World Cup 2023: मैदान में क्रिकेटर्स क्‍यों लगाते हैं चेहरे और होंठों पर सफेद क्रीम, जानें इसे लगाने की वजह

वर्ल्‍डकप (World Cup 2023) शुरु होने में कुछ द‍िन ही रह गए हैं। क्र‍िकेट फैंस अभी से इस टूर्नामेंट के शुरु होने के वजह से एक्‍साइटेड हैं। कई लोग क्रिकेट और अपने फेवरेट प्‍लेयर से जुड़े फैक्‍ट्स जुटाने में लग गए हैं।

क्र‍िकेट मैच देखते हुए आपके जेहन में क‍िक्रेट से जुड़े कई तरह के सवाल आते होंगे? लेक‍िन क्‍या आपके द‍िमाग में कभी ये सवाल आया है क‍ि क्रिकेटर्स जब मैदान में रहते हैं तो अपने चेहरे पर सफेद रंग की मोटी लेयर में क्रीम लगाकर क्‍यों रखते हैं?

आपने भी इस पर गौर क‍िया ही होगा क‍ि क्र‍िकेटर चेहरे और होठों पर सफेद रंग की क्रीम लगाए रखते हैं? क्या आप जानते हैं ये कौनसी क्रीम है और इसका इस्तेमाल क्यों किया जाता है? अगर नहीं तो चलिए आज हम आपको इस बारे में ही यहां बताते हैं-

 World Cup 2023

इसे जिंक ऑक्साइड क्रीम कहते है

दरअसल क्रिकेटर्स स्किन के लिए जो सफेद क्रीम लगाते हैं वह जिंक ऑक्साइड क्रीम होती है जो कि एक 'फिजिकल सनस्क्रीन' है और इसे 'रिफ्लेक्टर' के रूप में इस्तेमाल किया जाता है, जिसे स्किन के ऊपर लगाया जाता है। यह रेग्‍युलर सनस्‍क्रीन से काफी अलग होती है और सनटैन‍िंग से बचाने में ज्‍यादा प्रभावी होती है।

रेग्‍युलर सनस्‍क्रीन से क‍ितनी अलग?

यह क्रीम बाहरी त्‍वचा के ऊपर लेयर बना देती हैं जिससे सूरज की हानिकारक किरणों से स्किन को सुरक्षा मिलती है। अब आप सोच रहे होंगे कि जो सनस्क्रीन हम रोजाना यूज करते हैं उसमें और इस सनस्‍क्री में क्या अंतर है? तो जान लें क‍ि
साधारण सनस्क्रीन में अन्‍य तर‍ह के केम‍िकल मौजूद होते है? और ये अवशोषक (absorber)की तरह काम करते हैं यानी स्किन में अवशोषित (absorb) होने के बाद त्‍वचा को सन प्रोटेक्‍शन देता है।

जब क‍ि क्रिकेटर्स की ओर से लगाई जाने वाली जिंक ऑक्साइड सनस्‍क्रीन त्‍वचा में अवशोषित (absorb) नहीं होती है और इसे आउटर लेयर की तरह अप्‍लाई करना होता है, ज‍िससे क्रिकेटर्स जब लंबे समय तक मैदान पर सूरज की सीधी रोशनी में खेलते हैं तो उनकी स्किन पर धूप की हानिकारक क‍िरणों का असर नहीं होता है। यह सफेद क्रीम सूरज के UVA और UVB किरणों से भी खिलाड़ियों को बचाती है। ये रिफ्लेक्टिव फिजिकल सन स्क्रीन की तरह काम करता है।
जिंक ऑक्साइड क्रीम उनकी स्किन को धूप से प्रोटेक्‍ट करता है। इससे स्किन जलन और सूजन से भी बची रहती है और ना ही किसी तरह की खुजली, रेशेज और एलर्जी की समस्या होती है।

कहां और कैसे लगाई जाती है जिंक ऑक्साइड सनस्क्रीन?

अधिकांश क्रिकेटर्स इसे सिर, चेहरे, गर्दन के पीछे, होंठ या अपने हाथों पर लगाते हैं क्योंकि यह सबसे अधिक एक्सपोज्ड एरिया होता है जहां सूरज की किरणें अपना ज्यादा असर दिखाती हैं। इस क्रीम को सिर और चेहरा पर लगाना पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। बस आपको इस इस क्रीम को अपनी उंगुलियों की मदद से ही एक्सपोज्ड एरिया में अच्छे से लगाना है।

Desktop Bottom Promotion