Kartik Purnima 2024: नवंबर में आएगी साल की सबसे पावन पूर्णिमा, नोट करें तिथि, स्नान-दान का शुभ मुहूर्त

Kartik Purnima 2024 Kab Hai: सनातन धर्म में कार्तिक पूर्णिमा का पर्व बहुत महत्वपूर्ण माना गया है। इस दिन पूजा-पाठ और स्नान-दान करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है। इस वर्ष, कार्तिक पूर्णिमा की तिथि को लेकर भ्रम की स्थिति है - यह 14 नवंबर को है या 15 नवंबर को।

आइए, इस साल के कार्तिक पूर्णिमा की सटीक तिथि और स्नान-दान, लक्ष्मी पूजन, सत्यनारायण पूजन तथा देव दिवाली के शुभ मुहूर्त के बारे में विस्तार से जानते हैं।

Kartik Purnima 2024 Kab Hain Date Shubh Muhurat Auspicious Time for Snan Daan Significance

हर माह में अमावस्या और पूर्णिमा तिथि का विशेष महत्व है, और हर पूर्णिमा की अपनी विशिष्ट धार्मिक मान्यताएं होती हैं। 12 पूर्णिमाओं में से कार्तिक पूर्णिमा को खास माना जाता है, क्योंकि यह कार्तिक मास के पवित्र समय में आती है।

धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन किसी पवित्र नदी या जलाशय में स्नान और जरूरतमंदों को दान व दीपदान करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है और जाने-अनजाने किए गए पापों से मुक्ति मिलती है। साथ ही, इस दिन मां लक्ष्मी की विधिपूर्वक पूजा करने से आर्थिक तंगी से राहत मिलती है। आइए, विस्तार से जानें कि इस वर्ष कार्तिक पूर्णिमा की तिथि और स्नान-दान के लिए शुभ मुहूर्त कब हैं।

कब है कार्तिक पूर्णिमा - जानें तिथि और शुभ मुहूर्त (Kartik Purnima 2024 Kab Hai)

वैदिक पंचांग के अनुसार, इस वर्ष कार्तिक पूर्णिमा 15 नवंबर 2024 को सुबह 6:19 बजे से शुरू होकर अगले दिन 16 नवंबर को सुबह 2:58 बजे समाप्त होगी। उदया तिथि के अनुसार, मुख्य रूप से कार्तिक पूर्णिमा का पर्व 15 नवंबर को मनाया जाएगा।

कार्तिक पूर्णिमा 2024 के शुभ मुहूर्त: (Kartik Purnima 2024 Shubh Muhurat)

- स्नान-दान का मुहूर्त: 15 नवंबर, सुबह 4:58 से 5:51 तक
- सत्यनारायण पूजा का मुहूर्त: 15 नवंबर, सुबह 6:44 से 10:45 तक
- देव दीपावली पूजा का मुहूर्त: 15 नवंबर, शाम 5:10 से रात 7:45 तक
- लक्ष्मी पूजन का मुहूर्त: 15 नवंबर, रात 11:39 से 16 नवंबर, सुबह 12:33 तक
- चंद्रोदय का समय: शाम 4:05

कार्तिक पूर्णिमा के अन्य नाम (Kartik Purnima 2024)

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, कार्तिक पूर्णिमा के दिन भगवान शिव ने त्रिपुरासुर नामक राक्षस का वध किया था। इस कारण, इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की विशेष पूजा करना शुभ माना गया है। देश के कई हिस्सों में कार्तिक पूर्णिमा को त्रिपुरा पूर्णिमा, देव दीपावली, गंगा स्नान और गुरु नानक जयंती के नाम से भी जाना जाता है।

नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।

Story first published: Friday, November 8, 2024, 13:51 [IST]
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