Latest Updates
-
Mother Day 2026: सलाम है इस मां के जज्बे को! पार्किंसंस के बावजूद रोज 100 लोगों को कराती हैं भोजन -
Aaj Ka Rashifal 08 May 2026: शुक्रवार को इन 4 राशियों पर बरसेगी मां लक्ष्मी की कृपा, जानें अपना भाग्यशाली अंक और रंग -
Mother’s Day 2026: इस मदर्स डे मां को दें स्टाइल और खूबसूरती का तोहफा, ये ट्रेंडी साड़ियां जीत लेंगी उनका दिल -
World Ovarian Cancer Day 2026: ओवेरियन कैंसर से बचने के लिए महिलाएं करें ये काम, डॉक्टर ने बताए बचाव के तरीके -
World Ovarian Cancer Day 2026: ओवेरियन कैंसर होने पर शरीर में दिखाई देते हैं ये 5 लक्षण, तुरंत करवाएं जांच -
World Thalassemia Day 2026: क्यों मनाया जाता है विश्व थैलेसीमिया दिवस? जानें इसका महत्व और इस साल की थीम -
Mother's Day 2026: डिलीवरी के बाद हर महिला को करने चाहिए ये योगासन, जल्दी रिकवरी में मिलेगी मदद -
Mother's Day 2026: मदर्स डे पर मां को दें सेहत का तोहफा, 50 के बाद जरूर करवाएं उनके ये 5 जरूरी टेस्ट -
Mother’s Day Special: बेटे की जिद्द ने 70 साल की उम्र में मां को दी हिम्मत, वायरल हैं Weightlifter Mummy -
कौन हैं अरुणाचलम मुरुगनाथम? जिन्हें नोबेल शांति पुरस्कार 2026 के लिए किया गया नॉमिनेट
हमारी समझ से कहीं ज्यादा स्मार्ट होते हैं गर्भ में पल रहे बच्चे: अध्ययन
उस दिन से जब आप गर्भ धारण करती हैं उस दिन तक जब आप बच्चे की पहली किक महसूस करती हैं, बच्चे को गर्भ में रखना निश्चित ही बहुत स्पेशल एहसास होता है। गर्भावस्था के नौ महीनों के दौरान गर्भ में पल रहे बच्चे अपने पोषण के लिए माताओं पर निर्भर होते हैं क्योंकि वे भ्रूण की गर्मी के अंदर बढ़ते हैं।
वे अपनी जगह बदल सकते हैं, एक्टिव रह सकते हैं, चारों और घूम सकते हैं और संतुलन की भावना को विकसित कर सकते हैं तथा रो भी सकते हैं। खैर, कैसा लगेगा यदि हम आपको बताएं कि आपका बच्चा गर्भ के अंदर केवल इतना ही नहीं बल्कि बहुत कुछ करता है?

नए अध्ययनों से पता चला है कि आपके गर्भ में पल रहा बच्चा आवाजों को सुनने और किक मारने के अलावा और भी बहुत कुछ कर सकता है। वास्तव में गर्भ में बढ़ रहे बच्चे आपकी सोच से कहीं अधिक स्मार्ट होते हैं। प्रारंभिक तौर पर वह वास्तविकता से कहीं ज्यादा देख सकता है।
अध्ययन
कैलीफोर्निया विश्वविद्यालय, बर्कले के विशेषज्ञों ने बताया कि बच्चे गर्भ में विकास के चरणों में होते हैं लेकिन इसका यह अर्थ नहीं है कि उनकी इन्द्रियों का विकास नहीं हो रहा है। वास्तव में बच्चे पैदा होने से पहले ही अपने आसपास की चीजों को देखना और महसूस करना शुरू कर देते हैं। यह देखा गया है कि रेटिना में विकसित होने वाली प्रकाश के प्रति संवेदनशील कोशिकाएं जो पहले बच्चे को केवल दिन और रात महसूस करने या संतुलन बनाने के लिए सहायक होती थी अब वे आंखों को और अधिक संवेदनशीलता प्रदान करती हैं और ब्रेन के विकास में सहायक होती हैं जो भविष्य में उनके विकास को प्रेरित करती हैं।

यह अध्ययन इस तथ्य पर भी प्रकाश डालता है कि गर्भ में पल रहे बच्चे जितना हम सोचते हैं उससे कहीं अधिक जागरूक होते हैं। वास्तव में गर्भवती माताओं के सामने सावधानीपूर्वक बोलना चाहिए। विश्लेषण से पता चलता है कि बच्चे गर्भ के अंदर ही माताओं द्वारा कही गयी बातों को सुनना और समझना शुरू कर देते हैं।
कुछ निष्कर्ष इस बात को भी प्रमाणित करते हैं कि नवजात शिशु की तरह ही गर्भ में पल रहा भ्रूण भी चीजों या बातों को सीख सकता है, समझ सकता है और याद रख सकता है। एक अद्भुत अवलोकन से पता चला है कि गर्भ में पल रहा बच्चा संगीत की धुनों को भी समझ सकता है। अध्ययन के अनुसार सोनोग्राफी से पता चला है कि जिन बच्चों की माताएं धारावाहिक या टेलीविजन देखती हैं वे इसकी धुनों के प्रति प्रतिक्रिया भी देते हैं।



Click it and Unblock the Notifications