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How to Prevent From Brain Stroke : देशभर में शीतलहर यानी कोल्डवेब का प्रकोप जारी है, जिसकी वजह से लोगों का रजाई-कंबल से बाहर निकलना भी मुश्किल हो गया है। ठंडी हवा सेहत के लिए जानलेवा साबित हो सकती है और ठंड बढ़ने के साथ ही ब्रेन स्ट्रोक का खतरा भी बढ़ जाता है। ठंड में खून की सप्लाई वाली नसें सिकुड़ जाती हैं, जिससे उनमें प्रेशर बढ़ जाता है। यह स्थिति नस फटने का खतरा पैदा करती है, जिससे ब्रेन स्ट्रोक के मामलों में वृद्धि होती है।
हाल ही में ठंड के कारण पिछले तीन दिनों में ब्रेन स्ट्रोक की वजह से झारखंड की राजधानी में 13 लोगों की मौत हो चुकी है। एक्सपर्ट की मानें तो ठंड के मौसम में ब्रेन स्ट्रोक की समस्या बढ़ जाती है। ठंड से ब्रेन की नसें सिकुड़ जाती हैं, जिससे खतरनाक स्थिति उत्पन्न हो सकती है। यह समस्या हर उम्र के लोगों को प्रभावित करती है और गंभीर मामलों में जानलेवा हो सकती है। आइए जानते हैं कि इस समस्या से कैसे बचें और किन बातों का ध्यान रखें?

ये लोग रहें बचकर
सवाई मान सिंह चिकित्सालय जयपुर की वरिष्ठ आचार्य एवं विभागाध्यक्ष न्यूरोलॉजी डिपार्टमेंट की डॉक्टर भावना शर्मा ने बताया कि बच्चे, बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं, कमजोर इम्युनिटी वाले लोग या गंभीर बीमारी से ग्रस्त व्यक्तियों को ठंड में विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। ठंडी हवाओं से उनकी ब्रेन नसों में सिकुड़न या ब्लॉकेज हो सकता है।
फैट भी बनता है ब्रेन स्ट्रोक की वजह
ठंड में कॉलेस्ट्रॉल की समस्या खूब बढ जाती है, इसकी एक वजह है कि हम खूब फैट वाला भोजन इस मौसम में करते हैं। जिस वजह से शरीर में फैट स्टोरेज ज्यादा होता है और बॉडी एक्टिविटीज में कमी की वजह से ठंड में खून गाढा हो जाता है, जो ब्लॉकेज की वजह बनता है। इसके अलावा हम पानी भी इस मौसम में कम पीते है, यह भी एक वजह होती है। इसलिए इस मौसम में खूब पानी पिएं और रात को हैवी खाना खाएं।
बीपी चेक करके स्ट्रोक से बच सकते हैं आप
डॉक्टर भावना शर्मा ने बताया कि अगर आपको रात में कभी भी घुटन सी महसूस होती है, तो तुरंत बीपी चेक करें, इस मौसम में खून की नसें सिकुड़ने की वजह से ब्लड प्रेशर का दवाब बढ जाता है, जिस वजह से बीपी हाई की समस्या भी होती है। अगर आपका ब्लड प्रेशर हाई है और सामान्य नहीं हो पा रहा है, तो तुरंत डॉक्टर से मिले।
स्ट्रोक से बचने के लिए इन बातों का ध्यान रखें
- डॉ. ने बताया कि विशेष वर्ग को ठंड में सावधानी रखनी चाहिए। सुबह 6:30 बजे के बाद ही हल्के गर्म पानी से नहाएं। ठंडा पानी बिल्कुल न इस्तेमाल करें और पानी डालते समय इसे सीधे सिर पर न डालें, ताकि ठंड से बचा जा सके।
- सुबह-सुबह मॉर्निंग वॉक पर न जाएं, हल्की धूप आने के बाद ही निकलें। गर्म पानी से नहाने के बाद ठंड में तुरंत न जाएं, और ठंडे पानी से नहाने के बाद सीधे धूप में न बैठें। तापमान में अचानक बदलाव ब्रेन स्ट्रोक का कारण बन सकता है।
- कोशिश करें कि दिन में कुछ देर धूप में बैठें और इस समय गर्म चीजों का सेवन करें, जैसे हल्दी के लड्डू और आंवले जैसे खाद्य पदार्थ डाइट में शामिल करना सेहत के लिए फायदेमंद रहेगा, खासकर ठंडे मौसम में।
- नवजात शिशुओं को गर्म तेल से मालिश करें और उनके डायपर को समय-समय पर बदलते रहें, ताकि वे गीले न रहें।
- इसके अलावा, घर में अंगीठी या रूम हीटर का उपयोग कम करें, क्योंकि इससे शरीर गर्म हो जाता है और ठंडी हवा लगने से ब्रेन स्ट्रोक का खतरा बढ़ सकता है। इससे बेहतर है कि गर्म कपड़े पहनकर शरीर को गर्म रखा जाए।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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