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जानें, जब शनि ग्रह प्रवेश करता है आपकी राशि में तो क्या होता है
शनि प्रकर्ति में संतुलन लता है, और इंसान को उसके कर्मों के हिसाब से दंड देता है। इसलिए आज हम यह जानने की कोशिश करेंगे कि अगर शनि किसी राशि में प्रवेश करता है तो उसका क्या प्रभाव होता है।
शनि को ग्रहों में सर्वोच्च न्यायाधीश कहा गया है जो अनुचित कार्य करने वालों को समय आने पर दंड देता है। यह वह ग्रह है जो राजा को रंक बना देता है और जमीन से आसमान पर भी ले जाता है। यह शत्रु भी है और मित्र भी।
शनि ग्रह के सम्बन्ध मे अनेक भ्रान्तियां है और इस लिये उसे मारक, अशुभ और दुख का कारक माना जाता है। पाश्चात्य ज्योतिषी भी उसे दुख देने वाला मानते हैं।
शनि प्रकर्ति में संतुलन लता है, और इंसान को उसके कर्मों के हिसाब से दंड देता है। इसलिए आज हम यह जानने की कोशिश करेंगे कि अगर शनि किसी राशि में प्रवेश करता है तो उसका क्या प्रभाव होता है।

1.
जीवन और कार्यस्थल में किसी तरह का व्यवधान पैदा होना।

2.
कठिन परस्थितियों की वजह से नौकरी छूट जाना या किसी अनचाहे और अप्रत्याशित जगह पर ट्रान्सफर हो जाना।

3.
प्रमोशन ना मिलना या उससे नीचे पदावनत हो जाना। व्यवसाय में किसी भी तरह की बाधा का सामना करना। यह सब शनि के कारण होता है।

4.
घाटा हो जाना, दिवालिया जैसी स्थिति होना और क़र्ज़ में डूब जाना।

5.
क़र्ज़ ना चूका पाना या पैसे की कमी होना।



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