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बच्चे को अकेले छोड़ना है मजबूरी तो इन बातों का जरूर रखें ध्यान
मौजूदा समय में संयुक्त परिवार बहुत कम ही देखने को मिलते हैं। नौकरी और व्यवसाय की वजह से लोग अपनी जड़ों को छोड़कर अलग अलग शहरों में जीवन बिता रहे हैं। एकल परिवार के तौर पर रहने से कई तरह की छोटी बड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। घर परिवार से दूर रहने पर आप तो एडजस्ट कर लेते हैं, मगर सबसे ज्यादा असर बच्चों पर पड़ता है।

यदि माता पिता दोनों ही वर्किंग हों तो बच्चों के लिए स्थिति और भी ज्यादा खराब हो जाती है। संयुक्त परिवार में घर के बड़े बुजुर्ग बच्चों के साथ ही दिन बिताते हैं और इस तरह बच्चों को अच्छी परवरिश भी मिलती है। साथ ही साथ नन्हे मुन्हों की सुरक्षा की भी टेंशन नहीं रहती है।
वजह चाहे जो भी हो, यदि आप परिवार से दूर रहते हैं और किसी भी कारणवश आपको घर पर अपने बच्चे को अकेले छोड़ना पड़े तो उस दौरान कुछ बातों का खास ख्याल रखें।

1.
एकल हो या संयुक्त परिवार खाना बनाने के बाद रसोईघर में गैस के सभी नॉब को बंद करें। घर में बच्चा है तो इसे अपनी आदत में शुमार कर लें और सिलेंडर की नॉब भी नीचे से बंद करें।

2.
घर पर छोटा बच्चा है तो आप सबसे पहले बिजली के बोर्ड और सॉकेट आदि में टेप लगा दें। जमीन या उसकी पहुंच में आ सकने वाली तारों को भी लपेट दें। आपकी गैरमौजूदगी में बच्चा किसी भी तरह की अनहोनी से बचा रहेगा।

3.
इलेक्ट्रॉनिक सामान के अलावा कैंची, सूई, चाकू आदि धारदार सामान को भी बच्चों की पहुंच से दूर कर लें। किसी अलमारी में इन्हें बंद कर दें तो बेहतर रहेगा।

4.
बच्चे को एकदम से दिनभर के लिए अकेला ना छोड़ें। बच्चों के अंदर भय रहता है और उसे खत्म करना आपकी ही जिम्मेदारी है। आप बच्चे को थोड़ी थोड़ी देर के लिए अकेला छोड़कर उसके डर को कम कर सकते हैं। उससे बात करें और बताएं कि अकेले रहने के दौरान उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है।

5.
बच्चों को बताएं कि यदि उन्हें डर लगे तो क्या करना चाहिए। आस पड़ोस और इमरजेंसी नंबर की जानकारी उन्हें पहले ही दे दें। उन्हें वो नंबर याद करा दें या फिर फ्रिज या किसी कमरे के दरवाजे पर पेपर पर लिखकर लगा दें। उन्हें समझाएं कि अकेले रहने पर उन्हें स्थिति को कैसे संभालना है।

6.
बहुत ज्यादा जरूरी हो तभी बच्चे को लॉक करें वरना उन्हें पूरी तरह से बंद करके बाहर ना जाएं ताकि वो किसी परेशानी में मदद के लिए पड़ोसियों को बुला सकते हैं। यदि पड़ोसियों पर भरोसा हो तो आप उनसे भी मदद ले सकते हैं तथा दिन में एक दो बार फोन करके बच्चे की स्थिति जान सकते हैं।

7.
यदि घर में पालतू जानवर है तो बच्चे को उससे सतर्क रहने के लिए कहें। बच्चे को सिखाएं कि आपकी गैरमौजूदगी में वो पेट्स को परेशान ना करें वरना वो बचाव के लिए आक्रमण भी कर सकता है।



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