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प्रेग्नेंसी में हाशिमोटो थॉयराइड से जूझ रही है एक्ट्रेस स्मृति खन्ना, इस ऑटोइम्यून बीमारी की वजह जानें
Hashimoto Thyroiditis During Pregnancy : टीवी एक्ट्रेस और लाइफस्टाइल इन्फ्लुएंसर स्मृति खन्ना ने जल्द ही दूसरी बार मां बनने वाली है। हाल ही में एक्ट्रेस ने अपनी सैकंड प्रेग्नेंसी से जुड़े कई चौंकान्ने वाले खुलासे किए। उन्होंने बताया कि सैकंड प्रेग्नेंसी उनके लिए काफी परेशानियों से भरा रहा है।
उन्होंने बताया कि जब वह दूसरी बार प्रेग्नेंट हुईं तो टेस्ट के दौरान पता चला की उनको हाशिमोटो नामक ऑटोइम्यून डिसऑर्डर है। जिसके बारे में उन्होंने कभी नहीं सुना था और इसका इलाज भी संभव नहीं था। उन्होंने बताया कि यह ऑटोइम्यून बीमारी प्रेग्नेंसी के दौरान आपके गर्भाशय पर हमला करने लगता है।
हाशिमोटो एक तरह का थायरॉयड से जुड़ी समस्या हैं। आइए जानते हैं इस मेडिकल कंडीशन के बारे में सब कुछ-

क्या है हाशिमोटो थाइरॉइडाइटिस? (Hashimoto Thyroiditis)
हाशिमोटो थाइरॉइडाइटिस एक ऑटोइम्यून थायरॉइड डिजीज है, जो आयोडीन की कमी के वजह से होती है। इस बीमारी में मरीज की इम्यूनिटी पावर उसके ही थायरॉइड ग्लैंड के खिलाफ होकर हमला करना शुरु कर देता है। इस वजह से थायराइड हार्मोन कभी हाई रहता है तो कभी लो रहता है। यह स्थिर नहीं हो पाता है। इस कंडीशन का पता लगाने के लिए आपको थायराइड से संबंधित जांच करवानी पड़ती है।
प्रेग्नेंसी में हाशिमोटो होने का खतरा
प्रेग्नेंसी के शुरुआती महीनों में थायरॉइड एक निश्चित स्तर तक होना जरुरी होता है। थायरॉइड प्रेग्नेंसी में मुख्य भूमिका निभाता है। इसका ज्यादा होना भी प्रेग्नेंसी में घातक होता है और कम होना भी। हाशिमोटो में थॉयराइड का स्तर अस्थिर होता होता है जोकि चिंता का विषय है।
हाशिमोटो की वजह से अक्सर गर्भपात का खतरा बढ़ जाता है। खासकर गर्भावस्था के शुरुआती दिनों में, और यह स्थिति प्रीक्लेम्पसिया, प्लेसेंटल अबॉर्शन और एनीमिया का कारण भी बन सकती है। कई बार हाशिमोटो की वजह से प्रीमैच्योर डिलीवरी का खतरा भी रहता है।
हाशिमोटो से बचाव के तरीके
- आयोडीन युक्त भोजन करें।
- आयोडीनयुक्त नमक का खाने में इस्तेमाल करें।
- हरे धनिया की पत्तियों को अपनी डाइट में शामिल करें।
- केले, मछली, सी फूड्स, मूंगफली, शकरकंद जैसी चीजों का सेवन करें।
- इसके अलावा खूब एक्सरसाइज करें।



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