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सावन में शिव ही नहीं, मनोकामना पूर्ति के लिए करें पूरे परिवार की पूजा
सावन का महीना भगवान शिव को समर्पित है और इस दौरान लोग उन्हें प्रसन्न करने के लिए पूजा-पाठ और उनकी आराधना में लीन रहते हैं। सावन के सोमवार को व्रत रखने के साथ ही कई लोग शिव जी पर जल चढ़ाने के लिए कांवड़ यात्रा पर जाते हैं।

सावन में भगवान शिव की पूजा का खास महत्व है लेकिन क्या आप ये जानते हैं कि उनके साथ उनके पूरे परिवार की पूजा करना भी बहुत महत्वपूर्ण है। पूरे शिव परिवार की पूजा किए बिना आपकी मनोकामनाएं पूरी नहीं हो सकेंगी।

ये है भगवान शिव का परिवार
शिव परिवार के पूजा की जब बात आती है तब माता पार्वती, उनके दोनों पुत्र कार्तिकेय और गणेश की आराधना की जाती है। इन सभी के वाहन के साथ नंदी की भी पूजा की जाती है। इस बात की जानकारी बहुत कम लोगों को है कि भगवान शिव की दो नहीं बल्कि छह संतानें थी। शिव पुराण में इन सभी का वर्णन मिलता है। कार्तिकेय और गणेश के अलावा शिव के तीसरे पुत्र भगवान अयप्पा हैं। दक्षिण भारत में इनकी बहुत मान्यता है। भोलेनाथ की तीन पुत्रियां भी हैं, अशोक सुंदरी, ज्योति या मां ज्वालामुखी और देवी वासुकी या मनसा।

गणेश और कार्तिकेय की पूजा
किसी भी शुभ काम की शुरुआत करने से पहले या किसी पूजन से पूर्व गणपति पूजा अनिवार्य है। माना जाता है कि भगवान गणेश की पूजा करने से वो काम बिना किसी अवरोध के सम्पन्न हो पाता है। इनकी पूजा के बिना कोई भी धार्मिक कार्य पूरा नहीं माना जाता है। गणेश जी की पूजा में उनकी प्रिय दूर्वा अर्पित करें। साथ ही रोली और पुष्प चढ़ा कर मोदक का भोग लगाएं।
भगवान शिव के ज्येष्ठ पुत्र कार्तिकेय बुद्धि के देवता माने जाते हैं। इनसे सुख और समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है। आप गणेश जी के साथ कार्तिकेय की पूजा भी विधिपूर्वक करें।

सौभाग्य प्राप्ति के लिए करें पार्वती पूजन
माता पार्वती भगवान शिव में शक्ति का जरिया बनकर रहती हैं। माता पार्वती की पूजा के बिना शिव की आराधना करने से कोई लाभ नहीं मिल पाएगा। शिवलिंग के समीप बैठकर आप दुर्गासप्तशती का पाठ करें। माता को चुनरी चढ़ाने के बाद श्रृंगार के सामान भेंट करें। जिस तरह से भगवान भोलेनाथ का आशीर्वाद पाना आसान है, उसी तरह माता पार्वती भी बहुत जल्दी प्रसन्न हो जाती हैं। शंकर भगवान और माता पार्वती दोनों को प्रसन्न कर आशीर्वाद पाना चाहते हैं तो शिवलिंग के पास बैठकर सिद्धिकुंजिकस्तोत्र का पाठ करें। कुंवारी कन्याओं को माता पार्वती की पूजा करने से विशेष लाभ मिलता है। श्री रामचरिमानस में मौजूद शिव पार्वती प्रसंग का पाठ करें। भगवान शिव और माता पार्वती जैसा खुशहाल और आदर्श वैवाहिक जीवन पाने के लिए अरण्य कांड का पाठ करें। संतान की तरक्की और खुशहाल जीवन के लिए माता के 108 नामों को 18 बार पढ़ें।

इस तरह करें भगवान शिव के प्रिय नंदी की पूजा
भगवान शिव के बेहद खास और नजदीकी हैं नंदी। नंदी को उन्होंने अपना वाहन चुना था। नंदी बैल का पूजन बहुत महत्वपूर्ण है। ऐसा माना जाता है कि नंदी आपकी संपूर्ण पूजा को बड़े गौर से देखते हैं। नंदी पूजन के लिए आप उन्हें गाय के दूध तथा गंगाजल से स्नान कराएं। उन्हें बेलपत्र और अन्य फल चढ़ाएं। अब अपनी मनोकामना उनके कान में कह दीजिए। ये बातें सीधे भोलेनाथ तक पहुंच जाती हैं। नंदी की पूजा से भगवान शिव बेहद खुश होते हैं और आपकी मनोकामना भी जल्दी पूरी होती है।
सावन के महीने में भगवान शिव के पूरे परिवार की पूजा करें और आप अपने तथा अपने घर के सदस्यों के लिए आशीर्वाद प्राप्त करें।



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