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जानिये राशि के अनुसार आपको किस देवी-देवता की पूजा करनी चाहिये

हिन्दू धर्म के पवित्र ग्रंथ अग्नि पुराण में कहा गया है कि "ज्योतिष केवल एक मान्यता नहीं है बल्कि एक पूर्ण परिभाषित विज्ञान है। ज्योतिष के माध्यम से किसी व्यक्ति के चरित्र या व्यक्तिगत विशेषताओं को जाना जा सकता है। हिन्दू धर्म भारत का सबसे बड़ा धर्म है जिसके तीन मुख्य पुराण हैं - विष्णविज़्म (भगवान विष्णु), शिविज़्म (भगवान शिव) और शक्तिज़्म (देवी शक्ति यानि दुर्गा)
हिन्दू ग्रन्थों के अनुसार लोगों की मान्यता है कि पृथ्वी पर 33 करोड़ भारतीय देवी देवता हैं। ये सभी विष्णु, शिव या दुर्गा के अवतार हैं। हम उस देवता की पूजा करते हैं जिससे हम जुड़ाव महसूस करते हैं। कई बार आप आश्चर्य महसूस कर सकते हैं कि आप किसी एक देवी देवता की ओर आकर्षित हो जाते हैं, आप काल्पनिक रूप से इनकी ओर खिंचे चले जाते हैं। अग्नि पुराण के अनुसार, यह माना जाता है कि अपनी राशि के अनुसार देवता की पूजा करना शुभ फलदायी होता है।
जब आप अपनी राशि के अनुसार देवता की पूजा करते हैं तो इससे आपकी दिव्य शक्ति बढ़ती है और और उस देवी-देवता पर भी ग्रहों की स्थिति बदलने का प्रभाव पड़ता है। अग्नि पुराण में यह भी कहा गया है कि यदि आपको अपनी राशि पता है तो आप अपने मुख्य गृह की पूजा कर सकते हैं और जो देवता उस गृह का मालिक है उसकी प्रार्थना भी कर सकते हैं।
कई बार कड़ी मेहनत और द्रढ़ निश्चय के बावजूद भी आप जीवन में आशानुरूप सफलता प्राप्त नहीं कर पाते हैं। हिन्दू धर्मों के अनुसार, अपनी जन्म तारीख और राशि जानकार आप अपनी राशि के स्वामी गृह की पूजा कर मनचाही सफलता पा सकते हैं। लेकिन यदि आपको नहीं पता कि अपनी राशि के अनुसार किस देवता की पूजा करें तो हम आपको इस बारे में कुछ जरूरी बातें बता रहे हैं...

मेष
मेष राशि का मालिक मंगल है। इसलिए अपने मंगल गृह को मजबूत करने के लिए मेष राशि वालों को भगवान शिव की आराधना करनी चाहिए।

वृष
वृष राशि का गृह शुक्र है इसलिए वृष राशि वालों को लक्ष्मी के पूजा करनी चाहिए।

मिथुन
मिथुन राशि का मालिक गृह बुध है। बुध के देवता "श्रीमननारायण' हैं। इसलिए बुध राशि वालों को अच्छे भाग्य के लिए भगवान "श्रीमननारायण' की आराधना करनी चाहिए।

कर्क
कर्क राशि का मालिक गृह चंद्रमा है। देवी गौरी चंद्रमा की देवी हैं। गौरी शांति और दया की देवी हैं इसलिए यदि आपकी राशि कर्क है तो आपको अपनी इच्छाओं की पूर्ति के लिए देवी गौरी की पूजा करनी चाहिए।

सिंह
सिंह राशि का मालिक गृह सूर्य है और इस गृह के मालिक देवता भगवान शिव हैं। भगवान शिव को प्रसन्न करना आसान है, अतः सिंह राशि वाले अपने भजनों और पूजा से भगवान शिव को रिझाएँ।

कन्या
कन्या राशि का गृह बुध है। विष्णु के अवतार भगवान "श्रीमननारायण' बुध गृह के मालिक हैं, इसलिए कन्या राशि वालों को अच्छे भाग्य के लिए भगवान "श्रीमननारायण' की पूजा करनी चाहिए।

तुला
तुला राशि का मालिक शुक्र गृह है और शुक्र गृह की स्वामी देवी लक्ष्मी हैं। इसलिए आप देवी लक्ष्मी की आराधना करें, इससे सौभाग्य और धन-धान्य की प्राप्ति होगी।

वृश्चिक
वृश्चिक राशि का मालिक गृह भी मंगल है। इसलिए वृश्चिक राशि वालों को अपना मंगल मजबूत करने के लिए भगवान शिव की पूजा करनी चाहिए।

धनु
धनु राशि का स्वामी वृहस्पति गृह है। वृहस्पति के स्वामी "श्री दक्षिणमूर्ती" हैं जो कि भगवान शिव के अवतार हैं, ये ज्ञान और बुद्धि के देवता है। इसलिए इनका प्रभाव प्राप्त करने के लिए धनु राशि वालों को "श्री दक्षिणमूर्ती" की पूजा अर्चना करनी चाहिए।

मकर
इस राशि का स्वामी मंगल है। इसलिए मकर राशि वालों को भी सुख-समृद्धि के लिए भगवान शिव की पूजा करनी चाहिए।

कुंभ
कुंभ राशि का स्वामी भी मंगल है। भगवान शिव मंगल के मालिक हैं, इसलिए कुंभ राशि वालों को पवित्र मन से भगवान शिव की आराधना करनी चाहिए।

मीन
धनु राशि का मालिक गृह वृहस्पति है। वृहस्पति के स्वामी "श्री दक्षिणमूर्ती" हैं इसलिए मीन राशि वालों को "श्री दक्षिणमूर्ती" की पूजा अर्चना करनी चाहिए।



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