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देव दिवाली के दिन ये उपाय करने से दूर होंगे संकट, जाने शुभ मूहूर्त
कार्तिक पूर्णिमा के दिन गुरु पर्व और देव दिवाली मनाई जाती है। इस दिन को गुरु पूर्णिमा, त्रिपुरी पूर्णिमा और कार्तिक स्नान के नाम से भी जाना जाता है। दिवाली के 15 दिन बाद और देवउठनी एकादशी के चार दिन बाद ये पर्व मनाया जाता है। हर साल देव दिवाली वाराणसी में खूब धूमधाम से मनाई जाती है। इस बार ये त्योहार 12 नवंबर को मनाया जाएगा। इस दिन देव दिवाली का प्रदोष काल मुहूर्त 5 बजकर 11 मिनट से शुरु होकर 7 बजकर 48 तक रहेगा। धार्मिक दृष्टि से यह पर्व हिन्दुओं के लिए महत्वपूर्ण है।
कार्तिक पूर्णिमा को स्नान अर्घ्य, तर्पण, जप-तप, पूजन, कीर्तन एवं दान-पुण्य करने से स्वयं भगवान विष्णु पापों से मुक्त करके उनकी शुद्धि कर देते हैं। आइए जानते हैं कुछ उपायों के बारे में जिन्हें करने से घर में सुख समृद्धि आती हैं।

पौराणिक महत्व
पौराणिक कथा के अनुसार, ऐसी कहा जाता है कि आज ही के दिन भगवान शिव ने त्रिपुरासुर का वध किया था। त्रिपुरासुर को ब्रह्मा जी द्वारा यह वरदान प्राप्त था कि उसे देवता, स्त्री, पुरुष, जीव ,जंतु, पक्षी या कोई निशाचर नहीं मार सकता है। इसलिए शिवजी ने अर्धनारीश्वर का रूप लेकर उसका वध किया और देवताओं को उसके आतंक से मुक्ति दिलाई थी। इसी ख़ुशी में देवताओं ने कार्तिक पूर्णिमा के दिन शिव की नगरी काशी में दीप जलाकर दिवाली मनाई थी। उन्होंने यहाँ दीप दान भी किया। कहते हैं कि आज के दिन काशी में देवताओं का आगमन होता है।

दीपदान करें
इस दिन आप जहां भी हो वहां दीप दान करना बहुत ही पुण्य का काम माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन किया गया कोई भी पुण्य कार्य और दान साल भर गंगा सेवन के बराबर फल देता है। इसलिए इस दिन कुछ कार्य मनुष्य को जरूर करने चाहिए जो उसकी सुख-समृद्धि के लिए जरूरी हैं।

कौड़ियों का उपाय
कार्तिक पूर्णिमा के दिन 11 कौड़ियां लें और इन कौड़ियों पर हल्दी लगा कर उसे ऐसे स्थान पर रखें जहां आप अपना पैसा रखते हैं। मां लक्ष्मी को स्थायित्व देने का ये उपाय आपके घर में कभी धन की कमी नहीं होने देगा।

आम के पत्तों से बना तोरण
कार्तिक पूर्णिमा के दिन घर के मुख्य द्वार पर आम के पत्तों से तोरण बनाएं। आम के पत्तों से बना तोरण या वंदनवार घर में नकारात्मक ऊर्जा को आने से रोकती है। इससे घर में सुख-समृद्धि का वास होता है। देवी लक्ष्मी को भी आम के तोरण बेहद पसंद हैं।

सरसों का तेल जलाएं
देव दीपावली के दिन शनि भगवान की पूजा जरूर करें। इस दिन शनि मंदिर में जा कर सरसों के तेल का दीपक जलाएं। ऐसा करके आप अपने जीवन की बहुत सी समस्याओं का निराकरण कर लेंगे।

तुलसी के सामने दीया जलाएं
कार्तिक पूर्णिमा की शाम को तुलसी के सामने घी का दीपक जरूर जलाए। ऐसा करने से घर में समृद्धि का वास होगा और नकारात्मक ऊर्जा भी दूर होगी।

उड़द की दाल और चावल का दान करें
कार्तिक पूर्णिमा के दिन गरीबों को उड़द की दाल और चावल का दान करना बहुत फलदायी होता है। ऐसा करने से आपके घर में कभी अन्न की कमी नहीं होती है और हर संकट से घर बचा रहता है।



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