खिलाउंगी और उसके बाद भी मैं उसे सीमित मात्रा में शक्कर दूंगी जैसे चॉकलेट, आइसक्रीम और कैंडी। फिर जंक फ़ूड पर ध्यान रखने का समय आता है।
तो यदि आप पालक हैं तो आप समझ गए होंगे कि मेरे कहने का यह तात्पर्य है कि इस बात का ध्यान रखना कि बच्चा हेल्दी फ़ूड खा रहा है अथवा नहीं बहुत कठिन काम है।
जब मैं ट्रांस फैट और अतिरिक्त सोडियम की चिंता से मुक्त होती हूँ तो मैं खाद्य पदार्थों में मिले हुए रंगों के बारे में सोचती हूँ कि हेल्दी फ़ूड प्रोडक्ट्स में भी खाने में मिलाये जाने वाले रंग होते हैं।

इससे पहले कि मैं खाद्य पदार्थों में मिलाये जाने वाले रंगों के बारे में चौंकाने वाले तथ्य बताऊँ आइए जाने कि मैं क्यों चिंतित हूँ। खाद्य पदार्थों में मिलाये जाने रंग आम तौर पर कोयले या पेट्रोलियम से संश्लेषित किये जाते हैं। लाल तथा पीले रंग में कैंसरजन्य तत्व पाए जाते हैं। केवल इतना ही नहीं खाद्य पदार्थों में मिले हुए रंग बच्चों के व्यवहार से भी जुड़े हुए होते हैं।
अब, कुछ आश्चर्यचकित करने वाली बात। कई बार ऐसा होता है कि हम खाद्य पदार्थों में मिले हुए इन रंगों के बारे में अधिक नहीं जानते और अनेक बार हमें यह अनुभव भी नहीं होता कि हमारे बच्चे इनका सेवन कर रहे हैं। यहाँ खाद्य पदार्थों में मिले हुए रंग के बारे में कुछ बातें बताई गयी हैं जिनके बारे में प्रत्येक माता पिता को जानना आवश्यक है।
1. हेल्दी फ़ूड प्रोडक्ट्स में भी कलर मिलाये जाते हैं: फ्रूट मफिंस, ब्रेकफास्ट सीरियल (फ्रूट लूप्स), फ्रूट जूस, हेल्थ ड्रिंक्स या स्पोर्ट्स ड्रिंक्स, दही, दूध से बने पदार्थ और पैक्जेड फिंगर फ़ूड में रंग मिले होते हैं। इन रंगों से स्वास्थ्य को गंभीर नुकसान हो सकता है।

2. कुछ न खाने वाले पदार्थों में भी कलर मिलाये जाते हैं: क्या आप जानती हैं कि आपकी बेटी जिस स्ट्रॉबेरी फ्लेवर की टूथपेस्ट का उपयोग कर रही है उसमें रंग मिलाया हुआ है। विटामिन्स, माउथवॉश यहाँ तक कि दवाईयों में कलर मिले हुए होते हैं।

3. खाद्य पदार्थों पर लगे हुए लेबल पर उनमें मिले हुए रंगों की जानकारी ठीक तरह से नहीं लिखी होती: यदि लेबल पर परमिटेड फ़ूड कलर या आर्टिफिशियल फ़ूड कलर लिखा हुआ होता है तो आप समझ जाते हैं कि इनमें कलर मिला हुआ है परन्तु बहुत बार लेबल पर 'कारमेल’ या 'रेड#40’ लिखा हुआ होता है।

4. बच्चों को आकर्षित करने के लिए खाद्य पदार्थों में रंग मिलाये जाते हैं: क्या आपको आश्चर्य होता है कि जो मैंगो जूस आप घर पर बनाती हैं उसे बच्चा पीने से मना कर देता है परन्तु स्टोर में मिलने वाला मिक्स फ्रूट जूस फटाफट पी लेता है? यह केवल फ़ूड कलर होता है जिसमें शक्कर मिली हुई होती है।

5. खाद्य पदार्थों में मिले हुए रंगों के साथ बच्चे का व्यवहार जुड़ा हुआ होता है: एक अध्ययन से पता चला है कि खाद्य पदार्थों में मिला हुआ रंग बच्चों के व्यवहार को प्रभावित करता है। अध्ययनों से यह भी पता चला है कि खाद्य पदार्थों में मिलाये जाने रंगों में कैंसर कारक तत्व मिले हुए होते हैं।



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