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प्रसव के बाद पीरियड्स में क्यूंं आते हैं परिवर्तन?
प्रसव के बाद, मासिक चक्र में गड़बड़ी या देरी होना सामान्य समस्या है। क्योंकि प्रसव के बाद, शरीर को सामान्य होने में समय लग जाता है।
बच्चे के जन्म के बाद, महिलाएं अपने नियमित मासिक धर्म का इंतजार करती हैं और अगर इसमें देरी होती है तो उन्हें फिक्र हो जाती है।
दरअसल, प्रसव के बाद, मासिक चक्र में गड़बड़ी या देरी होना सामान्य समस्या है। क्योंकि प्रसव के बाद, शरीर को सामान्य होने में समय लग जाता है।
कई महिलाओं को लाल रंग का योनि स्त्राव निकलता है जिसे वो पीरियड्स समझ बैठती हैं। महिलाओं के शरीर में प्रसव के बाद पीरियड्स में परिवर्तन होने के निम्न कारण हो सकते हैं:

तथ्य 1.
बच्चे के जन्म के बाद, मासिक चक्र में कुछ बदलाव हो सकता है। अप्रत्याशित मासिक चक्र हो सकते हैं। नियमित मासिक चक्र, 6 या 7 हफ्तों के बाद ही शुरू हो सकते हैं।

तथ्य 2.
कई बार प्रसव के बाद महिलाओं को भारी रक्तस्त्राव होता है जिसकी वजह से उनके मासिक धर्म में बाद में देरी हो सकती है। लेकिन ऐसे में डॉक्टर से सम्पर्क करना जरूरी होता है।

तथ्य 3.
प्रसव के बाद मासिक धर्म बहुत कम दिन के लिए या बहुत ज्यादा दिन के लिए हो सकते हैं। कई बार महीने में नहीं भी होते हैं। ये हर महिला के शरीर पर निर्भर करता है।

तथ्य 4.
प्रसव के बाद, कुछ महिलाओं को पीरियड्स के दौरान भयानक दर्द भी होता है। साथ ही मूड स्विंग, मतली आदि समस्याएं भी हो जाती हैं।

तथ्य 5.
स्तनपान कराने वाली महिलाओं को भी मासिक धर्म सही से नहीं होते हैं, ऐसा अक्सर देखा गया है। इसलिए इस बात पर परेशान न हों। लेकिन अगर ये स्तनपान छुड़वा देने के बाद भी चलता रहता है तो जाकर डॉक्टर से सम्पर्क करें।

तथ्य 6.
प्रसव के बाद, शरीर में हारमोन्स के कारण आने वाले बदलाव की वजह से भी ये समस्या हो सकती है।

तथ्य 7.
प्रसव के बाद, स्तनपान के दौरान, शरीर में प्रोलैक्टिन नामक हारमोन स्त्रावित होता है। इससे महिला का ओव्यूलेशन प्रभावित होता है, जिस वजह से पीरियड्स में देरी हो सकती है।



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