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गलत संगति में फंसे बच्चे को लाए सही राह पर, अपनाए ये आसान पेरेंटिंग टिप्स
बात चाहे बच्चे की पढ़ाई की हो या दूसरी एक्टिविटीज की। बच्चा जहां भी जाता है वहां उसकी मुलाकात दूसरे बच्चों से होती है। लेकिन आज के सिनेरियो को देखते हुए ये जरूरी है कि पेरेंटस अपने बच्चों की हर एक्टिविटीज पर नजर रखें। क्यूंकि आजकल के बच्चों में हर चीज की समझ पहले के बच्चों की तुलना में अधिक है। लेकिन वर्तमान समय में ज्यादातर माता-पिता वर्किंग होते है, ऐसे में वे बच्चों को पूरा समय नहीं दे पाते है। बल्कि कई पेरेंटस को तो अपने काम के चक्कर में ये तक पता नहीं रहता कि बच्चा दिन भर घर पर क्या कर रहा है, किसके साथ है। और इसी कारण बच्चे गलत संगति में पड़ जाते है।

तो ऐसी स्थिति मे पेरेंटस को क्या कदम उठाने चाहिए, ताकि बच्चा समय रहते फिर से संभल जाए और वो बुरी संगत से खुद-ब-खुद दूर हो जाए। इस बारे में हम आपको कुछ ऐसे पेरेंटिंग टिप्स दे रहे हैं जो आपको अपने बच्चे को गलत संगत से निकालने में मदद करेंगे।
1. बच्चों को पूरा समय दें
एक बच्चे के विकास के लिए ये बहुत जरूरी है कि उसके पेरेंटस उसे ज्यादा से ज्यादा वक्त दें, इससे आपका और बच्चे के बीच का रिश्ता स्ट्रांग बनेगा। जब आप उसके साथ होंगे तो उसे इनसिक्योरिटी भी महसूस नहीं होगी। और वो गलत संगति से दूर होता जाएगा।
2. फ्रेंडली पेरेंटस बनें
अगर आप सख्त नहीं बल्कि फ्रेंडली पेंरेटस बनकर बच्चों से डील करते है तो यकीन मानिए बच्चा कभी गलत संगति में नहीं पड़ेगा। बल्कि उसकी आदत बन जाएगी, अपनी हर छोटी-मोटी बात शेयर करने की। और जब उसकी बात को कोई सुनने वाला होगा, तो उसे किसी तीसरे की जरूरत ही नहीं पड़ेगी। वो बेझिझक अपनी सारी बातें आपको बता पाएगा और एक गाइड के रूप में आपको उसे समय-समय पर सही मार्ग दिखलाते रहना होगा।

3. सख्ती नहीं प्यार दिखलाए
ऐसा माना जाता है पेरेंटस की हद से ज्यादा से सख्ती भी बच्चों को झूठ बोलने के लिए मजबूर कर देती है। यानि अगर आप उसे हर बात पर डांटेंगे तो वो हर छोटी-मोटी बात आपसे छिपाने लगेगा और जब वो कोई गलती करेगा तो खुद को डांट से बचाने के लिए झूठ बोलना भी शुरू कर देगा। तो ऐसी स्थिति से बचने के लिए बच्चों को डांट-फटकार कर नहीं बल्कि प्यार से समझाकर उसकी बुरी आदतों को बदला जा सकता है।
4. बच्चे के हर दोस्त की जानकारी रखें
हर पेरेंटस को इस बारे में पूरी जानकारी होनी चाहिए कि आपके बच्चे के फ्रेंड्स कौन-कौन से हैं। उनका स्वभाव क्या है या वो किस ब्रेगाउंड से है। अगर आपको इस बारे में जानकारी होगी तो आप बच्चों को अच्छे-बुरे का भेद समझाकर उसे गलत संगत में पड़ने से रोक सकेंगे।



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