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वो गुड हैबिटस जो हर पेरेंटस को अपने बच्चे को सीखानी जरूरी

कहते है बच्चे अपने माता–पिता का ही प्रतिबिंब होते है। यही कारण है कि बच्चों की आदतों, तौर-तरीकों सभी में उन्हीं की झलक नजर आती है। देखा जाए तो, बच्चों के लिए उनके माता–पिता आदर्श होते हैं। इसलिए ये जरूरी है कि पेरेंटस बच्चों को शुरू से ही कुछ अच्छी आदतें सीखाए, ताकि आगे जाकर वो एक शिष्ट व्यक्ति के रूप में उभरकर सामने आए। तो यहां हम आपको उन अच्छी आदतों के बारे में बताने जा रहे है, जो हर पेरेंटस को अपने बच्चों को सीखानी चाहिए।
- अच्छा व्यवहार और विनम्रता ऐसे गुण है जो आपको समाज में सम्मान दिलाता है। इसलिए अपने बच्चों को लोगों का सम्मान करना सिखाए । उन्हें समझाएं कि भले ही वह किसी ऐसे व्यक्ति के सामने हो जो उन्हें पसंद नहीं है, तब भी उन्हें विनम्र और सभ्य तरीके से बात करनी चाहिए। अपने बच्चे में ये गुण विकसित करने के लिए पहले अपने बच्चों के साथ सम्मान से पेश आना शुरू करें, और आप देखेंगे कि वह इस आदत को खुद ही सीख लेंगे।
- “कृपया“, “धन्यवाद” और “क्षमा” ये तीन ऐसे जादुई शब्द है, जो बच्चे को कई परेशानियों से आसानी से निपटने में मदद करेंगे। इन शब्दों का उपयोग करने से समाज में सम्मान भी मिलता है और प्रशंसा भी। अपने बच्चों के साथ अक्सर इन शब्दों का उपयोग करने का अभ्यास करें, ताकि वे भी रोजर्मरा की जिंदगी में इन शब्दों का प्रयोग करने लगे।
- समय बहुत ही कीमती है। इसलिए ये जरूरी है कि बच्चों को इसका उचित उपयोग करना सिखाया जाना चाहिए, समय पर तैयार होना सीखें, अपना हर काम समय पर करना सीखाए । ताकि बच्चों में ये आदत धीरे-धीरे विकसित होती रहे।
- अपने बच्चों को सेहतमंद जिंदगी जीने का महत्व समझाए। और इसके लिए उन्हें फिजिकल एक्टिविटी करने के लिए प्रेरित करें। यानि उन्हें खाली बैठे रहने और सोफे पर आराम से बैठकर टीवी देखने की अनुमति ना दें । बल्कि उन्हें घर से बाहर निकलकर टहलने या व्यायाम करने या बाहर जा कर खेलने के लिए प्रोत्साहित करें।
- बच्चों को आउट साइड फूड बहुत पसंद होता है। ऐसे में वो फास्ट फूड,चिप्स, मिठाई, बिस्कुट, और चॉकलेट की डिमांड करते हैं। लेकिन आपको उन्हें यह विश्वास दिलाना होगा कि हेल्दी फूड भी उतना ही टेस्टी हो सकता है। उन्हें नूडल्स, पास्ता, केक, कुकीज, और पिज्जा घर पर बना कर खिलाएं। बल्कि पेरेंटस को खुद, हेल्दी और बैलेंस फूड खाकर बच्चों के लिए अच्छी मिसाल पेश करनी चाहिए।
- बच्चों को बचपन से ही स्वच्छता जरूर सिखाई जानी चाहिए। बच्चों के आसपास चीजों को ठीक से व्यवस्थित करके स्वच्छता सिखाना शुरू करें। जब वे चीजों को व्यवस्थित देखने के आदी हो जाएंगे, तो वे उन्हें भी उसी तरह रखना चाहेंगे। नियमित रूप से ऐसा करने से, वह जल्द ही सीख जाएंगे और अपनी चीजों को स्वयं व्यवस्थित करने का प्रयास करेंगे।
- जैसे ही आपके बच्चे इतने ज़िम्मेदार बन जाएं कि वह जाकर सामान खरीदने के लिए रुपये–पैसे का उपयोग कर सकें, तब आप उन्हें कड़ी मेहनत की कमाई के मूल्य के बारे में समझाना शुरू कर दें। आप अपने बच्चों को पैसे बचाने की आदत डालने के लिए उन्हें कभी–कभी पॉकेट मनी दे सकते हैं या उनके साथ मिलकर गुल्लक में पैसे रख सकते हैं। इस तरह, आपके बच्चे रुपये–पैसे का मूल्य समझेंगे और बचत करना शुरू करेंगे।
- बच्चे आमतौर पर जानवरों और पक्षियों को अपने पास पा कर खुश हो जाते हैं। कुछ उनकी तरफ आकर्षित भी होते हैं, तो कुछ उनसे डरते हैं, जबकि कुछ शांत रहते हैं। लेकिन इन सबमें ये जरूरी है कि उन्हें हानिकारक पशुओं से दूर रहने और पालतू जानवरों के प्रति दयावान और स्नेहशील रहना सिखाए जाए।



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