Latest Updates
-
बिना मारे चूहों को घर से भगाने का देसी तरीका! आटे में मिलाकर रख दें ये एक चीज, फिर कभी नहीं आएंगे नजर -
Pahadi Crispy Snack Singal Recipe: घर पर बनाएं उत्तराखंड का पारंपरिक और कुरकुरा स्वाद -
कौन हैं पंकज त्रिपाठी के भाई बिजेंद्र नाथ तिवारी? आखिर क्यों हुआ जानलेवा हमला, गंभीर हालत में AIIMS में भर्ती -
Swapna Shastra: सपने में किन्नर को देखना होता है शुभ और अशुभ संकेत? जानिए इसका मतलब -
Cooling Summer Lunch Curd Rice Recipe: गर्मियों में पेट को ठंडक देने वाली सबसे आसान रेसिपी -
काले धब्बों वाले प्याज खाना चाहिए या नहीं? सेहत पर क्या होगा असर, यहां जानें इसका सही जवाब -
Ambubachi Mela 2026: कामाख्या मंदिर में शुरू हुआ अंबुबाची मेला, 3 दिनों तक बंद रहेंगे कपाट, जानें इसका महत्व -
Soft Dahi Paratha Recipe: घर पर बनाएं एकदम नरम और स्वादिष्ट दही का पराठा -
Aaj Ka Rashifal 22 June 2026: सोमवार को इन 5 राशियों पर बरसेगी महादेव की कृपा, धन लाभ के प्रबल योग -
Quick Filling Dinner Anda Paratha Recipe: घर पर बनाएं ढाबे जैसा स्वादिष्ट अंडा पराठा
एक साथ धड़कते हैं दिल
ब्रिटेन के वैज्ञानिकों ने अपने अध्ययन में पाया है कि मां का दिल उसके गर्भ में पल रहे भ्रूण के साथ-साथ धड़कता है. इस अध्ययन के नतीजों का इस्तेमाल अब गर्भवती महिलाओं के इलाज में किया जा रहा है.
वैज्ञानिकों का मानना है कि जब गर्भवती महिला लयबद्ध ढंग से सांस लेती है तो मां और उसके अजन्मे भ्रूण के दिल एक साथ धड़कते हैं. ब्रिटेन के यूनिवर्सिटी ऑफ एबरडीन के वैज्ञानिकों का दावा है कि इस शोध से एक नई तकनीक की खोज का मार्ग प्रशस्त होता है.
इस तकनीक की मदद से गर्भावस्था के दौरान भ्रूण विकास संबंधी समस्याओं का पता लगाने में मदद मिलेगी. वैज्ञानिकों ने बताया कि अगर धड़कन साथ-साथ नहीं हो, तो इसका मतलब है कि कहीं न कहीं कोई दिक्कत है. फिर गर्भवती मां को डॉक्टरी सलाह की ज़रूरत होगी.
यूनिवर्सिटी ऑफ एबरडीन के भौतिकविद और इस वैज्ञानिक दल में शामिल डॉ मार्को थील ने कहा, "गर्भवती महिलाएँ अक्सर अपने बच्चे के साथ भावनात्मक संबंध की जानकारी देती हैं. लेकिन अभी तक इस बात के लिए कोई पुख्ता प्रमाण नहीं था कि यह जुड़ाव एक साथ दिल की धड़कन में दिखाई देती है."
उन्होंने कहा, "हमारे नतीज़ों से पता चलता है कि मां और भ्रूण के दिल एक साथ धड़कते हैं-लेकिन यह तभी होता है जब मां लयबद्ध तरीके से सांस ले रही हो. " डॉ थील ने कहा, "इन सबके बीच ही भ्रूण अपने दिल की धड़कन के साथ समायोजन बिठाता है. ख़ास बात है कि यह घटना उस समय नहीं हो पाती है जब मां सामान्य तौर पर सांस ले रही हो."
अध्ययन के नतीजों का इस्तेमाल अब जर्मनी की ग्रोनीमेयर इंस्टीट्यूट ऑफ माइक्रो थैरेपी में गर्भवती महिलाओं के इलाज में किया जा रहा है.



Click it and Unblock the Notifications