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इस शारदीय नवरात्रि ग्रहों की स्थिति रहने से मिलेंगे आपको यह लाभ

एक बार फिर नवरात्रि का पवित्र उत्सव आ गया है और चारों ओर इसकी धूम देखने को मिल रही है। लोग माता के होने वाले आगमन को लेकर बहुत ही उत्साहित हैं। मंदिरों को सुंदर ढंग से सजाया गया है तो वहीं लोगों ने घर पर माता की चौकी बिठाई है।
यह पर्व महाशक्ति की उपासना का पर्व है जिसमें उनके सभी अलग अलग नौ रूपों की पूजा की जाती है। किन्तु इस बार की नवरात्रि कुछ ख़ास होने वाली है क्योंकि इस बार नवरात्र में एक नहीं बल्कि कई अद्भुत संयोग बन रहे हैं। ये बहुत ही शुभ मौका लेकर आया है। तो चलिए जानते हैं क्या है वो संयोग। आपको बता दें इस बार नवरात्रि 10 अक्टूबर बुधवार से आरम्भ हो रहे हैं।

नौके पर होगा माता का आगमन
इस बार माता नौके पर सवार होकर आएंगी। कहते हैं माता का नाव पर बैठकर आना बहुत ही शुभ होता है इससे सर्वसिद्धि की प्राप्ति होती है। इतना ही नहीं नौके का अर्थ है इस बार नवरात्रि में बारिश भी आएगी। जबकि माता प्रस्थान हाथी पर करने वाली है और यह भी एक शुभ संकेत है।
पूरे नौ दिनों का नवरात्र
इस बार नवरात्र नौ दिनों का होगा जो एक बहुत ही शुभ संयोग माना जा रहा है। पिछले वर्ष भी शारदीय नवरात्र पूरे नौ दिनों का ही था जो भक्तों के लिए बहुत ही अच्छा संकेत है।

राज योग, अमृत योग और सर्वार्थ सिद्धि योग
वैसे तो नवरात्र के पूरे नौ दिन बेहद शुभ माने जाते हैं। जो भी भक्त विधिपूर्वक और सच्चे मन से इस दौरान माता की पूजा करते हैं माता उनकी सभी मनोकामनाएं पूरी करती हैं। इसके अलावा देवी की कृपा से मनुष्य का जीवन भी सफल हो जाता है।
इस समय आपको शुभ मुहूर्त की ज़रुरत नहीं पड़ती है, आप बिना मुहूर्त के ही कोई भी नया कार्य शुरू कर सकते हैं या फिर वाहन, घर आदि भी ले सकते हैं, खासतौर पर दशमी के दिन को बेहद शुभ माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन भगवान अपने दसों द्वार खोल देते हैं इसलिए यह दिन बहुत ही ख़ास होता है। यात्रा के लिए भी दशमी शुभ होता है।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इस शारदीय नवरात्रि में ग्रहों की स्थिति बहुत ही शुभ मानी जा रही है जिसके फलस्वरूप इस बार नवरात्रि में राज योग, अमृत योग और सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है। इस समय यदि आप कोई भी नया कार्य करने की शुरुआत करेंगे तो आपको उसमें सफलता ज़रूर मिलेगी क्योंकि यह बहुत ही शुभ और लाभदायक संयोग है।
1) 10 अक्टूबर- प्रतिपदा रवि योग
2) 12 अक्टूबर -चतुर्थी रवि योग
3) 13 अक्टूबर- पंचमी रवि योग
4) 14 अक्टूबर- षष्ठी रवि तथा सर्वार्थसिद्धि योग
5) 15 अक्टूबर- सप्ती रवि योग
शुक्र अपने घर में है विराजमान
इस शारदीय नवरात्रि एक बड़ा ही दुर्लभ संयोग बन रहा है जो सभी भक्तों के लिए बहुत ही अच्छा माना जा रहा है। शुक्र का अपने ही घर में विराजमान होना किसी राजयोग से कम नहीं है इसलिए इस शारदीय नवरात्रि आपको अपने प्रयासों में सफलता ज़रूर मिलेगी।
नवरात्रि में गुरुवार का महत्व
नवरात्र के दौरान गुरूवार का दिन बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है। इस बार नौ दिनों में दो गुरूवार पड़ रहे हैं इसे भी एक शुभ संकेत माना जा रहा है। ऐसी मान्यता है कि इस दौरान बृहस्पतिवार के दिन पूजा का फल कई गुना बढ़ जाता है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में बताए गए रत्नों के लाभ पारंपरिक मान्यताओं और ज्योतिषीय अनुभवों पर आधारित हैं। हर इंसान पर इसका असर अलग हो सकता है। किसी भी रत्न को पहनने से पहले किसी योग्य ज्योतिषी या रत्न विशेषज्ञ से जरूर सलाह लें। यह लेख सिर्फ जानकारी देने के उद्देश्य से है और इसे प्रोफेशनल सलाह का विकल्प न समझें।



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