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Pitru Paksha 2024: पितृपक्ष में नहीं मिल रहें कौए तो इन जानवरों को खिला सकते है पिंड, पितृ नहीं होंगे नाराज
Pitru Paksha 2024: 17 सितंबर 2024 से पितृ पक्ष की शुरुआत हो रही है। पितृ पक्ष में कौएं को भोजन कराने का बेहद महत्व है। पितृ पक्ष में अपने पितरों की आत्मा की शांति के लिए श्राद्ध किया जाता है। माना जाता है कि पितरों की आत्मा की तृप्ति के लिए विशेष रूप से कौएं को भोजन जरूर खिलाना चाहिए। धार्मिक मान्यता के अनुसार, कौआ यमराज का दूत होता है और उसे पितरों का प्रतिनिधि माना जाता है।
उत्तराखंड के देहरादून में गढीकैंट स्थित माता रानी मंदिर के पुजारी आशीष मैथानी ने बताया कि अगर आपको अपने आसपास कौए नहीं मिल रहें है तो आप पितृपक्ष में पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए इन जानवरों को भी भोजन करवा सकते हैं।

गाय को खिलाएं
श्राद्ध पितरों के प्रति श्रद्धा और सम्मान प्रकट करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। पितृ पक्ष में गाय को भोजन कराने से पितरों की आत्मा को शांति मिलती है और परिवार को उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है।
कुत्ते को खिला सकते हैं भोजन
कुत्ते को यमराज और भगवान भैरव का वाहन माना गया है। ऐसे में कुत्ते को भोजन खिलाने से भी पितरों की आत्मा को संतुष्टि प्राप्त होती है।। साथ ही भैरव देवता का आशीर्वाद भी मिलता है।
श्राद्ध में जानवरों को खाना खिलाने का महत्व
पौराणिक कथाओं के अनुसार, जब पांडव अपने पूर्वजों के लिए श्राद्ध कर रहे थे, तब युधिष्ठिर ने पूछा कि वे अपने पितरों को भोजन किस प्रकार पहुंचा सकते हैं। इस पर उन्हें बताया गया कि यदि वह कौए को भोजन कराते हैं, तो वह पितरों को ही प्राप्त होगा। कौए को भोजन खिलाने के पीछे एक और कारण यह भी बताया गया है कि यह धरती और आकाश के बीच संदेशवाहक का काम करते हैं, जिससे पूर्वजों तक श्राद्ध का भोजन पहुंच जाता है।



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