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IPS ऋषिराज की शाही प्रेम कहानी: सफेद घोड़े पर लेने पहुंचे दुल्हनिया, दहेज में मांगी ऐसी चीज सब हुए हैरान
IPS Rishiraj Singh Inspirational Love Story: केरल के पूर्व पुलिस महानिदेशक (DGP) ऋषिराज सिंह इन दिनों खबरों में छाए हुए हैं और गूगल पर ट्रेंड हो रहे हैं। इसकी वजह कोई कारनामा नहीं बल्कि चोरी का आरोप है। जी हां, उन्होंने वंदे भारत में यात्रा के दौरान साथ में यात्रा कर रही एक महिला डॉक्टर का चश्मा उठा लिया जो वो गलती से भूल गई थी। ऋषिराज की मनसा साफ थी कि वो चश्मा वापस लौटा देंगे लेकिन एक गलतफहमी की वजह से उन पर चश्मा चोरी करने का आरोप लग गया और ये खबर सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल गई।
हालांकि आरपीएफ (RPF) के जवानों ने स्पष्टकर दिया है कि उन्होंने महिला डॉक्टर का चश्मा सुरक्षित लौटा दिया था। हम जिस आईपीएस अधिकारी की बात कर रहे हैं वो अपनी ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा के लिए जाने जाते हैं। आज हम ऋषिराज की दिलचस्प लव स्टोरी के बारे में भी जान लेते हैं जिसे पढ़ने से ऐसा लगेगा जैसे कि किसी फिल्म की स्क्रिप्ट पढ़ रहे हों लेकिन ये सच है कि एक IPS का दिल शाही परिवार की राजकुमारी पर आ गया था। आइए आप भी जान लें आईपीएस की शाही प्रेम कहानी...
6 साल छोटी दुर्गेश्वरी पर आया दिल
एक तरफ थे ईमानदारी और सादगी के प्रतीक ऋषिराज सिंह जो 1985 बैच के आईपीएस अधिकारी थे और दूसरी तरफ थीं शाही परिवार की राजकुमारी, जिनसे उन्हें हुआ सच्चा प्यार। रॉयल परंपराओं और रस्मों के बीच जब दोनों की प्रेम कहानी परवान चढ़ी, तो पूरा महल हैरान था।
दरअसल, ऋषिराज सुबह 6 बजे ही दुर्गेश्वरी के महल पहुंच गए, सुबह 8 बजे दोनों की मुलाकात हुई और दोनों पहली ही नजर में एक-दूसरे को दिल दे बैठे। हालांकि पहली नजर में दुर्गा को ऋषि राज थोड़े सख्त स्वभाव के लगे लेकिन वो समझ गई कि ये उस नारियल की तरह ही हैं जो बाहर से पत्थर जैसा सख्त होता है और अंदर से एकदम नरम।

दिल खोलकर किया प्यार का इजहार
ऋषिराज ने पहली ही मुलाकात में दुर्गा के सामने अपने प्यार का इजहार किया। उन्होंने कहा कि वो किसी तरह के शाही रीति-रिवाजों से बंधे नहीं हैं और एक साधारण इंसान हैं जो आम से घर में रहते हैं तो क्या ऐसा जीवन जीने के लिए तुम तैयार हो। दुर्गा ऋषि की इस अदा पर फिदा हो गई और हां बोल दिया। दुर्गा की मां ने कुछ चिंता जताते हुए पूछा कि क्या तुम अपने पिताजी से इस बारे में बात करोगे। इस पर ऋषिराज ने कहा कि शादी उन्हें करनी हैं उनकी मां को नहीं।

दहेज में मांगा कुछ ऐसा कि हिल गया शाही परिवार
शाही परिवार में शादी हो तो सब कुछ शाही अंदाज में होना तय है। जब ऋतुराज से दहेज के बारे में पूछा गया तो उन्होंने एक रुपये का नोट मांग लिया जो आज भी उनके पास सुरक्षित है। दहेज में एक रुपये मांगे जाने की बात सुन पहले तो पूरा शाही परिवार हिल गया लेकिन ऋषि की इस बात ने सभी का दिल जीत लिया। दुर्गा और ऋषि की शादी 1 नवंबर 1987 को बड़ी धूमधाम से हुई।
सफेद घोड़े पर सवार दूल्हे राजा का स्वागत राजपुताना अंदाज में किया गया और ये शादी यादगार बन गई। ऋषि और दुर्गा हनीमून के लिए केरल पहुंचे और वहां की हरियाली को देख दुर्गा खो सी गई। वो पल आज भी उन्हें एक हसीन याद का एहसास कराती है।



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