मंदिर के नजदीक है घर तो वास्तु दोष से निपटने के लिए अपनाएं ये टिप्स

किसी मंदिर के नजदीक घर बनाने या वहां निवास करने को लेकर लोगों के बीच अलग अलग राय देखने को मिल सकती है। अपने रहने के स्थान का चुनाव करने से पहले आपको वहां के आस पास के वातावरण के बारे में जानकारी हासिल जरुर कर लेनी चाहिए, जैसे श्मशान के नजदीक कभी नहीं रहना चाहिए। कुछ जानकारों की मानें तो मंदिर के पास निवास स्थान होने में कोई बुराई नहीं है तो वहीं कुछ वास्तु शास्त्री मंदिर के नजदीक रहने से मना करते हैं। यदि आपका घर मंदिर के नजदीक है और आप किसी तरह की समस्या या वास्तु दोष का समाधान चाहते हैं तो इन वास्तु टिप्स को फॉलो करें।

यदि हो देवी मंदिर

यदि हो देवी मंदिर

यदि घर के पास कोई देवी मन्दिर है और उसकी वजह से वास्तु दोष है तो उस देवी के अस्त्र के प्रतीक की स्थापना अपने प्रमुख द्वार पर करें या उसका चित्र लगा लें। यदि देवी अस्त्रहीन हैं तो उनके वाहन का प्रतीक द्वार पर लगा लें।

यदि हो लक्ष्मी मंदिर

यदि हो लक्ष्मी मंदिर

घर के नजदीक यदि भगवती लक्ष्मी जी का मंदिर है तो आपको द्वार पर कमल का चित्र बना लेना चाहिए। आप दूसरा उपाय भी कर सकते हैं। आप भगवान विष्णु का चित्र लगाएं और रोजाना उन्हें कमल गट्टे की माला पहनाएं।

यदि हो शिव मंदिर

यदि हो शिव मंदिर

यदि आपका घर शिव मंदिर के पास है तो ये उपाय आपके काम आ सकता है। घर की जिस दिशा में शिव मंदिर हो, उस दिशा की ओर गणपति भगवान की प्रतिमा स्थापित करने से वास्तुदोष दूर हो जाता है। मगर शिव मंदिर घर के ठीक सामने होने पर आप घर की मुख्य दहलीज में तांबे का सर्प गाड़ दें।

यदि हो भैरवनाथ मंदिर

यदि हो भैरवनाथ मंदिर

यदि भगवान भैरवनाथ का मंदिर आपके घर के ठीक सामने हो तो रोज अपने मुख्य द्वार पर कौवों को रोटी खिलाएं।

यदि हो रामजी का मंदिर

यदि हो रामजी का मंदिर

यदि भगवान श्री राम जी के मंदिर के समीप आपका घर है तो आपको वास्तु दोष से मुक्ति के लिए अपने घर के मुक्य द्वार पर तीरविहीन धनुष का दिव्य चित्र बनाना चाहिए।

यदि हो किसी अन्य अवतार का मंदिर

यदि हो किसी अन्य अवतार का मंदिर

यदि आपका घर किसी अन्य अवतार के मंदिर के निकट है तो आपको मुक्य द्वार पर पंचमुखी हनुमान जी का चित्र लगाना चाहिए। पंचमुखी हनुमान जी हर तरह के वास्तुदोष से मुक्ति देते हैं और सुरक्षा प्रदान करते हैं।

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