Latest Updates
-
Apara Ekadashi Vrat Katha: अपरा एकादशी के दिन जरूर पढ़ें ये व्रत कथा, सभी पापों और प्रेत योनि से मिलेगी मुक्ति -
Apara Ekadashi 2026 Wishes In Sanskrit: अपरा एकादशी पर अपनों को भेजें ये मंगलकारी संस्कृत संदेश और दिव्य श्लोक -
Apara Ekadashi 2026 Wishes: अपरा एकादशी पर प्रियजनों को भेजें भगवान विष्णु के आशीर्वाद भरे ये शुभकामना संदेश -
Aaj Ka Rashifal 13 May 2026: मिथुन और कन्या राशि वालों की चमकेगी किस्मत, इन 3 राशियों को रहना होगा सावधान -
Cannes 2026 में छाया आलिया भट्ट का प्रिंसेस लुक, पहली झलक देखते ही फैंस हुए दीवाने -
गर्मी में नहाने के बाद चेहरे पर क्या लगाएं? इन 4 चीजों को लगाने से दिनभर फ्रेश और ग्लोइंग नजर आएगी स्किन -
Apara Ekadashi 2026: क्या अपरा एकादशी वाले दिन बाल धो सकते हैं? व्रत से पहले जरूर जान लें ये नियम -
Coronavirus vs Hantavirus: दोनों में से कौन है ज्यादा खतरनाक? जानें लक्षण, बचाव और फैलने का तरीका -
गर्मियों में भी चाहिए कांच जैसा Korean Glow? डाइट में शामिल करें ये मैजिकल जूस; नोट करें रेसिपी -
Vat Savitri Vrat 2026: 16 या 17 मई, कब रखा जाएगा वट सावित्री व्रत? जानें सही तिथि, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि
अपने विवाह को व्यभिचार से कैसे बचायें
आकर्षण,यदि इसका समय पर इलाज नहीं किया गया तो इसके व्यभिचार बन जाने की सम्भावना पैदा हो जाती है। यह खासा आसान होता है। आप कहेंगे कि छोटी-मोटी छेड़खानी में कुछ भी गलत नहीं है, लेकिन बड़े अफसोस की बात है कि चक्कर से पहले कई लोगों की सोच यही रही होती है। जब आपकी शादी हो जाती है तो आपको अपने रिश्ते के लिए कुछ सीमाएं तय कर लेनी चाहिए। दीवारें खड़ी करें, अपनी शादी के लिए एक गढ़ बनाएं तथा अपने परिवार के लिए इससे संबंधित कुछ नियमों का निर्माण करें। किले के अंदर केवल भगवान, आप, अपने पति और अपने बच्चों को ही प्रवेश की अनुमति दें, बस इतना करके खत्म करें। यह किला ऐसी बाहरी ताकतों से आपकी शादी की रक्षा करेगा जो इसे नष्ट करना चाहते हैं।
यहाँ कुछ नियम हैं जो आप अपनी शादी के लिए बना सकते हैं। ये नियम वे दीवारें हैं जो आपके रिश्ते की रक्षा करते हैं। बेशक आपको अपने परिवार के लिए स्वंय ऐसे नियम निर्धारित करने चाहिए, जिन पर पति और पत्नी दोनों सहमत हो।

कदम
1. अपनी भावनाओं को स्वीकारें। भले ही आप अपनी शादी से खुश हों, लेकिन शादी से इतर अन्य लोगों के प्रति आकर्षित होना स्वाभाविक है। समस्या तब होती है जब आप अपनी भावनाओं पर कार्रवाई करने लगते हैं। व्यभिचार आकर्षण के साथ शुरू होता है, अवसर की तरफ बढ़ता है और यह अंततः मुकाम पर पहुंच जाता है जब आप सावधानी बरतने में विफल हो जाते हैं।
2. अपने आप को किसी अन्य व्यक्ति के साथ होने के बारे में मत सोचिए क्योंकि विचार ही कार्रवाई बन जाते हैं।
3. छेड़खानी न करें, क्योंकि यह अन्य लोगों को इंगित करता है कि आप उपलब्ध हैं।
4. खतरनाक स्थितियों से दूर रहें क्योंकि हर कोई नियंत्रण से परे है तथा आकर्षित हो सकता है।
5. विषम लिंगीय मित्र के साथ अकेले लंच या डिनर न करें। स्वंय को विपरीत लिंगीय मित्र के साथ अकेले होने का मौका न आने दें। उदाहरण के लिए, यदि आप घर पर अकेले हैं तथा आपका जीवनसाथी काम पर गया है तो अपने विपरीतलिंगीय मित्र को घर पर न बुलायें।
6. विषम लिंगीय मित्र के साथ अंतरंग मुद्दों की चर्चा न करें। उदाहरण के लिए यदि आपकी अपने जीवनसाथी के साथ कोई य़ौन समस्या है तो इसमें ऐसा कुछ नहीं है जिसकी चर्चा आप अपने विपरीत लिंगीय मित्र से करें।
7. समलिंगीय मित्र रखें। उदाहरण बतौर पत्नी अपने पति की कुछ महिला मित्रों में से किसी खास को पसन्द नहीं करती, लेकिन वह कहता है कि वह उसकी मित्र है। यहां पर उस महिला से मित्रता की अपेक्षा आपकी पत्नि से आपका सम्बन्ध ज्यादा महत्वपूर्ण है। यदि आप इस महिला मित्र को किले में दाखिल होने देते हैं तो आपकी शादी में शीघ्र ही समस्याएं प्रारम्भ हो जाएंगी।
8. अपने जीवनसाथी के प्रति वफादार व जवाबदेह बने तथा मित्रता के बारे में स्पष्ट रहें। अपने विवाह में पारदर्शिता रखने व बाहरी सम्बन्धों से एक दूरी बनाये रखने से आपका वैवाहिक जीवन खुशहाल व स्वस्थ बना रहेगा।
9.ऐसे दोस्तों से सलाह व मदद मांगे जो आपको सदैव प्रोत्साहित करें व आपके विवाह को मजबूत बनायें। जीवनसाथी का दोस्त शादी तक मित्र रहे। यदि आप किसी मित्र पर सलाह व मदद के लिए भरोसा कर रहे हैं तो भी वह आपके विवाह जीवन का मित्र न हो क्योंकि वर्ना आकर्षण पैदा हो सकता है।



Click it and Unblock the Notifications