विवाह के बाद इन उपायों से दूर करे मांगलिक दोष

मांगलिक दोष को शांत या भंग करने का यह उपाय जो हम यहां बताने जा रहे हैं यह उनके लिए है जिनकी शादी हो चुकी हैं किंतु कुंडली में मांगलिक दोष के होने की बात उन्हें देरी से मालूम हुई है।

हिंदू शास्‍त्र में विवाह से पूर्व वर वधू की कुंडली मिलान करवाने की अलग ही महत्‍ता हैं। विवाह से पहले वर-वधु की कुंडली अवश्य मिलाई जाती है। दोनों की कुंडली के कितने गुण मिलते हैं, दोनों में क्या गुण-अवगुण है, किन ग्रहों का कैसा प्रभाव है और सबसे महत्वपूर्ण कि दोनों में से कोई मांगलिक दोष से पीड़ित तो नहीं है? कुंडली मिलाने के पीछे तर्क ही ये है अगर वर वधू दोनों के कुंडली में कोई दोष मिलता है तो समय रहते इसका निदान करवाया जा सकता ?

लेकिन कई बार होता है कि शादी से पूर्व कुंडली मिलान नहीं कराया जाता है। जिसके बाद पति पत्‍नी को कई तरह की समस्‍या देखने को मिलती हैं। कई बार विवाह के बाद मांगलिक दोष के बारे में मालूम चलता है ऐसे में वर वधू पक्ष दोनों चिंतित हो जाते हैं। आज हम आपको इस आर्टिकल में उनके लिए है जिनकी शादी हो चुकी हैं किंतु कुंडली में मांगलिक दोष के होने की बात उन्हें देरी से मालूम हुई है। तो जानिए कैसे मांगलिक दोष को भंग किया जा सकता हैं।

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कुंडली में मांगलिक दोष

कुंडली में मांगलिक दोष

विवाह के लिए कुंडली मिलाते समय सबसे पहले मांगलिक दोष को मुख्‍यत: देखा जाता हैं। इस मुद्दे पर काफी गौर किया जाता है। यह एक ऐसा दोष है जो कुंडली के मंगल ग्रह से जुड़ा होता है। अगर वर या वधु की कुंडली में मंगल 1, 4, 6, 8 या 12वें भाव है तो यह मांगलिक दोष को बनाता है।

पत्‍नी के लिए

पत्‍नी के लिए

उपाय के अनुसार अगर पति या पत्नी में से पत्नी उपाय करने जा रही है तो वह किसी भी मंगलवार के दिन पूर्ण विधि-विधान के साथ ‘मंगला-गौरी' पूजा करे। ऐसा करने से मांगलिक दोष जल्द से जल्द शांत हो जाता है।

पति के लिए उपाय इस प्रकार है –

पति के लिए उपाय इस प्रकार है –

मांगलिक व्यक्ति को उज्जैन के मंगलनाथ मंदिर में पूर्ण विधि-विधान से ‘भात पूजन' करवाना चाहिए। इस पूजा में यदि उसकी पत्नी भी भागीदारी करे तो उत्तम होगा।

Story first published: Thursday, July 20, 2017, 15:32 [IST]
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