मुलेठी है हर रोग की दवा

Posted By:
Subscribe to Boldsky

मुलहठी एक प्रसिद्ध और सर्वसुलभ जड़ी है। असली मुलेठी अंदर से पीली, रेशेदार एवं हल्की गंधवाली होती है। यह सूखने पर अम्ल जैसे स्वाद की हो जाती है। यह स्‍वाद में शक्‍कर से भी मीठी होती है। मुलेठी बड़ी ही गुणकारी औषधि के रूप में उपयोग की जाती है। मुलेठी गले की खराश, खांसी, उदरशूल क्षयरोग, श्‍वासनली की सूजन तथा मिरगी आदि के इलाज में उपयोगी है। मुलेठी का सेवन आँखों के लिए भी लाभकारी है। इसमें जीवाणुरोधी क्षमता पाई जाती है। यह शरीर के अन्‍दरूनी चोटों में भी लाभदायक होता है। भारत में इसे पान आदि में डालकर प्रयोग किया जाता है।

मुलेठी या मुलहठी पान में भी डाल कर खाई जाती है। इसे मधुमेह के रोग को ठीक करने के लिये भी प्रयोग किया जाता है। आयुर्वेद के अनुसार मुलेठी अपने गुणों के कारण ही बढ़े हुए तीनों दोषों वात, कफ और पित्त को शांत करती है। कोई भी समस्या न हो तो भी कभी-कभी मुलेठी का सेवन कर लेना चाहिए आँतों के अल्सर ,कैंसर का खतरा कम हो जाता है तथा पाचनक्रिया भी एकदम ठीक रहती है। सेहत और दिमाग बनाए मजबूत बादाम का दूध

आइये जानते हैं मुलेठी के स्‍वास्‍थ्‍य लाभ के बारे में थोड़ा और।

 पित्‍त दूर करे

पित्‍त दूर करे

यह ठंडी प्रकृति की होती है और पित्त का नाश करती है।

सूखी खांसी में लाभदायक

सूखी खांसी में लाभदायक

मुलेठी को काली-मिर्च के साथ खाने से कफ ढीला होता है। सूखी खांसी आने पर मुलेठी खाने से फायदा होता है। इससे खांसी तथा गले की सूजन ठीक होती है।

गले में खराश

गले में खराश

गले में खराश के लिए भी मुलेठी का प्रयोग किया जाता है।

 महिलाओं के लिए बहुत फायदेमंद है

महिलाओं के लिए बहुत फायदेमंद है

मुलेठी का एक ग्राम चूर्ण नियमित सेवन करने से वे अपनी सुंदरता को लंबे समय तक बनाये रख सकती हैं।

 मासिक सम्बन्धी रोग

मासिक सम्बन्धी रोग


लगभग एक महीने तक , आधा चम्मच मुलेठी का चूर्ण सुबह शाम शहद कसाथ चाटने से मासिक सम्बन्धी सभी रोग दूर होते है।

फोड़े हो जाने पर

फोड़े हो जाने पर


फोड़े होने पर मुलेठी का लेप लगाने से जल्दी ठीक हो जाते है।

ताकत बढ़ाए

ताकत बढ़ाए

रोज़ ६ ग्रा. मुलेठी चूर्ण , ३० मि.ली. दूध के साथ पिने से शरीर में ताकत आती है।

दिल के रोग से बचाए

दिल के रोग से बचाए


लगभग ४ ग्रा. मुलेठी का चूर्ण घी या शहद के साथ लेने से ह्रदय रोगों में लाभ होता है।

 मुंह के छालों से राहत

मुंह के छालों से राहत


इसके चूर्ण को मुंह के छालों पर लगाने से आराम मिलता है।

खून बढाए

खून बढाए


इसके आधा ग्राम रोजाना सेवन से खून में वृद्धि होती है।

जल जाने पर

जल जाने पर

जलने पर मुलेठी और चन्दन के लेप से शीतलता मिलती है.

पेट का घाव भरने के लिये

पेट का घाव भरने के लिये

मुलेठी की जड़ पेट के घावों को समाप्‍त करती है, इससे पेट के घाव जल्‍दी भर जाते हैं। पेट के घाव होने पर मुलेठी की जड़ का चूर्ण इस्‍तेमाल करना चाहिए।

पेट के अल्‍सर के लिए फायदेमंद है

पेट के अल्‍सर के लिए फायदेमंद है

इससे न केवल गैस्ट्रिक अल्सर वरन छोटी आंत के प्रारम्भिक भाग ड्यूओडनल अल्सर में भी पूरी तरह से फायदा करती है। जब मुलेठी का चूर्ण ड्यूओडनल अल्सर के अपच, हाइपर एसिडिटी आदि पर लाभदायक प्रभाव डालता है। साथ ही अल्सर के घावों को भी तेजी से भरता है।

टीबी रोग में फायदेमंद

टीबी रोग में फायदेमंद


मुलेठी आंतों की टीबी के लिए भी फायदेमंद है।

आंखों की रौशनी बढ़ाए

आंखों की रौशनी बढ़ाए


मुलेठी के चूर्ण से आँखों की शक्ति भी बढ़ती है सुबह तीन या चार ग्राम खाना चाहिये।

English summary

15 Medicinal Uses Of Liquorice or Mulethi

In Ayurveda, Sushruta Samhita mentions about the medicinal properties of Liquorice. Liquorice or mulethi, as it is called in Hindi, is also known in other ancient systems of medicine such as the traditional Chinese medicine, traditional Egyptian medicine, Roman medicine and Greek medicine, etc.
Please Wait while comments are loading...