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Vastu Tips: भूलकर भी इस दिशा में मुंह करके न खाएं खाना, घर से चली जाएगी बरकत और बीमारियां कर लेंगी डेरा
Vastu Tips For Best Direction To Eat Food: अन्न को हिंदू धर्म में 'ब्रह्म' माना गया है और भोजन करने की प्रक्रिया को एक 'यज्ञ' के समान पवित्र माना गया है। अक्सर हम इस बात पर तो ध्यान देते हैं कि हम क्या खा रहे हैं, लेकिन हम 'किधर' मुंह करके खा रहे हैं, इसे नजरअंदाज कर देते हैं। वास्तु शास्त्र के अनुसार, गलत दिशा में बैठकर किया गया भोजन न केवल बीमारियों को बुलावा देता है, बल्कि घर की सुख-शांति भी छीन सकता है।
यदि आप भी बार-बार बीमार पड़ते हैं या घर में बरकत नहीं रहती, तो एक बार अपने भोजन करने की दिशा जरूर बदलें। आइए जानते हैं वास्तु के अनुसार भोजन करने की सही और गलत दिशाएं।

1. पूर्व दिशा (East Direction)
वास्तु शास्त्र में पूर्व दिशा को देवताओं की दिशा माना गया है। यदि आप पूर्व दिशा की ओर मुख करके भोजन करते हैं, तो इससे शरीर को सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है। यह दिशा मानसिक तनाव को दूर करती है और लंबी आयु प्रदान करती है। बुजुर्गों और बीमार व्यक्तियों के लिए इस दिशा में बैठकर खाना सबसे उत्तम माना गया है।
2. उत्तर दिशा (North Direction)
उत्तर दिशा को कुबेर और मां लक्ष्मी की दिशा माना जाता है। इस दिशा की ओर मुख करके भोजन करने से शरीर निरोगी और स्वस्थ रहता है। जो लोग करियर में सफलता चाहते हैं या धन प्राप्ति की इच्छा रखते हैं, उन्हें उत्तर दिशा की ओर मुख करके भोजन करना चाहिए। विद्यार्थियों के लिए भी यह दिशा श्रेष्ठ है।
3. पश्चिम दिशा (West Direction)
पश्चिम दिशा की ओर मुख करके भोजन करना वास्तु में मिला-जुला परिणाम देता है, लेकिन अक्सर इसे पाचन के लिए ठीक नहीं माना जाता। इस दिशा में बैठकर खाना खाने से पाचन तंत्र (Digestion) खराब हो सकता है और व्यक्ति के मन में भौतिक इच्छाएं बहुत ज्यादा बढ़ जाती हैं, जो मानसिक अशांति का कारण बनती हैं।
4. दक्षिण दिशा (South Direction)
वास्तु के अनुसार, दक्षिण दिशा की ओर मुख करके भोजन करना सबसे हानिकारक माना गया है। इस दिशा को यम की दिशा माना जाता है। दक्षिण दिशा में बैठकर खाना खाने से पेट संबंधी गंभीर रोग होने की संभावना बढ़ जाती है। साथ ही, इससे मान-सम्मान में कमी और आर्थिक तंगी का सामना भी करना पड़ सकता है।
नोट: आपने अब जान लिया होगा कि वास्तु के अनुसार खाना खाने की सही दिशा पूरब और उत्तर मानी जाती है। अब आप खुद भी इस बात का ध्यान रखें और अपने बच्चों, दोस्तों और परिवार वालों को भी बताएं कि सही दिशा में खाना न खाना बीमारियों को निमंत्रण देने जैसा होता है।
भोजन से जुड़े कुछ अन्य जरूरी वास्तु नियम
हमेशा जूते-चप्पल उतारकर ही भोजन करें, इससे अन्न का अपमान नहीं होता।
बिस्तर पर बैठकर खाना खाने से बुरे सपने आते हैं और घर में दरिद्रता आती है।
कभी भी टूटे हुए या गंदे बर्तनों में भोजन न करें, यह दुर्भाग्य को न्योता देता है।
भोजन से पहले हाथ, पैर और मुँह धोना स्वास्थ्य और वास्तु दोनों के लिए शुभ है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में बताए गए रत्नों के लाभ पारंपरिक मान्यताओं और ज्योतिषीय अनुभवों पर आधारित हैं। हर इंसान पर इसका असर अलग हो सकता है। किसी भी रत्न को पहनने से पहले किसी योग्य ज्योतिषी या रत्न विशेषज्ञ से जरूर सलाह लें। यह लेख सिर्फ जानकारी देने के उद्देश्य से है और इसे प्रोफेशनल सलाह का विकल्प न समझें।



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