Latest Updates
-
कौन थे हरि मुरली? जिनका 27 की उम्र में हुआ निधन, चाइल्ड आर्टिस्ट के तौर पर 50 से ज्यादा फिल्मों में किया काम -
शादी के 4 साल बाद क्यों अलग हुए हंसिका मोटवानी और सोहेल कथूरिया? एक्ट्रेस ने नहीं ली एलिमनी -
No Gas Recipes: गैस खत्म हो जाए तो भी टेंशन नहीं, ट्राई करें ये 5 आसान रेसिपी -
किडनी को डैमेज कर सकती हैं रोजाना की ये 5 गलत आदतें, तुरंत करें सुधार वरना पड़ेगा पछताना -
Alvida Jumma 2026: 13 या 20 मार्च, कब है रमजान का आखिरी जुमा? जानिए क्यों माना जाता है इतना खास -
कृतिका कामरा ने गौरव कपूर संग रचाई गुपचुप शादी, सुर्ख लाल साड़ी में दिखीं बेहद खूबसूरत, देखें PHOTOS -
World Kidney Day 2026: हर साल क्यों मनाया जाता है विश्व किडनी दिवस? जानें इतिहास, महत्व और इस साल की थीम -
घर से मुस्लिम प्रेमी संग भागी महाकुंभ वायरल गर्ल मोनालिसा, केरल में रचाई शादी -
कौन हैं सायली सुर्वे? मिसेज इंडिया अर्थ 2019 ने मुस्लिम पति पर लगाए लव जिहाद के आरोप, हिंदू धर्म में की वापसी -
कौन हैं हरीश राणा, जिन्हें सुप्रीम कोर्ट ने दी इच्छामृत्यु की अनुमति? जानिए 13 साल से कोमा में क्यों थे
प्रसव में पीठ दर्द को कम करने का तरीका
दुनिया में सबसे अच्छी फीलिंग तब होती है जब कोई औरत मां बनती है। प्रेग्नेंसी के दौरान आपका मन हमेशा अपने अजन्मे बच्चे के बारे में सोचता रहता है। हालांकि, इस अवस्था में मां को कई कठिनाईयों से भी गुजरना पड़ता है। प्रेग्नेंसी के दौरान और प्रसव के समय महिलाओं को कई प्रकार की दिक्कतें होती है। इस कंडीशन में सबसे ज्यादा पीठ में दर्द होता है।
बैक लेबर, प्रेग्नेंसी में एक टर्म है, जब कमर में काफी दर्द होता है और महिला को काफी दिक्कत और असहज महसूस होता है। प्रेग्नेंसी के दौरान बैक लेबर तब होता है जब बच्चा पेट के अंदर करवट बदलता है और बर्थ कैनॉल में प्रवेश करता है। ऐसा हर किसी के साथ नहीं होता है, कई महिलाएं इस दौर में आराम से रहती है लेकिन कई को दर्द भी होता है। यह कंडीशन, खतरे वाली बात नहीं है और न ही इससे बच्चे और मां को कोई नुकसान पहुंचता है। हालांकि कमर में दर्द, महिलाओं के लिए असहजा का कारण
बन सकता है।
यहां आपको बैक लेबर में होने वाले दर्द को कम करने के बारे में कुछ टिप्स दिए जा रहे है। हालांकि, आप इन्हे आजमाने से पहले अपने डॉक्टर से सम्पर्क कर लें, कहीं ऐसा न हो आप किसी और समस्या से ग्रसित हों और बैक पैन समझकर बैठी रहें। तो पढि़ए, प्रसव के दौरान पीछ दर्द कमकरने के उपाय :

1) शारीरिक गतिविधि मदद करती है। :
प्रसव से पहले ही बिल्कुल बैठ जाना, कोई काम न करना भी दर्द का सबसे बड़ा कारण होता है। प्रसव होने से पूर्व तक आप अपने कार्य स्वंय करें ताकि आपकी बॉडी में हमेशा मूवमेंट बना रहें। सुबह और शाम को थोड़ा - थोड़ा टहलें। इससे आपको आराम मिलेगा।

2) वॉटर मसाज करें :
जब भी दिन के दौरान दर्द हों, तो आप गुनगुने पानी से स्नान कर लें। चाहें तो इसमें अपने हसबैंड की मदद ले सकती है कि वह आपके बैक पर गुनगुने पानी को लगा दें।

3) प्रेशर तकनीकी :
बैक में दर्द होने पर प्रेशर तकनीकी अपनाएं। इससे काफी आराम मिलता है। इसे आप घर बैठे कोई भी काम करते हुए कर सकती है। उंगलियों के टिप से धीरे - धीरे प्रेशर डालें, राहत मिलेगी।

4) हाथ और घुटनों पर रहें:
अगर दर्द आपको काफी होता है तो हाथ और घुटनों के बल दो मिनट रहें। इससे आपको आराम मिलेगा। जब आप इस अवस्था में होगी तो बच्चा आसानी से बर्थकैनॉल में प्रवेश कर सकता है या घूम सकता है। इस पोजिशन से बच्चे को घूमने में कोई दिक्कत नहीं आती।

5) पेल्विक को घुमाने का प्रयास करें :
यह एक साधारण सी तक तकनीक है और कोई भी गर्भवती स्त्री इसे अपना सकती है। इससे दर्द काफी आसानी से बंद हो जाता है। इसके लिए आप अपने बट्ट को नीचे से पकड़े और फिर वापस सही पोजिशन में बैठ जाएं। ज्यादा जोर न लगाएं।

6) अन्य काम :
प्रसव से पहले होने वाले पीठ दर्द को कम करने के लिए आप बर्थडे बॉल का यूज भी कर सकती है। इससे आपके शरीर को आराम मिलेगा और बैक में होने वाले दर्द में भी राहत मिलेगी। आप चाहें तो दर्द कम करने के लिए काउंटर प्रेशर को भी कर सकती है।



Click it and Unblock the Notifications











