Latest Updates
-
DHT: क्या है डायरेक्ट हेयर ट्रांसप्लांटेशन? जानें बालों की रिग्रोथ के लिए कितनी कारगर है यह तकनीक -
Captain Smit Machchhar: कैप्टन 'स्मित मच्छर' के सरनेम का क्या है मतलब? जानें इसके पीछे की दिलचस्प कहानी -
नुसरत भरूचा की रीढ़ की हड्डी में हुआ फ्रैक्चर, एयरलिफ्ट कर बाली से लाई गईं मुंबई, वीडियो देख फैंस हुए परेशान -
Jitiya Vrat 2026: जितिया व्रत में पानी पी सकते हैं या नहीं? जानें जरूरी नियम और पारण का समय -
Jitiya Vrat Katha: जितिया (जीवित्पुत्रिका) व्रत में जरूर करें इस कथा का पाठ, पूरे साल सुरक्षित रहेगी संतान -
Jitiya Vrat 2026 Wishes: संतान की लंबी उम्र...जितिया व्रत के अवसर पर अपनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
Lal Bahadur Shastri Jayanti 2026: क्या आप जानते हैं लाल बहादुर शास्त्री का असली नाम? जानें 10 रोचक तथ्य -
Gandhi Jayanti 2026: गांधी जी को 'बापू' क्यों कहा जाता है? जानें किसने दी थी 'महात्मा' की उपाधि -
Gandhi Jayanti Wishes 2026: हाथ में लाठी थी...गांधी जयंती पर अपनों को ये खास मैसेज भेजकर दें शुभकामनाएं -
Gandhi Jayanti 2026 Essay, Speech: गांधी जयंती पर ऐसे करें भाषण और निबंध की तैयारी, मिलेगा इनाम
धनतेरस के पावन मौके पर बनाई जाती है 'धनवर्षा पोटली', लक्ष्मी की कृपा पाने के लिए इसमें रखें ये सामान
Dhanvarsha Potli: धनतेरस पर "धनवर्षा पोटली" बनाना समृद्धि और सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है। इस पोटली को विशेष रूप से लक्ष्मी पूजन के लिए तैयार किया जाता है, ताकि देवी लक्ष्मी का आशीर्वाद प्राप्त हो और घर में धन-धान्य का आगमन हो।
धनवर्षा पोटली में हल्दी, चावल, सिक्के, कमलगट्टा और कुछ खास पूजा सामग्री रखी जाती है, जो संपन्नता और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक मानी जाती है। ऐसा माना जाता है कि धनतेरस पर धनवर्षा पोटली को घर में रखने से पूरे वर्ष भर आर्थिक स्थिरता बनी रहती है, और नकारात्मक ऊर्जा घर से दूर रहती है।

धन वर्षा पोटली बनाना एक पारंपरिक उपाय है, जिससे गणपति, लक्ष्मी, कुबेर, श्री हरि और धन्वंतरि की कृपा प्राप्त होती है, और यह सुख-समृद्धि का प्रतीक माना जाता है।
धन वर्षा पोटली बनाने की विधि
धनतेरस के शुभ मुहूर्त में एक थाली में स्वास्तिक बनाकर उसमें निम्नलिखित सामग्री रखें और इस पर गंगाजल छिड़कें। थाली को मंदिर के सामने रखें और 108 बार इस मंत्र का जाप करें: *"ॐ ह्रीं श्रीं क्रीं श्रीं कुबेराय अष्ट-लक्ष्मी मम गृहे धनं पुरय पुरय नमः"*। मंत्र जाप के बाद गुलाब का इत्र सामग्री पर छिड़कें और इसे मंदिर में एक घंटे रखें।
सामग्री को लाल या गुलाबी रंग की पोटली में रखते जाएं, फिर इसे मंदिर में छोटी और बड़ी दिवाली तक रखें। बड़ी दिवाली के अगले दिन पोटली को अपने धन स्थान या तिजोरी में रख दें और इसे अगले धनतेरस तक बंद ही रखें।
आवश्यक सामग्री:
1. श्री यंत्र
2. कुबेर यंत्र या चाबी
3. चांदी का सिक्का
4. भीमसैनी कपूर (बड़ा टुकड़ा)
5. 5 कमलगट्टे
6. 5 पीली कौड़ियाँ
7. 5 गोमती चक्र
8. 5 सुपारियाँ
9. 5 साबुत हल्दी
10. 5 हरी इलायची
11. 5 लौंग
12. 5 लघु नारियल
13. 5 रक्तगुंजा
इस पोटली को तिजोरी में रखने से धन-संपत्ति में वृद्धि होती है और साल भर सुख-समृद्धि बनी रहती है।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications
