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New Pride Flag: क्यों बदला गया Pride Flag? क्या है इसका नया डिजाइन और मतलब
New Pride Flag-जून के महीने को दुनिया भर में LGBTQIA+ समुदाय के लोग प्राइड मंथ के रूप में सेलिब्रेट करते हैं। दुनिया समेत भारत में भी इसको लेकर कई तरह के कार्यक्रम आयोजित होते हैं। LGBTQIA+ समुदाय के फ्लैग जिसे गे प्राइड फ्लैग या फिर प्राइड फ्लैग के नाम से जाना जाता है। जिसे इंटरसेक्स-इनक्लूसिव प्रोग्रेस प्राइड फ्लैग कहा जाना जाता है। रेनबो फ्लैग या फिर LGBTQIA+ कम्युनिटी के लोगों की पहचान सतरंगी झंडा, जिसमें आप ने सात अलग-अलग रंग देखें होंगे उसमें अब कुछ बदलाव कर दिये गये हैं।

2021 में इंटरसेक्स इक्वैलिटी राइट्स यूके के वैलेंटिनो वेचिएती द्वारा फ्लैंग को डिजाइन किया गया है, जो डेनियल क्वासर द्वारा 2018 में बनाए गए पिछले प्रोग्रेस प्राइड फ्लैग का एक नया वर्जन है।
इस नये प्राइड फ्लैग में यूज हुआ हर कुछ कहता है। रंग को लाइफ को जीने के तरीके से जोड़कर देखा जाता है। जैसे-
रेड - जिंदगी
ऑरेंज- खुद में सुधार करना या अपनी मेंटल कंडीशन को बेहतर करना
येलो- नए विचारों को मन में लाना
ग्रीन- समृद्धि के बारें में विचार करना
ब्लू- मन की शांति
वॉयलेट- आत्मा की प्रसन्नता
ब्लैक और ब्राउन- रंगभेद के खिलाफ आवाज उठाना
व्हृइट, ब्लू, पिंक- ट्रांसजेंडर लोगों के लिए आवाज उठाना
येलो के संग पर्पल सर्कल- इंटरसेक्स लोगों के लिए आवाज उठाना

GBTQ+ कम्युनिटी के संघर्षों को प्राइड फ्लैग दिखाता है। भारत में होमोसेक्सुएलिटी को 2018 में कानूनी मान्यता मिली है। 2018 से पहले GBTQ+ समुदाय को लीगल नहीं मानते थे, उनके कामों को कानूनी जुर्म माना जाता था।
पूरी दुनिया में GBTQ+ समुदाय को लेकर जागरूकता फैलाने वाले अभियान चल रहे हैं, अब ये नया फ्लैग इस अभियान में और चिंगारी तेज करेगा। हांलाकि नया फ्लैग अभी भारत अभी ज्यादा प्रचलित ना है, लेकिन बाकी देशों में इसका यूज शुरू हो चुका है।
क्रेडिट-इंस्टाग्राम
प्राइड फ्लैग का इतिहास
बेकर द्वारा डिज़ाइन किये इंद्रधनुष रंगों वाले प्राइड फ्लैग से 1978 में अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को गे फ्रीडम परेड में इसका इस्तेमाल हुआ। रेनबो फ्लैग का सबसे जरूरी डिजाइन 2017 में था, जब सामाजिक न्याय अधिवक्ता एम्बर हाइक्स ने इन कलर्स को GBTQ+ लोगों का प्रतिनिधित्व करने के लिए ब्लैक और ब्राउन लाइन वाले फ्लैग के एक नए वर्जन को तैयार किया। अभी सबसे लेटेस्ट वर्जन वैलेंटिनो का है, जिसे इंटरसेक्स इन्क्लूसिव बनाया गया है। इस झंडे में पर्पल सर्कल और येलो ट्राएंगल बनाया गया है,जो ये दिखाता है कि लोग अपने जेंडर को बदलकर खुश हैं।

क्यों इंटरसेक्स को बनाया गया इस झंडे का हिस्सा?
GBTQ+ समुदाय इंटरसेक्स लोगों को बहुत ही गलत सोंच लोगों के द्वारा बनी हुई है। वहीं ज्यादातर लोग ट्रांस और इंटरसेक्स में अंतर समझ नहीं पाते हैं। इंटरसेक्स लोग वे होते हैं जो ऐसे जेनिटल्स और क्रोमोसोम के साथ पैदा होते हैं जो एक तय जेंडर में नहीं आ पाते। वो ना तो पुरुष ही होते है ना ही स्त्री। इस बारें में यूएन ने विस्तार से बताया है।



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