Latest Updates
-
Mother's Day 2026: डिलीवरी के बाद हर महिला को करने चाहिए ये योगासन, जल्दी रिकवरी में मिलेगी मदद -
Mother's Day 2026: मदर्स डे पर मां को दें सेहत का तोहफा, 50 के बाद जरूर करवाएं उनके ये 5 जरूरी टेस्ट -
Mother’s Day Special: बेटे की जिद्द ने 70 साल की उम्र में मां को दी हिम्मत, वायरल हैं Weightlifter Mummy -
कौन हैं अरुणाचलम मुरुगनाथम? जिन्हें नोबेल शांति पुरस्कार 2026 के लिए किया गया नॉमिनेट -
सुबह खाली पेट भीगी हुई किशमिश खाने से सेहत को मिलेंगे ये 5 फायदे, कब्ज से लेकर एनीमिया से मिलेगी राहत -
Rabindranath Tagore Jayanti 2026 Quotes: रवींद्रनाथ टैगोर जयंती के मौके पर शेयर करें उनके ये अनमोल विचार -
Aaj Ka Rashifal 7 May 2026: आज धनु और कर्क राशि के लिए बड़ा दिन, पढ़ें सभी 12 राशियों का हाल -
Aaj Ka Rashifal 6 May 2026: मिथुन और कन्या राशि वालों की चमकेगी किस्मत, इन 3 राशियों को रहना होगा सावधान -
Mother's Day पर मां का मुंह कराएं मीठा, बिना ओवन और बिना अंडे के घर पर तैयार करें बेकरी जैसा मैंगो केक -
Budh Nakshatra Gochar 2026: 7 मई से बुध का भरणी नक्षत्र में गोचर, इन 3 राशियों की खुलेगी सोई हुई किस्मत
Relationship Tips: आपकी फैमली भी बन गई है बिगबॉस का घर, तो इन तरीकों से रिश्तों में घोलें मिठास
परिवार एक ऐसा शब्द है जो हर किसी के लिए काफी ज्यादा महत्वपूर्ण होता है। परिवार के बिना लाइफ अधूरी होती है। मां-बाप, भाई-बहन दादा-दादी ये सब एक साथ होकर परिवार बनाते हैं, हर किसी का रोल अपने अपने स्थान पर अहमियत रखता है। किसी एक का ना होने से लाइफ में बिखराव की वजह भी बन जाता है। परिवार में प्यार, सुरक्षा, केयरिंग और हर वो इमोशन जो आप अपने फैमली से चाहते हैं मिलता है। लेकिन कुछ घरों में किन्ही वजहों से बॉन्डिंग नहीं रह पाती, एक साथ होते हुए भी मीलों की दूरियां बन जाती है। एक दूसरे को ना समझना, आपकी कंपेबिलिटी नहीं बन पाती, लड़ना, झगड़ना, एक दूसरों को नीचा दिखाना, इस सब वजहों से घर का माहौल तनावपूर्ण बना रहता है। इन सारी वजहों से मेंटल हेल्थ के साथ ही आपके सोशल लाइफ बैलेंस पर भी काफी फर्क पड़ जाता है। आइये जानते हैं कि आप ऐसे कौन-कौन से काम कर सकते हैं, जिससे परिवार में कड़वाहट को कम हो सकती है। आपसी बॉन्डिंग को मजबूत करने की कोशिश कर सकते है। साथ ही रिश्तों में पहले की तरह ही मोहब्बत और मिठास कैसे जगा सकते हैं-

