Latest Updates
-
Karwa Chauth Kab Hai 2026: करवा चौथ कब है? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त और चांद दिखने का सटीक समय -
डायबिटीज में नारियल पानी पिएं या नींबू पानी? जानें शुगर कंट्रोल के लिए क्या है बेहतर -
Papankusha Ekadashi Vrat Katha: पापांकुशा एकादशी पर जरूर पढ़ें ये व्रत कथा, सभी पापों से मिलेगी मुक्ति -
Papankusha Ekadashi 2026 Wishes: विष्णु जी की कृपा...पापांकुशा एकादशी पर अपनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
पार्टी में जल्दी बिगड़ जाता है मेकअप? केकी और पैची लुक से बचने के लिए अपनाएं ये 5 टिप्स -
दशहरा के बाद दिल्ली की हवा हुई जहरीली, 200 के पार पहुंचा AQI, प्रदूषण से बचाव के लिए फॉलो करें ये टिप्स -
कुल्लू दशहरा में नहीं जलता रावण का पुतला, देवलोक से आते हैं देवी-देवता, जानिए क्या है सदियों पुरानी परंपरा -
Papankusha Ekadashi 2026: कब है पापांकुशा एकादशी? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि -
Navratri Ke Baad Jau Ka Kya Kare: नवरात्रि समाप्त होने के बाद उगे हुए जौ का क्या करें? जानें सही नियम और उपाय -
दीपिका पादुकोण-रणवीर सिंह ने किया दूसरी बेटी के नाम का खुलासा, दशहरे पर दिखाई पहली झलक
Janmashtami Vrat Niyam: पहली बार जन्माष्टमी का व्रत करते समय न करें ये भूल, आचार्य जी से जानें नियम
Janmashtami Vrat Niyam: जन्माष्टमी व्रत का हिन्दू धर्म में अत्यधिक महत्व है, क्योंकि यह भगवान श्रीकृष्ण के जन्मदिन के उपलक्ष्य में रखा जाता है। व्रत के माध्यम से भक्त श्रीकृष्ण के प्रति अपनी भक्ति और समर्पण प्रकट करते हैं।
इस व्रत का मुख्य उद्देश्य श्रीकृष्ण की कृपा प्राप्त करना और आध्यात्मिक शुद्धि की दिशा में अग्रसर होना है। व्रत रखने से आत्म-संयम और मन की शुद्धि होती है, जिससे व्यक्ति जीवन में सदाचार और धर्म के मार्ग पर चलता है। यह व्रत न केवल शारीरिक तपस्या है, बल्कि मानसिक और आध्यात्मिक साधना का भी एक साधन है।
जन्माष्टमी व्रत में भक्त दिनभर उपवास रखते हैं और रात में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के समय (अर्धरात्रि) को जागरण करके मनाते हैं। इस व्रत के दौरान भजन-कीर्तन, श्रीकृष्ण की कथा सुनना, और पूजा-अर्चना का विशेष महत्व है।
कहा जाता है कि इस व्रत को रखने से सभी प्रकार के पापों का नाश होता है और व्यक्ति को मोक्ष की प्राप्ति होती है। इसलिए, जन्माष्टमी व्रत भगवान श्रीकृष्ण की कृपा और जीवन में आध्यात्मिक उन्नति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।
यदि आप जन्माष्टमी का व्रत करने का विचार कर रहे हैं तो इस दौरान कुछ नियमों का ध्यान रखना जरूरी माना जाता है। आइये सपाद लक्षेश्वर धाम सलधा, छत्तीसगढ़ के आचार्य विनय कृष्णः से कृष्ण जन्माष्टमी व्रत से जुड़ी जानकारी लेते हैं।

आंतरिक शुद्धता है जरूरी
व्रत के लिए सबसे महत्वपूर्ण व्यक्ति की मानसिक शक्ति मानी जाती है। कोई भी व्रत जब रखा जाता है तो सबका ध्यान शारीरिक शुद्धि पर होता है लेकिन मानसिक शुद्धि भी उतनी ही जरूरी है। जिस भी भगवान के लिए व्रत रखा जा रहा है, उनके प्रति पूर्ण निष्ठा एवं भक्ति भाव रखना जरूरी है। लोग केवल बाहरी दिखावे के लिए व्रत का पालन कर लेते हैं लेकिन किसी भी व्रत के दौरान आंतरिक शुद्धता का होना बहुत जरूरी होता है। बाल गोपाल के जन्माष्टमी व्रत के दौरान कृष्ण भक्ति में ही पूरी तरह लीन और निष्ठावान रहें।
एक दिन पहले ही शुरू कर दें तैयारी
जन्माष्टमी व्रत की तैयारी एक दिन पहले से शुरू हो जाती है। एक दिन पहले से ही सात्विक भोजन और सौम्य व्यवहार रखना चाहिए। साथ ही मन में व्रत का संकल्प शुरू कर देना चाहिए।
पंजीरी का भोग अवश्य लगाएं
जन्माष्टमी वाले दिन बाल गोपाल के भोग के लिए शुद्ध देसी घी से पंजीरी बनाएं। इसके साथ ही दूध, दही, मक्खन, घी रखें। मक्खन हमारे बाल गोपाल का सबसे प्रिय माना जाता है।
नक्षत्र का रखें ध्यान
रोहिणी नक्षत्र का ध्यान रखते हुए ही जन्माष्टमी की पूजा की जाती है। भगवान कृष्ण का जन्मोत्सव रोहिणी नक्षत्र के दौरान मनाया जाता है। इसीलिए उनकी पूजा एवं भोग इसी नक्षत्र के दौरान करें। रोहिणी नक्षत्र में पूजा करने के बाद ही व्रती अपना व्रत खोल सकते हैं।
व्रत पारण कब करना चाहिए?
भगवान श्री कृष्ण का जन्म आधी रात 12 बजे हुआ था तो व्रती पूरा दिन व्रत रखकर रात 12 बजे कृष्ण पूजा करके ही अपना व्रत खोलें। वैसे तो अधिकतर लोग अपने सामर्थ्य के अनुसार अगले दिन व्रत का पारण करते हैं लेकिन ऐसा संभव न हो तो रात में ही पूजा के बाद व्रत खोल लें। जो अगले दिन सुबह व्रत खोल रहे हैं, वो रात में पूजा के बाद तुलसी दल मुंह में रख लें।
व्रत पारण के समय क्या खाना चाहिए?
व्रत का पारण उन्हीं व्यंजनों से करें जो कृष्ण लला को भोग में लगाया गया हो। उनके प्रसाद के तौर पर इसे ग्रहण करें।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications
