Latest Updates
-
अमरनाथ गुफा में पिघला तो फ्रिज में दिखा 'बाबा बर्फानी' का शिवलिंग? वायरल वीडियो देख लोग रह गए हैरान -
एक कली कच्चा लहसुन खाकर दिन की शुरुआत करती हैं सोहा अली खान, जानें खाली पेट गार्लिक खाने के 5 जबरदस्त फायदे -
पिृत दोष से मुक्ति के लिए आज आषाढ़ अमावस्या पर करें इन 5 चीजों का दान, पितरों का मिलेगा आशीर्वाद -
बार-बार मुंह में हो रहे छालों को भूलकर भी न करें नजरअंदाज, हो सकता है ओरल कैंसर, जानें लक्षण -
लड़के-लड़कियों के लिए सबसे मॉडर्न और छोटे 100+ टॉप नाम, यहां देखें अर्थ सहित लिस्ट -
कांवड़ यात्रा कब से होगी शुरू? इस दौरान भूलकर भी न करें ये 5 गलतियां, अधूरी रह जाएगी पूजा -
Kriti Sanon ने करवाए अपने अंडे फ्रीज! जानें किस उम्र में ये कराना बेहतर और Egg Freezing फायदे-नुकसान? -
कब है आषाढ़ अमावस्या? इस दिन इन 4 राशियों पर मंडरा रहा संकट, कहीं आपकी राशि भी तो लिस्ट में नहीं? -
Corona Alert: सिंगर कुमार सानू के बेटे को हुआ कोविड, आंध्र प्रदेश में मिले सबसे ज्यादा मरीज, जानें लक्षण -
स्कूल टिफिन के लिए 15 मिनट में तैयार करें सॉफ्ट और स्पंजी सूजी के अप्पे, नोट कर लें आसान रेसिपी
Janmashtami 2025: 'पंचामृत' कैसे बनता है 'दिव्य अमृत'? ठाकुर जी को भोग लगाने से पहले जान लें
Janmashtami 2025: 16 अगस्त 2025 दिन शनिवार को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी है। इस दिन कृष्ण भक्त व्रत रखते हैं और ठाकुर जी के लिए स्पेशल पंचामृत का भोग बनाते हैं। ठाकुर जी के पूजन और भोग में पंचामृत का विशेष महत्व होता है। इसे "दिव्य अमृत" कहा जाता है क्योंकि इसमें दूध, दही, घी, शहद और गंगाजल जैसे पवित्र तत्व शामिल होते हैं। मान्यता है कि पंचामृत न केवल भगवान को प्रसन्न करता है, बल्कि इसे ग्रहण करने से शरीर में ऊर्जा, मन में शांति और जीवन में सकारात्मकता आती है। जन्माष्टमी के दिन ठाकुर जी का जन्मोत्सव मनाते समय पंचामृत से अभिषेक करना और उन्हें भोग लगाना व्रत को पूर्ण और फलदायी बनाता है। यह केवल पूजा की परंपरा नहीं, बल्कि भक्त और भगवान के बीच प्रेम का प्रतीक भी है।
कृष्ण भगवान के अलावा हर पूजा में पंचामृत बनाया जाता है। हालांकि ये हर पूजा में बनाया जाता है लेकिन लोग इसे बनाने का सही तरीका नहीं जानते हैं। एस्ट्रोलॉजर जया मदान ने पंचामृत को बनाने का सही तरीका बताया और उसके लाभ के बारे में भी बताया। आइए जानते हैं पंचामृत बनाने की आसान और सही विधि, जिससे आप इस जन्माष्टमी पर ठाकुर जी को प्रसन्न कर सकें और उनके आशीर्वाद का लाभ पा सकें।

सही विधि से न बने पंचामृत तो नहीं मिलता पुण्य
हालांकि हर पूजा में पंचामृत बनता है और खासतौर पर श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के दिन ये बनाया जाता है और ठाकुर जी को भोग लगाया जाता है। मगर बहुत से लोगों को इसे बनाने की सही विधि नहीं पता है जिसकी वजह से वो पुण्य नहीं मिलता है जो मिलना चाहिए। मशहूर एस्ट्रोलोजर जया मदान ने बताया है कि कैसे पंचामृत को बनाना चाहिए। साथ ही उन्होंने ये भी बताया कि पंचामृत को ग्रहण करने से क्या-क्या लाभ मिलते हैं।
पंचामृत को बनाने का सही तरीका क्या है?
जया मदान ने बताया कि पंचामृत को हमेशा बढ़ते क्रम में बनाना चाहिए। इसके लिए सबसे पहले एक चम्मच शुद्ध देसी घी लें और उसमें दो चम्मच शहद मिलाएं। इसके बाद 4 चम्मच मिस्री डालें और 8 चम्मच दही डालें। अब अंत में सोलह चम्मच दूध डालें और सभी को अच्छे से मिक्स करें। 31 चीजों को मिलाने से पंचामृत सही तरीके से बनता है जो दिव्य अमृत कहलाता है।
पंचामृत ग्रहण करने से क्या होता है?
जय मदान ने बताया कि पंचामृत को जब सही अनुपात में ईश्वर को अर्पित किया जाता है, तो यह आपको शांति प्रदान करने के साथ-साथ आपके मानसिक, भावनात्मक, शारीरिक, आध्यात्मिक और सामाजिक कल्याण को भी ऊर्जावान बनाता है। पंचामृत पांच तरीके के अमृत से मिलकर बनता है। इसे महीने में एक बार जरूर बनाएं और अपने घर के मंदिर मे जिस इष्ट को मानते हैं उन्हें भोग लगाकर प्रसाद रूप में ग्रहण करें।
Boldsky लाइफस्टाइल की सारी खबरें यहां पाएं | Subscribe to Hindi Boldsky.



Click it and Unblock the Notifications