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केमिकल पीलिंग करवाने वाली हैं तो ध्यान रखें ये बातें
त्वचा को नरम और मुलायम बनाने के कई तरीके होते हैं और उन्हीं में से एक है केमिकल पीलिंग। इसके तहत त्वचा पर एक केमिकल सॉल्यूशन लगाया जाता है जिसे त्वचा सोख लेती है।
केमिकल पीलिंग से त्वचा नरम और मुलायम बनती है और ज्यादातर इसका प्रयोग कॉस्मेटिक कारणों से ही किया जाता है। केमिकल पीलिंग को डर्मा-पीलिंग भी कहा जाता है।

इस प्रक्रिया के दौरान त्वचा पर केमिकल लगाए जाते हैं और इसका असर त्वचा की ऊपरी परत पर पड़ता है और धीरे-धीरे त्वाचा फटने लगती है। त्वचा की ऊपरी परत को नुकसान पहुंचाकर उसे हटाया जाता है।
इसके बाद नई त्वचा आती है और ये पहले से ज्यादा मुलायम और साफ होती है। नई त्वचा आने के दौरान पुरानी वाली त्वचा पर झुर्रियां सी पड़ने लगती हैं लेकिन नई स्किन आने पर वो भी चली जाती हैं। सूर्य की हानिकारक किरणों, पिगमेंटेशन, एक्ने और त्वचा पर पड़े किसी भी तरह के दाग-धब्बे को हटाने के लिए केमिकल पीलिंग की जाती है।

संभावित कस्टमर
अगर आपकी त्वचा पर समय से पहले ही झुर्रियां पड़ने लगी हैं या आपके चेहरे पर समय से पहले ही बढ़ती उम्र के निशान दिखने लगें हैं और इस वजह से आपके आत्म विश्वास में कमी आ रही है और आप मानसिक तनाव से गुज़र रहें हैं तो आपको केमिकल पीलिंग की जरूरत पड़ती है।
त्वचा से संबंधित परेशानियां जैसे सूर्य की किरणों द्वारा त्वचा पर पड़ने वाली हलकी लकीरें और झुर्रियां या किसी दुर्घटना के कारण पड़ा कोई दाग या निशान या फिर एक्ने के दाग-धब्बे और पिगमेंटेशन को भी केमिकल पीलिंग से ठीक किया जा सकता है। केमिकल पीलिंग सांवले रंग की तुलना में साफ रंगत वाले लोगों पर ज्यादा बेहतर असर दिखाती है

क्या हैं खतरे
अगर आप किसी योग्य अनुभवी डॉक्टर से ट्रीटमेंट लेते हैं तो केमिकल पीलिंग करवाना आपके लिए सुरक्षित रहता है हालांकि सभी कॉस्मेटिक ट्रीटमेंट के कुछ न कुछ नुकसान तो होते ही हैं।
आपकी त्वचा पर किस तरह का केमिकल लगाया जा रहा है और ये किता स्ट्रॉन्ग है, इन बातों का पता लगाकर आप जान सकते हैं इसका आपकी त्वचा पर क्या असर पड़ेगा। केमिकल पीलिंग में कुछ इस तरह की समस्याएं देखने को मिलती हैं :
- त्वचा पर लालपन आ जाना
- छाले पड़ना
- सूजन आना
- स्केलिंग और क्रस्टिंग
- स्थायी और अस्थायी रूप से त्वचा पर पिगमेंटेशन होना
- दाग-धब्बे पड़ना
- इंफेक्शन
हालांकि, ट्रीटमेंट लेने के कुछ दिन बाद ये सभी समस्याएं दूर हो जाती हैं। कभी-कभी कुछ परेशानियां रह जाती हैं जिनका उपचार करना जरूरी होता है। अगर आपके परिवार में किसी को हर्प्स आउटब्रेक या केलॉएड्स का खतरा रह चुका है तो आपको अपने डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए और अपना उपचार करवाना चाहिए।
वहीं घर में किसी को दिल से संबंधित बीमारी के कारण भी आपको केमिकल पीलिंग के दौरान मुश्किलें आ सकती हैं।

बचाव
केमिकल पीलिंग लेने से पहले इन बातों का ध्यान रखें जैसे कि शेविंग, वैक्सिंग, ब्लीचिंग और ऐसी किसी भी हेयर रिमूवल ट्रीटमेंट ना करवाएं। केमिकल पीलिंग लेने से कम से कम पांच दिन पहले तक ऐसा कुछ ना करें। त्वचा पर स्क्रबिंग भी ना करें। केमिकल पीलिंग के समय त्वचा पर कोई इंफेक्शन नहीं होना चाहिए।
ट्रीटमेंट के बाद डॉक्टर आपको कुछ बातें ध्यान में रखने और कुछ दवाईयां लेने को कहेंगें। केमिकल पीलिंग के बाद आपको कुछ तरह की सावधानियां बरतनी हैं जैसे - सूर्य की किरणों में ना निकलें वरना ये आपकी नई त्वचा को नुकसान पहुंचा सकता है।
नई त्वचा बहुत संवेदनशील होती है इसलिए इस पर सूर्य की किरणों का हानिकारक असर बहुत जल्दी पड़ जाता है। गर्म पानी से नहाना और तेज व्यायाम करने से भी बचें। त्वचा फट रही है तो उसे खुरचें नहीं। इससे आपकी त्वचा पर कोई दाग या ट्रीटमेंट का असर कम हो सकता है।

बाद में कैसे करें देखभाल
आपकी त्वचा पर किस तरह के केमिकल का प्रयोग किया गया है, इसी बात पर ट्रीटमेंट के बाद त्वचा की देखभान निर्भर करती है। त्वचा की ऊपरी सतह पर की गई पीलिंग में आपको सामान्य देखभाल ही करनी पड़ती है जबकि डीप पीलिंग में त्वचा को ठीक होने में ज्यादा समय लग जाता है और इसे ज्यादा देखभाल की जरूरत होती है।
किसी भी तरह की केमिकल पीलिंग के बाद सूर्य की रोशनी में जाने से बचें क्योंकि अभी आपकी त्वचा बहुत संवेदनशील होती है। त्वचा को जल्दी ठीक करने के लिए सूर्य की किरणों से बचें।
त्वचा के जिस हिस्से पर आपने केमिकल पीलिंग करवाई है उसे नमीयुक्त बनाए रखें और ठंडे पानी से उसे धोते रहें। इसके अलावा डॉक्टर द्वारा बताया गया ऑइंटमेंट लगाएं। डीप पीलिंग करवाने पर आपको कुछ दिनों के लिए लिक्विड डाइट पर रहना पड़ सकता है।



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