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एंजायटी और मानसिक तनाव को जड़ से दूर करते हैं ये 6 प्राणायाम, जानें करने का सही तरीका
International Yoga Day 2026-Best Pranayama For Stress Relief: विश्व योग दिवस (International Yoga Day 2026) जो हर साल 21 जून को मनाया जाता है। इस विशेष अवसर पर, जहां पूरी दुनिया शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने का संकल्प ले रही है, हमें यह समझना होगा कि आज के दौर की सबसे बड़ी चुनौती शारीरिक बीमारियों से ज्यादा मानसिक तनाव (Stress), एंजायटी (Anxiety) और डिप्रेशन हैं। जब हमारा दिमाग विचारों के भंवर में फंस जाता है, तो दवाइयों से ज्यादा हमारी सांसों की गति काम आती है। प्राणायाम (Pranayama) केवल सांस लेने की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह हमारे नर्वस सिस्टम को रीबूट करने का सबसे शक्तिशाली विज्ञान है। आइए जानते हैं दिमाग को पूरी तरह शांत और स्ट्रेस-फ्री रखने वाले इन 6 जादुई प्राणायामों के बारे में और उन्हें करने का बिल्कुल सही तरीका।

1. भ्रामरी प्राणायाम (Bee Breath)
यह प्राणायाम मस्तिष्क की नसों को रिलैक्स करने और एंग्जायटी को तुरंत कम करने के लिए संजीवनी माना जाता है। इसके अभ्यास से निकलने वाली गूंज मन को शांत करती है।
सही तरीका: सुखासन में बैठें। अपनी दोनों तर्जनी उंगलियों को कानों के छोटे हिस्से (Tragus) पर रखें या शनमुखी मुद्रा बनाएं। आंखें बंद करें, नाक से गहरी सांस लें और सांस छोड़ते हुए मुंह बंद रखकर मधुमक्खी की तरह "मूं..." (Humming) की आवाज निकालें। इसे 5-7 बार दोहराएं।
2. अनुलोम-विलोम प्राणायाम (Alternate Nostril Breathing) - मानसिक संतुलन के लिए
यह प्राणायाम हमारे मस्तिष्क के बाएं (Left) और दाएं (Right) हिस्से को संतुलित करता है, जिससे मूड स्विंग्स और डिप्रेशन की समस्या जड़ से खत्म होती है।
सही तरीका: सुखासन में बैठें। दाएं हाथ के अंगूठे से दाईं नासिका (Right Nostril) को बंद करें और बाईं ओर से गहरी सांस लें। अब बाईं नासिका को उंगली से बंद करें और दाईं ओर से सांस छोड़ें। फिर दाईं ओर से सांस लें और बाईं ओर से छोड़ें। इसे 10 मिनट तक करें।
3. चंद्रनाड़ी प्राणायाम (Left Nostril Breathing) - शरीर और दिमाग को शीतलता देने के लिए
बाईं नासिका को चंद्रनाड़ी कहा जाता है, जो हमारे शरीर को ठंडक पहुंचाती है और हाइपरटेंशन व घबराहट को तुरंत कंट्रोल करती है।
सही तरीका: अपने दाएं अंगूठे से दाईं नासिका को पूरी तरह बंद कर लें। अब केवल बाईं नासिका (Left Nostril) से ही सांस लें और उसी से छोड़ें। यह अभ्यास मन के गुस्से और तनाव को शांत करने के लिए सबसे बेहतरीन है।
4. सूर्यनाड़ी प्राणायाम (Right Nostril Breathing) - डिप्रेशन और सुस्ती भगाने के लिए
दाईं नासिका को सूर्यनाड़ी कहा जाता है, जो शरीर में ऊर्जा और उत्साह का संचार करती है। अगर तनाव के कारण आप डिप्रेशन या बहुत ज्यादा सुस्ती महसूस कर रहे हैं, तो यह बेस्ट है।
सही तरीका: अपनी बाईं नासिका को बंद करें और केवल दाईं नासिका (Right Nostril) से सांस लें और छोड़ें। इससे शरीर का एनर्जी लेवल तुरंत बूस्ट होता है।
5. भस्त्रिका प्राणायाम (Bellows Breath) - ब्लॉक्ड एनर्जी और नेगेटिविटी को निकाले बाहर
भस्त्रिका प्राणायाम करने से मस्तिष्क में ऑक्सीजन की मात्रा बहुत तेजी से बढ़ती है, जिससे नकारात्मक विचार और मानसिक भारीपन दूर होता है।
सही तरीका: रीढ़ की हड्डी सीधी करके बैठें। दोनों हाथों को ऊपर ले जाते हुए मुट्ठी खोलें और तेजी से गहरी सांस लें। हाथ नीचे लाते हुए तेजी से सांस बाहर छोड़ें। ध्यान रहे कि जिन लोगों को बहुत गंभीर एंजायटी या हाई बीपी है, वे इसे बहुत धीमी गति से करें।
6. कपालभाति प्राणायाम (Skull Shining Breath) - मानसिक विकारों का शुद्धिकरण
यद्यपि कपालभाति को एक 'शटकर्म' (शुद्धि क्रिया) माना जाता है, लेकिन इसके नियमित अभ्यास से माथे (कपाल) पर चमक आती है और मस्तिष्क के सभी टॉक्सिन्स बाहर निकल जाते हैं।
सही तरीका: आराम से बैठ जाएं और अपनी रीढ़ को सीधा रखें। गहरी सांस अंदर लें। अब सांस को बाहर छोड़ते हुए अपने पेट को अंदर की तरफ खींचें। सांस को अंदर लेने के लिए प्रयास न करें, वह अपने आप अंदर आएगी। केवल सांस को सक्रिय रूप से बाहर छोड़ने पर ध्यान केंद्रित करें।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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