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मालिश के लिए तेल का चयन कैसे करें?
मालिश के लिए तेल का चुनाव एक निरुत्साहित करने वाला काम हो सकता है क्योंकि हमें कई प्रकार के तेलों में से एक का चयन करना होता है। मालिश के लिए आप किसी भी आपूर्ति सूची को देखेंगे तो आपको नट अखरोट और बीजों पर आधारित तेल, जैतून का तेल और यहाँ तक कि पशु उत्पादों जैसे ईमू से प्राप्त तेल भी मिलेंगे।
इसके अलावा आप क्रीम, ठोस या तरल, औषधि युक्त या बिना औषधि का, सुगंधित या असुगंधित तेलों में से भी चुनाव कर सकते हैं। प्रत्येक तेल के अपने फायदे हैं पर हर एक अवसर के लिए उपयुक्त कोई एक तेल नहीं है। मालिश के लिए आप तेल का चुनाव कैसे करेंगे अंतत: उसके नियत (अभीष्ट) प्रयोग पर निर्भर करता है।

ऐसे चुनिये मालिश का तेल -
1. सबसे पहले मालिश के प्रकार को निश्चित करें- भारी तेल जैसे कि जैतून का तेल कम घर्षण वाली मालिश जैसे कि स्वीडिश या शिथिलता से की जाने वाली मालिश के लिए अच्छा काम करते हैं। ये तेल अधिक चिकने होते हैं और त्वचा में जल्दी शोषित नहीं होते। हल्के तेल जैसे कि अंगूर के बीज का तेल और क्रीम कम घर्षण वाली, जैसे कि खेलों और गहरे उतकों की मालिश के लिए उपयुक्त हैं। आपको फिसलने से रोकने के लिए ये तेल जल्दी शोषित हो जाते हैं क्योंकि मालिश के समय आप अधिक दबाव डालते हैं। परन्तु ये तेल इतनी चिकनाहट तो प्रदान करते हैं कि आपकी त्वचा में जलन पैदा न हो।
2. मालिश के लिए जगह और समय का विचार करें- भारी तेल, जो आसानी से शोषित नहीं होते आपके कपड़ों पर लग सकते हैं। ये तेल उन परिस्थितियों में सबसे अच्छे हैं जब शावर आपके आस पास हो जिससे की आप अतिरिक्त तेल को धोकर निकाल सकते हैं। ये तेल, दिन के अंत में घरों में की जाने वाली मालिश के लिए भी अच्छे हैं क्योंकि यहाँ आपको कपड़ों पर तेल लग जाने की चिंता नहीं होती।
3. व्यक्तिगत प्राथमिकताओं को देखें- कुछ लोग सुगंधित तेलों की मालिश से होने वाले स्वास्थ्य लाभों को पसंद करते हैं जबकि कुछ लोगों को लैवेंडर का पौधा बन के घूमना पसंद नहीं आता। कुछ व्यक्ति तेज सुगंध के प्रति संवेदनशील हो सकते है, या किसी को सुगंध से एलर्जी हो सकती है। यदि आप व्यवसायिक प्रयोग के लिए तेल का चयन कर रहे हैं तो असुगंधित तेल का चुनाव ज्यादा अच्छा है। बाद में वस्तुस्थिति या प्रत्येक ग्राहक की पसंद के आधार पर आप इसमें गंधयुक्त तेल मिला सकते हैं। यदि आप तेल का चुनाव अपने लिए कर रहे हैं तो ऐसी सुगंध का चयन करें जिसका आनन्द आप और/ या आपका साथी ले सके।
4. एलर्जी के बारे में पूंछे- सुगंध के अलावा कुछ लोगों को नट (बादाम, अखरोट) या फूल के अर्क से भी एलर्जी हो सकती है। उदाहरण के लिए यदि किसी व्यक्ति को ट्री नट से एलर्जी हो तो उसे बादाम के तेल का प्रयोग नहीं करना चाहिए। ऐसे व्यक्ति जिन्हें रागवीड से एलर्जी हो उन्हें चमेली के तेल के प्रयोग से बचना चाहिए। यदि आप एलर्जी से संबंध रखते हैं तो आपको ऐसे तेल का प्रयोग करना चाहिए जिस पर हाइपोएलार्जेनिक चिन्हित हो।
5. चिकित्सकीय इरादे पर विचार करें- कुछ मालिश के तेल अर्निका, मेंथाल एवं अन्य अर्कों के साथ औषधियुक्त होते हैं। ये तेल सूजन और दर्द कम करने में सहायता करते हैं। अन्य तेलों में त्वचा की जलन मिटाने के लिए ईमू का तेल हो सकता है। यदि आप खेल के दौरान घायल होने पर मालिश कर रहे हों तो एक सादे तेल की अपेक्षा एक औषधि युक्त तेल अधिक प्रभावी होगा। हालांकि जिस व्यक्ति पर आप काम कर रहें हैं यदि उसकी त्वचा संवेदनशील हो या उसे एलर्जी हो तो आप बिना औषधि वाले तेल का इस्तेमाल करें और केवल तकनीक पर भरोसा करें।



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