5th Bada Mangal 2026: पांचवे बड़े मंगल पर करें पंचमुखी हनुमत कवच का पाठ, बजरंगबली दूर करेंगे सभी संकट

Bada Mangal 2026: सनातन धर्म में ज्येष्ठ महीने में आने वाले मंगलवार बेहद फलदायी माने जाते हैं। इसे 'बड़ा मंगल' या 'बुढ़वा मंगल' के नाम से जाना जाता है। यह दिन हनुमान जी को समर्पित होता है। मान्यता है कि इसी महीने में हनुमान जी की मुलाकात भगवान श्रीराम से हुई थी, इसलिए यह समय हनुमान की पूजा के लिए सर्वोत्तम माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन बजरंगबली की श्रद्धा के साथ पूजा करने से जीवन की सभी परेशानियां दूर होती हैं। साथ ही, आर्थिक संकट से भी मुक्ति मिलती है। आज यानी 2 जून 2026 को पांचवा बड़ा मंगल है। अगर आप हनुमान जी का आशीर्वाद पाना चाहते हैं, तो आपको किसी भी हनुमान मंदिर जाकर पंचमुखी हनुमान कवच का पाठ करना चाहिए। मान्यता है कि पंचमुखी हनुमान कवच का पाठ करने से हनुमान जी प्रसन्न होते हैं और अपने भक्तों के सभी संकटों को दूर करते हैं।

Panchmukhi Hanuman

पंचमुखी हनुमान कवच (Panchmukhi Hanuman Kavach In Hindi)

॥श्री गरुड उवाच ॥

अथ ध्यानं प्रवक्ष्यामि शृणु सर्वांगसुंदर।

यत्कृतं देवदेवेन ध्यानं हनुमत: प्रियम्।।

महाभीमं त्रिपञ्चनयनैर्युतम्|

बाहुभिर्दशभिर्युक्तं सर्वकामार्थसिद्धिदम्।।

पूर्वं तु वानरं वक्त्रं कोटिसूर्यसमप्रभम्।

दंष्ट्राकरालवदनं भ्रुकुटिकुटिलेक्षणम्।।

अस्यैव दक्षिणं वक्त्रं नारसिंहं महाद्भुतम्।

अत्युग्रतेजोवपुषं भीषणं भयनाशनम्।।

पश्चिमं गारुडं वक्त्रं वक्रतुण्डं महाबलम्।

सर्वनागप्रशमनं विषभूतादिकृन्तनम्।।

उत्तरं सौकरं वक्त्रं कृष्णं दीप्तं नभोपमम्।

पातालसिंहवेतालज्वररोगादिकृन्तनम्।।

ऊर्ध्वं हयाननं घोरं दानवान्तकरं परम्।

येन वक्त्रेण विप्रेन्द्र तारकाख्यं महासुरम्।।

जघान शरणं तत्स्यात्सर्वशत्रुहरं परम्।

ध्यात्वा पञ्चमुखं रुद्रं हनुमन्तं दयानिधिम्।।

खड़्गं त्रिशूलं खट्वाङ्गं पाशमङ्कुशपर्वतम्।

मुष्टिं कौमोदकीं वृक्षं धारयन्तं कमण्डलुम्।।

भिन्दिपालं ज्ञानमुद्रां दशभिर्मुनिपुङ्गवम्।

एतान्यायुधजालानि धारयन्तं भजाम्यहम्।।

प्रेतासनोपविष्टं तं सर्वाभरणभूषितम्।

दिव्यमाल्याम्बरधरं दिव्यगन्धानुलेपनम्।।

सर्वाश्‍चर्यमयं देवं हनुमद्विश्‍वतो मुखम्।

पञ्चास्यमच्युतमनेकविचित्रवर्णवक्त्रं।।

शशाङ्कशिखरं कपिराजवर्यम्।

पीताम्बरादिमुकुटैरुपशोभिताङ्गं

पिङ्गाक्षमाद्यमनिशं मनसा स्मरामि।।

मर्कटेशं महोत्साहं सर्वशत्रुहरं परम्।

शत्रुं संहर मां रक्ष श्रीमन्नापदमुद्धर।।

ॐ हरिमर्कट मर्कट मन्त्रमिदं परिलिख्यति लिख्यति वामतले।

यदि नश्यति नश्यति शत्रुकुलं यदि मुञ्चति मुञ्चति वामलता।।

पांचवे बड़े मंगल की पूजा विधि ( 5th Bada Mangal 2026 Puja Vidhi)

सुबह जल्दी उठें और स्नान करके लाल रंग के साफ वस्त्र धारण करें।

घर के मंदिर की अच्छी तरह सफाई करें और एक लकड़ी की चौकी पर हनुमान जी की तस्वीर या मूर्ति स्थापित करें।

बजरंगबली को लाल फूल, सिंदूर, चमेली का तेल, तुलसी की माला, लाल चोला और लड्डू आदि चीजें चढ़ाएं।

हनुमान जी के आगे सरसों के तेल या चमेली के तेल का दीपक जलाएं।

हनुमान चालीसा, पंचमुखी हनुमान कवच और सुंदरकांड का पाठ करें।

अंत में हनुमान जी की आरती से करें और प्रसाद बांटें।

Story first published: Tuesday, June 2, 2026, 6:15 [IST]
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