कैसे कर सकते हैं स्किन अस्‍थमा का इलाज

स्किन अस्‍थमा एक इंफ्लामेट्री त्‍वचा विकार है जिसके कारण फफोले हो जाते हैं और त्‍वचा परतदार, खुजली वाले रैशेज और पैच बन जाते हैं। इसका प्रमुख लक्षण त्‍वचा पर खुजली होना है। इसे एक्जिमा के नाम से भी जानते हैं। स्किन अस्‍थमा का कोई विशिष्‍ट इलाज नहीं है लेकिन निम्‍न उपचार से इसे कम किया जा सकता है। आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं।

मॉइश्‍चराइज

मॉइश्‍चराइज

स्किन अस्‍थमा के इलाज में नियमित त्‍वचा को मॉइश्‍चराइज करना बहुत जरूरी होता है। संक्रमित व्‍यक्‍ति को नैचुरल और ऑर्गेनिक मॉइश्‍चराइजर का इस्‍तेमाल करना चाहिए क्‍योंकि इसमें खुजली एवं जलन पैदा करने वाले रसायन तथा खुशबू नहीं होती है।

मृत कोशिकाओं की मरम्‍मत

मृत कोशिकाओं की मरम्‍मत

ऑलिव ऑयल, कोकोआ बटर, वर्जिन कोकोनट ऑयल जैसे मॉइश्‍चराइजिंग तत्‍वों से युक्‍त साबुन, बाथ जेल और क्रीम लगाएं। रूखी त्‍वचा पर लॉरिक जेल और वर्जिन कोकोनट ऑयल असरकारी होता है। ये जेल मृत कोशिकाओं को ठीक कर उन्‍हें पुनर्जीवित करता है।

एक्‍वस क्रीम

एक्‍वस क्रीम

प्रभावित हिस्से को मॉइश्‍चराइज करने में एक्‍वस क्रीम मदद करती है। त्‍वचा पर इस क्रीम को लगाएं। रूखी त्‍वचा पर ऐसी क्रीम लगानी चाहिए जो स्किन को मुलायम और नरम बनाए।

खुजली रोकने वाले लोशन

खुजली रोकने वाले लोशन

खुजली और परतदार स्किन के लिए हल्‍के खुजली-रोधी लोशन जैसे कि कैलेड्रिल या कैलामाइन या कोर्टिकोस्‍टेरॉइड क्रीम का इस्‍तेमाल करें। मोटी त्‍वचा पर ऑइंटमेंट या क्रीम लगा सकते हैं जिसमें सोरिआसिन, कोर्टिकोस्‍टेरॉइड और त्‍वचा को चिकना करने वाली चीजें मौजूद होती हैं।

इम्‍यूनोमॉड्यूलेटर्स

इम्‍यूनोमॉड्यूलेटर्स

त्‍वचा पर सूजन को कम करने के लिए स्‍टेरॉइड-फ्री टॉपिक इम्‍यूनोमॉड्यूलेटर्स का इस्‍तेमाल करें। स्किन थेरेपी के बेअसर होने पर इनका इस्‍तेमाल किया जाता है।

होम्‍योपैथी

होम्‍योपैथी

एक्जिमा कम करने के लिए होम्‍योपैथी नुस्‍खे:

कैलेंडुला- इसे लगाने से त्‍वचा को आराम मिलता है लेकिन इससे इलाज संभव नहीं है।

सल्‍फर-लालपन, जलन, खुजली को दूर करने में असरकारी

अर्टिका यूरेन्स- खुजली और जलन वाले हिस्‍सों पर लगाएं। लाल रैशेज पर भी इसे लगा सकते हैं।

रस टॉक्सिकोडेंड्रोन- सूजन हुई त्‍वचा पर इसे लगा सकते हैं।

फोटोथेरेपी और फोटोकीमोथेरेपी

फोटोथेरेपी और फोटोकीमोथेरेपी

ये सामान्‍य स्किन एक्जिमा का इलाज करने में भी मदद करती है।

स्‍वस्‍थ आहार

स्‍वस्‍थ आहार

एलर्जी और सूजन जैसी समस्‍याओं से बचने के लिए स्‍वस्‍थ आहार लें। ताजा हरी सब्जियां, साबुत अनाज और जरूरी फैटी एसिड (कोल्‍ड वॉटर फिश, नट्स और बीज) को अपनी डाइट में शामिल करें। गहरे रंग की बैरीज खाएं जिनमें फ्लेवेनॉएड्स नामक एंटीऑक्‍सीडेंट हों। फ्लेवेनॉएड्स में सूजन-रोधी गुण होते हैं जो एलर्जी को बढ़ने से रोकने में मदद कर सकते हैं।

जड़ी बूटियां

जड़ी बूटियां

सूखे अर्कों जैसे कि कैप्‍सूल, पाउडर और चाय के रूप में जड़ी बूटियों का इस्‍तेमाल कर सकते हैं। ग्लिसरीन अर्क या एल्‍कोहल के अर्क का भी प्रयोग कर सकते हैं। इनकी 1 चम्‍मच की मात्रा से ही चाय तैयार हो सकती है। इसकी जड़ को 10 से 20 मिनट और पत्ती या फूल को 5 से 10 मिनट तक उबालकर चाय बना सकते हैं। रोज 2 से 4 कप चाय पीएं। जड़ी बूटियों के सेवन से पहले डॉक्‍टर से जरूर बात करें।

Story first published: Friday, July 26, 2019, 9:00 [IST]
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