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शीघ्र रजोनिवृति और प्रजनन क्षमता के संबंध का पता लगा
प्रजनन क्षमता में रजोनिवृत्ति से दस साल पहले कमी आने लगती है. वैज्ञानिकों ने उन चार जीन का पता लगा लिया है जो महिलाओं में समय से पूर्व रजोनिवृत्ति यानी मेनोपॉज़ के लिए ज़िम्मेदार हैं.
बीस में से एक महिला 46 साल की उम्र से पहले ही रजोनिवृत्ति का शिकार हो जाती है. यानी इस आयु से एक दशक पहले से ही उसकी गर्भधारण की संभावना में कमी आ जाती है. ह्मूमैन मोलेक्यूलर जेनेटिक्स में छपे इस अध्ययन में कहा गया है कि चार जीन की मिश्रण इस स्थिति को बढ़ा देता है और एक सरल से परीक्षण से इसका पता लगाया जा सकता है.
रजोनिवृत्ति आमतौर पर तब होती है जब अंडाशय में मौजूद अंडाणुओं की संख्या एक हज़ार से नीचे पहुँच जाती है. अब तक इस बात की जानकारी हासिल करना काफ़ी मुश्किल था कि इन अंडाणुओं की तादाद में तेज़ी से कमी का कारण क्या हो सकता है.
यूके स्थिति एक्सटर विश्विद्यालय और कैंसर अनुसंधान संस्थान के शोधकर्ताओं ने उन चार जीन का बारीकी से अध्ययन किया जिनके रजोनिवृत्ति से संबंध के बारे में अनुमान लगाए जाते रहे हैं. उन्होंने जल्दी रजोनिवृत्ति का शिकार हुई 2000 महिलाओं और साथ ही 2000 ऐसी महिलाओं का अध्ययन किया जिनकी सामान्य आयु में ही रजोनिवृत्ति हुई.
अपनी खोज के दौरान उन्होंने पाया कि जिन महिलाओं में उन चारों जीन में से कोई एक भी मौजूद थे वे जल्दी ही रजोनिवृत्ति का शिकार हुईं. जिन महिलाओं में एक से ज़्यादा जीन थे उनमें यह प्रवृत्ति बढ़ी हुई थी. एक्स्टर विश्विद्यालय की डॉक्टर ऐना मरे का कहना है कि जल्दी रजोनिवृत्ति का पहले से अंदाज़ा लगाना इस लिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे कई साल पहले लिए गए फ़ैसलों पर भी असर पड़ सकता है.
ओवरी में अंडे बनने की प्रवृत्ति कम हो जाती है. उन्होंने कहा, "एक अनुमान के अनुसार महिला की जब रोजनिवृत्ति शुरू होती है उससे दस साल पहले से उसकी गर्भधारण की क्षमता कम होने लगती है". डॉक्टर मरे का कहना है, "इसलिए यदि वे महिलाएँ जो जल्दी ही रजोनिवृत्त होने वाली हैं, तीस साल की उम्र तक बच्चे को जन्म देने की योजना टाल देती हैं तो उनके लिए समस्या पैदा हो सकती है".
इस खोज से इन महिलाओं को एक सरल से टेस्ट के ज़रिए यह पता चल सकेगा कि क्या वे इस ख़तरे का सामना कर रही हैं. डॉक्टर मरे के अनुसार, इस जाँच के परिणामों के बाद वे परिवार को बढ़ाने संबंधी अपनी भावी योजनाएँ तय कर सकती हैं.



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