आइये जानते हैं कि पारिवारिक कलह से क्या-क्या नुकसान होते हैं-
1. एक अशांत पारिवारिक रिश्तों का सबसे ज्यादा आपकी हेल्थ पर इफेक्ट दिखना शुरू कर देता है। जो आपके मेंटल और फिजिकल दोनों को ही तरीके से गंभीर रूप से नुकसान पहुंचाते गैं।
2. पारिवारिक कलाह का आपकी लाइफ में लंबे वक्त तक प्रभाव पड़ सकता है।
3. अपने फैमली की गलतियों के लिए आप खुद को जिम्मेदार मानने लगते हैं।
4. आप घर की लड़ाई से दूर रहने के लिए छुट्टी लेना अवॉइड करते हैं या फिर छुट्टी के दिन आप घर में नहीं रहना चाहते, आप इस बारें में सोंचते हैं कि अगर घर में रहेंगे तो वही पुरानी चिक-चिक और किसी ना किसी बात पर बहस होगी।
5. कठिन वक्त में इमोशनली या फिर फाइनेंशली हेल्प की कमी से तकलीफ में रहना।
6. तनाव की वजह से सोने या अपना फोकस बनाकर रखने में परेशानी होना।

पारिवारिक कलह कैसे कम करें ?
एक दूसरे को समझना काफी जरूरी-
जब हमारे हाथों की उंगलियां बराबर नहीं है तो परिवार के हर सदस्य की सोंच एक जैसे कैसे हो सकती है। इस बात पर परिवार के सदस्यों को सोंचना चाहिए। अपनी थिंकिग को एक दूसरे पर ना थोपें। हर शख्स का सोंचने और समझने का तरीका अलग-अलग होते हैं। उसके तरीकों को समझें, सामने वाले की बात को बिना पूरी समझे कोई फैसला ना लें, ना ही बिना वजह उस पर इल्जाम लगाएं। अगर आप ने अपने इस रवैये को किनारे रख दिया तो आधा फसाद और बहस वहीं खत्म हो जाती है। ये जरूरी नहीं है कि जो बात आपको पसंद हो या जो चीज आपको अच्छी लगे परिवार के दूसरे लोगों को भी वहीं चीज सही लगे। इस पर विचार करें और हर में होने वाले इस तरीके के झगड़ों को कम करें।
परिवार के सदस्यों की चुगली ना करें-
कई बार इन वजहों से भी घर में लड़ाईयां होती है कि एक सदस्य ने अपनी कोई खास पर दूसरों को बताई लेकिन उसने वो बात जाकर किसी तीसरे को बता दी, जिसकी वजह से परिवार में हंगामा शुरू हो गया। इस तरह के हंगामें से बचने के लिए एक दूसर की चुगली करना छोड़ दे, घर में शांति बनी रहेगी।

एक दूसरे पर इंल्जाम लगाना
अगर परिवार के किसी सदस्य से कोई गलती किन्हीं वजहों से हो भी जाएं तो गलती मानने के बजाए एक दूसरे पर सीधे इल्जाम लगाना शुरू हो जाता है। अगर गलती की है तो उसे माने, ऐसा ना करने से मन में तो कड़वाहट बढ़ती है साथ ही घर का माहौल भी खराब होता है।

दूसरों की बात को सुनना और बिना सोचे सही मान लेना
कई बार इन वजहो से भी लड़ाई होती है कि पड़ोस वाली आंटी ने आपकी बेटी को किसी लड़के के साथ देख लिया और सीधे घर पर आकर बता दिया आपकी बेटी ब्वॉयफ्रेंड के साथ उन्हें घूमती दिखी, फिर क्या बेटी के घर आते ही आप घर आसमान पर चढ़ा देते हैं, बिना उसकी पूरी बात जाने, इसलिए पहले सामने वाले की बात सुन लें, फिर किसी बाहर वाले की बात पर यकीन करें।

तेज आवाज में बात ना करें
अगर फैमली में किसी सदस्य से किसी बात को लेकर कोई बात हो गई है तो उसपर तेज आवाज में चिल्लाना ना शुरू करें। बात बैठकर और धीरे आवाज में भी हो सकती है। ऐसा करने से घर का माहौल तो खराब होता है, साथ ही एक दूसरे के साथ बात भी बिगड़ जाती है। पारिवारिक मुद्दे धीमी आवाज में ही सुलझाएं, ऐसा ना हो कि आपकी आवाज सुनकर पड़ोसी मजे लेने आ जाए।



Click it and Unblock the Notifications