Latest Updates
-
Kumaoni Kheera Raita: गर्मी के मौसम में वरदान है उत्तराखंड का ये खीरे का रायता, 10 मिनट में ऐसे करें तैयार -
Surya Grahan 2026: किस अमावस्या को लगेगा दूसरा सूर्य ग्रहण? क्या भारत में दिन में छा जाएगा अंधेरा? -
Jamun Side Effects: इन 5 लोगों को नहीं खाने चाहिए जामुन, फायदे की जगह पहुंचा सकता है भारी नुकसान -
Amarnath Yatra 2026: सावधान! ये 5 लोग नहीं कर सकते अमरनाथ यात्रा, कहीं आप भी तो शामिल नहीं? -
26 या 27 अप्रैल, कब है मोहिनी एकादशी? जानें व्रत की सही तारीख और पारण का शुभ समय -
बेसन या सूजी का चीला, जानें वजन घटाने के लिए कौन सा नाश्ता है सबसे बेस्ट? नोट करें रेसिपी -
तपती धूप में निकलने से पहले खा लें प्याज-हरी मिर्च का ये खास सलाद, लू के थपेड़े भी रहेंगे बेअसर -
Somvar Vrat Katha: सोमवार व्रत के दिन जरूर पढ़ें ये व्रत कथा, भगवान शिव पूरी करेंगे हर मनोकामना -
Aaj Ka Rashifal, 20 April 2026: मालव्य योग से चमकेंगे इन राशियों के सितारे, जानें आज का भाग्यफल -
Birthday Wishes for Boss: बॉस के बर्थडे पर भेजें ये खास और सम्मानजनक शुभकामनाएं, बोलें 'हैप्पी बर्थडे'
Ashadha Purnima 2024: कब रखा जाएगा आषाढ़ पूर्णिमा का व्रत, देखें स्नान-दान, चंद्रोदय का समय और पूजा मुहूर्त
Ashadha Purnima 2024 Kab Hai: इस वर्ष अषाढ़ पूर्णिमा 21 जुलाई को मनाई जाएगी। इस शुभ दिन पर भगवान विष्णु की विधिवत पूजा अर्चना और स्नान दान का बहुत ही अधिक महत्व होता है। ऐसा माना जाता है जो जातक इस पवित्र दिन पर व्रत रखते हैं और चंद्र देव को अर्घ्य देते हैं उनकी संपूर्ण मनोकामनाएँ पूर्ण होती है और सुख शांति एवं समृद्धि की प्राप्ति होती है। इसके साथ ही यह तिथि स्नान दान के लिए भी बहुत ही शुभ मानी जाती है।
सनातन धर्म में सभी पूर्णिमा का अपना-अपना एक खास महत्व है। आषाढ़ माह की शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को आषाढ़ पूर्णिमा मनाई जाएगी। इस शुभ दिन पर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी, चंद्रदेव और भगवान भोलेनाथ की विधिवत पूजा अर्चना की जाती है। कहा जाता है यह समय स्नान दान और पूजा अर्चना के लिए बहुत ही शुभ है। अब जब पूर्णिमा आने को कुछ ही दिन शेष रह गए हैं तो आइए इस दिन से जुड़े शुभ मुहूर्त और स्नान दान के समय के बारे में जानकारी ले लेते हैं-

कब है आषाढ़ पूर्णिमा 2024
हिंदू पंचांग के मुताबिक इस वर्ष आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि 20 जुलाई दिन शनिवार सायं काल 5:59 पर प्रारंभ होगी। वहीं इसके अगले दिन यानी 21 जुलाई दिन रविवार दोपहर 3:46 पर इसकी समाप्ति होगी। उदया तिथि के मुताबिक मुख्य रूप से आषाढ़ पूर्णिमा 21 जुलाई को मनाई जाएगी।
चंद्रोदय का समय
सायं काल 6:47 पर चंद्रमा को दूध और जल मिलाकर अर्घ्य दें। साथ ही चंद्रमा के वैदिक मंत्र का विधिवत जाप करें।
आषाढ़ पूर्णिमा स्नान और दान का शुभ समय
इस वर्ष आषाढ़ पूर्णिमा का व्रत 20 जुलाई को रखा जाएगा। इसके साथ ही स्नान और दान के लिए 21 जुलाई का दिन शुभ रहेगा। इस शुभ दिन में सूर्योदय से पहले उठकर ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करना अत्यंत शुभ माना जाता है। ऐसे में स्नान प्रातः काल 5:37 से प्रारंभ कर सकते हैं।
सर्वार्थ सिद्धि योग
प्रातःकाल 5:37 से 22 जुलाई को मध्य रात्रि 12:14 मिनट तक रहेगा।
आषाढ़ पूर्णिमा का पूजा मुहूर्त
प्रातः काल 7:19 से दोपहर 12:25 मिनट तक।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications











