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डिलीवरी के बाद अपने शरीर से यूं करें प्यार
अक्सर होता है कि डिलीवरी के बाद अपने शरीर में आए बदलाव को देखकर महिलाएं घबरा जाती हैं, इस आर्टिकल से जानिए कि कैसे बेबी हो जाने के बाद अपने शरीर से प्यार करें।
मातृत्व का अहसास करना हर महिला का सपना होता हैं। लेकिन अक्सर ये चीजें देखने को मिलती है कि डिलीवरी के बाद अपने शरीर में आए बदलाव को देखकर महिलाएं घबरा जाती हैं और अपने बढ़ते वजन या शरीर के बदलाव की वजह से स्ट्रेस में भी चली जाती हैं।
डिलीवरी के बाद महिलाओं को कई चुनौतियों का सामना करना होता हैं, अपने प्रेग्नेंसी के बाद नए मेहमान की देखरेख, बदले हुए शेड्यूल के चलते संभव है कि आप अपने शरीर पर ध्यान न दे पाएं, लेकिन इस आर्टिकल के जरिए आप इन छोटे-छोटे स्टेप्स से अपने शरीर में आए बदलावों को स्वीकारने और धीरे-धीरे शेप में आने में मदद करेंगे।

खुद की तुलना न करें
पहले अपनी प्राथमिकताओं पर ध्यान दें, शेप में आने की जल्दबाज़ी न करें और इसके लिए आपको ख़ुद की दूसरी मांओं से तुलना करना बंद करना होगा, ख़ासतौर पर उन अभिनेत्रियां से, जो बच्चा पैदा करने के कुछ दिनों बाद ही परफ़ेक्ट बॉडी दिखाने लगाती हैं। हर महिला का बॉडी टाइप अलग-अलग होता है और ऐसी तुलना आपको केवल नकारात्मक विचारों से भर देगी।


आपके पास जो भी है उस पर इठलाएं:
ऐसी पोशाकें पहनें, जो आपको बच्चा होने के बाद के अपने शरीर के बारे में अच्छा महसूस कराए. अतः ऐसी कोई शर्ट ख़रीदें, जिससे आपका नया-नया क्लीवेज दिखाई दे या ढीली-फ़्लोई ड्रेसेस चुनें, जो आपके असहज कर्व्स को छिपाएं और आपको आत्मविश्वास से भर दें।

हल्के-फुल्के एक्सरसाइज़ से शुरुआत करें:
एक दम से कोई बड़ा लक्ष्य न तय करें, जैसे एक महीने में ही अपने सारे बेबी फ़ैट को नष्ट करना। इसके बजाय आसान शारीरिक गतिविधियों, जैसे घर में ही चलने-फिरने, थोड़ा-बहुत योग करने, स्ट्रेचिंग करने, पार्क में 20-मिनट के लिए वॉक पर जाने से शुरुआत करें।

ख्ाुद की केयर करें
अपनी रूटीन में से कुछ समय ख़ुद को दुलारने के लिए निकालें। फिर चाहे अपने बाथ टब में कुछ मिनट ज़्यादा गुज़ारकर या स्पा सेशन के लिए जाकर। ज़्यादातर मांएं ख़ुद को बच्चे की देखरेख में इतना व्यस्त कर लेती हैं कि अपनी प्रतिदिन की देखरेख को भी नज़रअंदाज़ कर देती हैं। तो थोड़ा मेकअप लगाएं या नया हेयरकट करवाएं और ख़ुद में आए नएपन का आनंद उठाएं।

बी पॉजीटिव
यदि आप अंदर से अच्छा महसूस करेंगी तो बाहर भी वही दिखाई देगा। अपने शारीरिक आउटलुक को स्वीकारने के साथ-साथ सकारात्मकता और आत्मविश्वास के ज़रिए अपने भीतर को भी पोषित करें। किसी शौक़ को पूरा करने की कोशिश करें या कोई अच्छा काम करने पर ख़ुद की तारीफ़ करें। कुछ ऐसे काम करें, जो आपको ख़ुशी देता हो। फिर चाहे वे कोई छोटी-सी रोज़मर्रा की चीज़ ही क्यों न हो।



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